महाकुंभ : श्रद्धालुओं को आग और पानी से बचाएंगे 200 स्पेशल कमांडो, हैदराबाद में किया गया प्रशिक्षित
विभाग ने लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, इटावा, गाजियाबाद, वाराणसी, गाजीपुर, गोरखपुर, फतेहपुर, कौशाम्बी, मिर्जापुर और आगरा समेत अन्य जिलों से 200 जवानों टीम बनाई है। इन्हें हैदराबाद के अलावा अलग-अलग एजेंसीज ने प्रशिक्षित किया है।
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महाकुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को हादसे से बचाने के लिए अग्निशमन विभाग ने 200 जवानों को स्पेशल कमांडो की ट्रेनिंग दी है। यह कमांडो डूबने वालों को बचाने और आग से निपटने समेत अन्य तकनीक से प्रशिक्षित होंगे।
विभाग ने लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, इटावा, गाजियाबाद, वाराणसी, गाजीपुर, गोरखपुर, फतेहपुर, कौशाम्बी, मिर्जापुर और आगरा समेत अन्य जिलों से 200 जवानों टीम बनाई है। इन्हें हैदराबाद के अलावा अलग-अलग एजेंसीज ने प्रशिक्षित किया है।
जवानों को तैराकी, आग से निपटने, संगम में डूबे हुए लोगों को तलाशने, आग पर काबू पाना, लंबी दूरी तक तैराकी करना समेत अन्य कई तरीके से लोगों को बचाने में महारथ हासिल है। उन्हें रोजाना छह से सात घंटे तक ट्रेनिंग दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि इन जांबाजों को चिह्नित करने के लिए प्रदेश के सभी जिलों से कम उम्र के पुलिसकर्मियों को मांगा गया था। इनमें अग्निशमन विभाग के अलावा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और सिविल डिफेंस के जवान शामिल हैं।
दिसंबर के पहले सप्ताह उतारेंगे कमांडो
मेला क्षेत्र में यह जांबाज दिसंबर के पहले सप्ताह से दिखने लगेंगे। अधिकारियों ने बताया कि वर्दी की वजह से इन्हें दूर से भी पहचाना जा सकेगा। वर्दी को अलग तरीके से डिजाइन किया गया है। फायर प्रूफ वर्दी में फर्स्ट ऐड किट भी रहेगी। ऐसे में जांबाजों को कहीं कोई घायल मिलता है तो उसका तुरंत इलाज भी कर सकेंगे।
महाकुंभ को देखते हुए प्रदेश से 20 से 35 वर्ष के तकरीबन 200 जवानों को कमांडो की ट्रेनिंग दी गई है। सभी अत्याधुनिक तकनीक से प्रशिक्षित होंगे। इनकी वर्दी भी खास तरह की बनाई जा रही है। दिसंबर के पहले सप्ताह इन सभी को मेला क्षेत्र में उतार दिया जाएगा। - प्रमोद शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, महाकुंभ