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झारखंड-पश्चिम बंगाल के 20 शातिर गिरफ्तार, 15 लाख मूल्य के 78 महंगे मोबाइल बरामद
Sun, 04 Oct 2020 01:49 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 04 Oct 2020 01:49 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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कैंट पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मोबाइल चोरों के बड़े गिरोह का खुलासा करते हुए 20 शातिरों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी झारखंड और पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। यहां किराये पर कमरा लेकर मोबाइल चोरी करते थे। मोबाइल चुराने के बाद वह इसे पश्चिम बंगाल पहुंचाते, जहां से तस्करी के माध्यम से मोबाइल बांग्लादेश भेज दिए जाते। उनके पास से फर्जी आधार कार्ड भी मिले हैं, जिनका प्रयोग किराये पर कमरा लेने के लिए किया जाता था। गैंग में और भी लोग शामिल हैं। उनकी तलाश की जा रही है। कुछ स्थानीय लोग भी उनके साथ मिले हैं, जिनके बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है।
शहर में मोबाइल चोरों का यह गिरोह लंबे अर्से से सक्रिय है। अक्सर यहां से चोरी किए गए मोबाइल की लोकेशन पश्चिम बंगाल के मालदा में मिलती थी। कैंट इंस्पेक्टर नीरज वालिया और क्राइम ब्रांच प्रभारी बृजेश सिंह की टीम ने शनिवार को नेवादा के पास 20 आरोपियों को पकड़ा। पकड़े गए सभी पश्चिम बंगाल और झारखंड के रहने वाले हैं। उनके घरों में दबिश देकर 78 मोबाइल बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार इन मोबाइल की कीमत तकरीबन 15 लाख रुपये है। आरोपियों के पास से छह असली आधार कार्ड और छह फर्जी आधार कार्ड भी मिले।
आरोपियों ने बताया कि वह लंबे समय से यहां कमरा किराये पर लेकर रहते हैं। तीन-चार के समूह में शहर और गांव के भीड़भाड़ वाले इलाकों में जेब से मोबाइल निकाल लेते थे। जब 30-40 मोबाइल इकट्ठा हो जाते तो गिरोह के तीन चार लोग पश्चिम बंगाल के मालदा जाकर मोबाइल बेच देते थे। रुपये का बराबर से बंटवारा कर दिया जाता था। वहां से मोबाइल तस्करी के माध्यम से बांग्लादेश भेज दिया जाता था। क्राइम ब्रांच प्रभारी बृजेश सिंह ने बताया कि इस संगठित गिरोह के कई स्थानीय साथी भी हैं, उनके बारे में जानकारी हो गई है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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शहर में मोबाइल चोरों का यह गिरोह लंबे अर्से से सक्रिय है। अक्सर यहां से चोरी किए गए मोबाइल की लोकेशन पश्चिम बंगाल के मालदा में मिलती थी। कैंट इंस्पेक्टर नीरज वालिया और क्राइम ब्रांच प्रभारी बृजेश सिंह की टीम ने शनिवार को नेवादा के पास 20 आरोपियों को पकड़ा। पकड़े गए सभी पश्चिम बंगाल और झारखंड के रहने वाले हैं। उनके घरों में दबिश देकर 78 मोबाइल बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार इन मोबाइल की कीमत तकरीबन 15 लाख रुपये है। आरोपियों के पास से छह असली आधार कार्ड और छह फर्जी आधार कार्ड भी मिले।
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आरोपियों ने बताया कि वह लंबे समय से यहां कमरा किराये पर लेकर रहते हैं। तीन-चार के समूह में शहर और गांव के भीड़भाड़ वाले इलाकों में जेब से मोबाइल निकाल लेते थे। जब 30-40 मोबाइल इकट्ठा हो जाते तो गिरोह के तीन चार लोग पश्चिम बंगाल के मालदा जाकर मोबाइल बेच देते थे। रुपये का बराबर से बंटवारा कर दिया जाता था। वहां से मोबाइल तस्करी के माध्यम से बांग्लादेश भेज दिया जाता था। क्राइम ब्रांच प्रभारी बृजेश सिंह ने बताया कि इस संगठित गिरोह के कई स्थानीय साथी भी हैं, उनके बारे में जानकारी हो गई है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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