फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   20 bucks and one chinkara killed in attack by stray dogs, stir in forest department

Prayagraj :  हिरनों के बाड़े में आवारा कुत्तों के झुुंड ने किया हमला, 20 हिरन और एक चिंकारे की मौत

Wed, 28 Dec 2022 07:25 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 28 Dec 2022 07:25 PM IST
सार

वन विभाग की टीम मंगलवार की दोपहर गेस्ट हाउस पहुंची तथा मारे गए हिरनों का पशु चिकित्सकों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया। बाद में सभी हिरनों को गेस्ट हाउस परिसर में ही दफन कर दिया गया। एक साथ डेढ़ दर्जन से ज्यादा हिरनों की मौत से ग्रामीणों में भी खलबली मची रही। 

विज्ञापन
20 bucks and one chinkara killed in attack by stray dogs, stir in forest department
चिंकारा। सांकेतिक चित्र। - फोटो : social media

विस्तार

थाना क्षेत्र के छतनाग गांव स्थित एमपी बिरला गेस्ट हाउस परिसर के बाड़े में रखे गए हिरनों के कुनबे पर सोमवार की आधी रात आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। आवारा कुत्ते तकरीबन छह फीट ऊंचे बाड़े की बैरीकेडिंग को फांदकर भीतर घुसे थे। कुत्तों के हमले में 20 हिरनों तथा एक चिंकारे की मौत हो गई।

विज्ञापन


मंगलवार की सुबह गेस्ट हाउस में काम करने वाले कर्मचारियों की नजर बाड़े में खून से लथपथ मरे पड़े हिरनों के झुंड पर पड़ी तो सभी सन्न रह गए। वन विभाग की टीम गेस्ट हाउस पहुंची तथा मारे गए हिरनों का पोस्टमार्टम कराया गया। बाद में सभी हिरनों को गेस्ट हाउस परिसर में ही दफन कर दिया गया। 

विज्ञापन

20 bucks and one chinkara killed in attack by stray dogs, stir in forest department
बिरला गेस्ट हाउस प्रयागराज। - फोटो : अमर उजाला

कानन गेस्ट हाउस में बाड़ा बनाकर पाले गए थे हिरन
छतनाग गांव में बिरला आनंद कानन गेस्ट हाउस परिसर के भीतर हिरनों के एक कुनबे को बाड़ा बनाकर रखा गया है। वन विभाग से लाइसेंस मिलने के बाद बाड़े को स्थापित किया गया था। गेस्ट हाउस परिसर से सटा हिस्सा गंगातट का किनारा है। यहां पर काफी संख्या में आवारा कुत्ते हैं। सोमवार की देर रात को तकरीबन एक दर्जन कुत्तों के झुंड ने हिरनों के बाड़े पर हमला कर दिया। आवारा कुत्तों का झुंड हिरनों के बाड़े के तकरीबन छह फीट ऊंचे बैरिकेडिंग को फांदकर भीतर घुसा। कुत्तों के झुंड ने हिरनों पर हमला बोल दिया। इनमें से सात से ज्यादा हिरनों को कुत्तों के झुंड ने नोचकर बुरी तरह लहूलुहान कर दिया था। 

अन्य हिरनों पर पर भी कुत्तों ने हमला कर जख्मी कर दिया था। कुत्तों के हमले में 20 हिरन तथा एक चिंकारे की मौत हो गई। सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी फूलपुर अशोक कुमार, वन दरोगा इंद्रकांत सिंह के अलावा पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची। बाद में सभी हिरनों का पोस्टमार्टम करने के बाद उन्हें गेस्ट हाउस परिसर में ही दफना दिया गया। 

बिरला गेस्ट हाउस के भीतर एक बाड़े में हिरनों को रखा गया था। गेस्ट हाउस के कर्मचारियों ने मंगलवार की सुबह वन दरोगा इंद्रकांत को हिरनों के मारे जाने की जानकारी दी थी। वन दरोगा की सूचना पर मैं भी वहां पहुंचा। देखा तो बाड़े के भीतर हिरनों का झुंड खून से लथपथ मरा पड़ा था। इनमें से सात हिरनों को कुत्तों ने बुरी तरह नोच भी दिया था। पशु चिकित्सकों की टीम ने सभी हिरनों का पोस्टमार्टम किया है- अशोक कुमार, वन क्षेत्राधिकारी, रेंज फूलपुर 

विज्ञापन

चार पशु चिकित्सकों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
झूंसी। मारे गए हिरनों का पोस्टमार्टम मंगलवार की दोपहर चार पशु चिकित्सकों के पैनल ने किया। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार की अगुवाई में झूंसी पशु अस्पताल के चिकित्सा प्रभारी डॉ. वैभव मिश्र, बहादुरपुर के प्रभारी डॉ. शशि भूषण तथा सहसों प्रभारी डॉ. अनिल यादव हिरनों का पोस्टमार्टम करने बिरला गेस्ट हाउस पहुंचे थे। पशु चिकित्सकों के मुताबिक हिरनों का पोस्टमार्टम तकरीबन दो घंटे तक चला। चिकित्सकों के मुताबिक कुत्तों ने हमले के बाद कई हिरनों के मांस को भी आधे से ज्यादा खा लिया था। 

रातभर कुत्तों का झुंड हिरनों को नोचता रहा और कर्मचारियों को खबर तक नहीं लगी
झूंसी। गेस्ट हाउस के बाड़े में रातभर आवारा कुत्तों का झुंड उन्हें नोचता रहा और वहां पर तैनात कर्मचारियों को भनक तक नहीं लगी। गेस्ट हाउस के भीतर तकरीबन आधे बिस्वे भू भाग पर हिरनों को रखने के लिए बाड़ा बनाया गया है। हिरनों के बाड़े से महज 20 मीटर की दूरी पर ही कर्मचारियों का आवास है। इस मामले में गेस्ट हाउस के कर्मचारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वे कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थे। कर्मचारियों ने झूंसी पुलिस को भी इसकी जानकारी नहीं दी। इस बाबत इंस्पेक्टर झूंसी वैभव सिंह ने बताया कि उन्हें भी बुधवार को ही जानकारी मिली है। गेस्ट हाउस के कर्मचारियों ने वन विभाग को सूचना दी थी।

झूंसी पुलिस को भी नहीं दी गई घटना की जानकारी 
वन्य जीव अधिनियिम के तहत पाले गए हिरनों की मौत की खबर इलाकाई पुलिस को भी देना जरूरी माना जाता है। लेकिन बिरला गेस्ट हाउस के कर्मचारियों ने झूंसी पुलिस को इसकी जानकारी देना उचित नहीं समझा। इस बाबत इंस्पेक्टर झूंसी वैभव सिंह ने बताया कि उन्हें भी आज ही जानकारी मिली है। मंगलवार को गेस्ट हाउस के कर्मचारियों ने वन विभाग को सूचना दी थी।

बिरला हाउस प्रबंधन के चार संदिग्धों पर हुआ मुकदमा दर्ज
झूंसी के छतनाग गांव स्थित एमपी बिरला गेस्ट हाउस में हिरणों की मौत की जांच करने वन विभाग की टीम पहुंची। वन विभाग के प्रभारी निदेशक महावीर कौजलगी ने मौका मुआयना किया। जिसके बाद वन जीव संरक्षण अधिनियम के तहत बिरला हाउस प्रबंधन के चार संदिग्धों कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं, इस मामले में विभाग द्वारा सहायक वन संरक्षक कुंज मोहन वर्मा के नेतृत्व में एक जांच टीम का भी गठन किया है। बता दें कि मंगलवार को एमपी बिरला गेस्ट हाउस में पाले गए 20 हिरण व एक चिंकारा के ऊपर आवारा कुत्तों द्वारा हमला कर दिया गया था। जिसमें एक दर्जन हिरणों की मौत हो गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed