1988 लोकसभा चुनाव : कांशीराम के सभास्थल पर रामायण के राम ने जमा लिया था कब्जा
इलाहाबाद लोकसभा क्षेत्र में 1988 में हुए लोकसभा उप चुनाव का एक वाकया अभी तक लोगों के जेहन में ताजा है। बात उस समय की है जब उप चुनाव में जसरा इलाके में कांशीराम की सभा के लिए बसपा कार्यकर्ताओं ने रातभर जागकर मंच तैयार किया, लेकिन कांशीराम के आने के कुछ देर पहले ही रामायण के राम अरुण गोविल वहां सभा करने के लिए पहुंच गए। इसके बाद पहुंचे कांशीराम को दूसरी जगह सभा करनी पड़ी।
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1988 के लोकसभा उपचुनाव में इलाहाबाद सीट पर जसरा के रामलीला मैदान पर बसपा के सभास्थल पर कांग्रेसियों के कब्जा जमाने की घटना अब भी लोग भूले नहीं हैं। बताते हैं कि बसपा संस्थापक कांशीराम के समर्थकों ने जहां रातभर पसीना बहाकर मंच बनवाया और झंडे-बैनर लगाए थे, वहां सुबह कांग्रेसियों ने रामायण सीरियल में राम का किरदार निभाने वाले अभिनेता अरुण गोविल की सभा करा दी थी।
वह उपचुनाव बहुत दिलचस्प माना जाता है। इसके पहले लोकसभा चुनाव में अमिताभ बच्चन ने हेमवती नंदन बहुगुणा को हरा कर इलाहाबाद सीट पर रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की थी। इसके बाद उपचुनाव में विश्वनाथ प्रताप सिंह जहां संयुक्त विपक्ष के प्रत्याशी थे, वहीं पर लाल बहादुर शास्त्री के पुत्र सुनील शास्त्री कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे थे। उस समय भारतीय राजनीति में कांशीराम तेजी से आगे बढ़ रहे थे। वह भी बहुजन समाज पार्टी से चुनाव मैदान में उतरे थे। पूरे देश की नजर इलाहाबाद के उपचुनाव पर थी।
राजनीतिक दलों की ओर से अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में स्टार प्रचारकों की आवाजाही लगी थी। मतदाताओं को लुभाने के लिए एक से एक स्टार प्रचारक मैदान में उतारे जा रहे थे। जसरा बाजार के रामलीला मैदान में कांशीराम की सभा के लिए बसपाइयों ने रातभर मेहनत की थी। रतन केशरवानी बताते हैं कि मैदान की साफ-सफाई के बाद वहां झंडे-बैनर भी लगा दिए गए थे। अचानक उसी सुबह लोगों को पता चला कि जसरा रामलीला के मैदान पर उसी दिन रामायण सीरियल के राम की सभा प्रस्तावित कर दी गई।
फूल और आरती की सामग्री लेकर पहुंचे थे ग्रामीण
कांग्रेस प्रत्याशी सुनील शास्त्री के समर्थन में जसरा रामलीला मैदान पर सुबह से ही कांग्रेसियों की भीड़ लगने लगी। प्रचारित किया जाने लगा कि कुछ देर में ही वहां अरुण गोविल आने वाले हैं। देखते- देखते पूरा मैदान व बाजार अरुण गोविल को देखने वालों से भर गया। उस चुनाव के साक्षी रहे 80 वर्षीय शंभू खरे बताते हैं कि अरुण गोविल के लिए गांव के दूर-दूर से लोग अपने घरों से फूल और आरती की सामग्री लेकर आए थे। कांशीराम पहुंचे तो कार्यक्रमस्थल का नजारा ही बदल गया था। इसके बाद वह समर्थकों के साथ जसरा बाजार में दलित बस्ती के अंदर काका गुटकाई के घर के सामने सभा की।
अरुण को देखने के लिए जुटी भीड़ को देख उस समय झटका लगा, जब वह सभास्थल पर वीआईपी कार से पहुंचे। वह मुख्य सड़क से ही अपनी गाड़ी के ऊपर खड़े होकर भीड़ को संबोधित कर आगे बढ़ गए। उन्होंने सभास्थल के मंच तक जाना भी जरूरी नहीं समझा। इस चुनाव में विश्वनाथ प्रताप सिंह ने 2,02,996 मत प्राप्त कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। सुनील शास्त्री ने 92,245 मत प्राप्त किए थे। बसपा के उम्मीदवार के रूप में कांशीराम को 69,517 मिले थे।