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भूमि का स्वामित्व बदलने के आदेश पर रोक बरकार
Updated Sat, 15 Dec 2018 09:31 PM IST
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भूमि का स्वामित्व बदलने के आदेश पर रोक बरकरार
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने अलीगढ़ की कोली तहसील स्थित एक विवादित भूमि का स्वामित्व बदलने के एसडीएम कोली के आदेश पर लगी रोक को बरकरार रखा है तथा प्रदेश सरकार और अन्य पक्षकारों को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
कृष्णपाल सिंह की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा ने दिया। याची का कहना था कि रेवेन्यू कोड 2006 की धारा 38 के तहत दाखिल एक संशोधन अर्जी पर एसडीएम ने उसकी भूमि का स्वामित्व नगर निगम को सौंप दिया। जबकि याची को चकबंदी के दौरान उस भूमि का स्वामी घोषित किया जा चुका है। धारा 38 में एसडीएम को सिर्फ गलती संशोधित करने का अधिकार है स्वामित्व तय करने का हक नहीं है। हाईकोर्ट ने 28 नवंबर 2018 को एसडीएम के आदेश पर रोक लगा दी थी।
मामले की अगली सुनवाई पर याची की ओर से बताया गया कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद एसडीएम के आदेश के तहत कार्यवाही की जा रही है। याची ने इस संबंध में एक अर्जी भी दाखिल की है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को एक जवाब दाखिल करने की मोहलत देते हुए विवादित भूमि पर दिए 28 नवंबर के आदेश को बरकरार रखा है। याचिका पर नौ जनवरी को अगली सुनवाई होगी।
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प्रयागराज। हाईकोर्ट ने अलीगढ़ की कोली तहसील स्थित एक विवादित भूमि का स्वामित्व बदलने के एसडीएम कोली के आदेश पर लगी रोक को बरकरार रखा है तथा प्रदेश सरकार और अन्य पक्षकारों को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
कृष्णपाल सिंह की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा ने दिया। याची का कहना था कि रेवेन्यू कोड 2006 की धारा 38 के तहत दाखिल एक संशोधन अर्जी पर एसडीएम ने उसकी भूमि का स्वामित्व नगर निगम को सौंप दिया। जबकि याची को चकबंदी के दौरान उस भूमि का स्वामी घोषित किया जा चुका है। धारा 38 में एसडीएम को सिर्फ गलती संशोधित करने का अधिकार है स्वामित्व तय करने का हक नहीं है। हाईकोर्ट ने 28 नवंबर 2018 को एसडीएम के आदेश पर रोक लगा दी थी।
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मामले की अगली सुनवाई पर याची की ओर से बताया गया कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद एसडीएम के आदेश के तहत कार्यवाही की जा रही है। याची ने इस संबंध में एक अर्जी भी दाखिल की है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को एक जवाब दाखिल करने की मोहलत देते हुए विवादित भूमि पर दिए 28 नवंबर के आदेश को बरकरार रखा है। याचिका पर नौ जनवरी को अगली सुनवाई होगी।
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