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रेल परीक्षा में फर्जी फिंगर प्रिंट इस्तेमाल करने वाला अभ्यथीऱ् डिबार
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फर्जी फिंगरप्रिंट इस्तेमाल करने वाला अभ्यर्थी डिबार
0 रेलवे ग्रुप डी परीक्षा: अब तक 23 अभ्यर्थियों के फिंगरप्रिंट हुए हैं मिसमैच
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ (आरआरसी) प्रयागराज ने ग्रुप डी की भर्ती परीक्षा में दस्तावेज केे सत्यापन के दौरान फर्जी फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करने वाले अभ्यर्थी को डिबार कर दिया है। आरआरसी प्रशासन द्वारा दस्तावेज के सत्यापन में अब तक 23 ऐसे अभ्यर्थी चिह्नित किए हैं, जिनके फिंगरप्रिंट मिसमैच हुए हैं। हालांकि, आरआरसी प्रशासन की ओर से ऐसे अभ्यर्थियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन विभागीय जांच बैठा दी गई है।
दरअसल, ग्रुप डी के 4760 पदों के लिए पिछले दिनों हुई शारीरिक दक्षता परीक्षा को क्वालीफाई कर चुके अभ्यर्थियों के डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन का काम 26 अप्रैल से शुरू हुआ है। बृहस्पतिवार को वाल्मीकि चौराहा स्थित आरआरसी दफ्तर पर दस्तावेज के सत्यापन का कार्य चल रहा था। इस दौरान डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन अफसर पराग गुप्ता ने क्रम संख्या 555 के अभ्यर्थी राजनीतिक राज पुत्र अशोक कुमार के लिखित परीक्षा (सीबीटी) के दौरान लिए गए फिंगरप्रिंट से मिलान किया तो पता चला कि उसने अपने अंगुठे में प्लास्टिक का फर्जी फिंगरप्रिंट लगा रखा था। फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद अभ्यर्थी से पूछताछ की गई तो पूरा मामला सामने आ गया। इसके बाद सिविल लाइंस थाने पहुंचकर आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। साथ ही उसके पास से बरामद फर्जी फिंगरप्रिंट भी सौंप दिया गया। बताया जा रहा है लिखित परीक्षा के दौरान आरोपी अभ्यर्थी के स्थान पर दूसरे अभ्यर्थी ने परीक्षा दी।
आरआरसी चेयरमैन विवेक प्रकाश के मुताबिक आरोपी अभ्यर्थी परीक्षा को डिबार कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 26 अप्रैल से दस्तावेज सत्यापन के दौरान अब 23 अभ्यर्थी ऐसे मिले हैं, जिनके फिंगरप्रिंट मिसमैच हुए हैं। उन्होंने बताया कि संबधित अभ्यर्थी के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। वहीं दूसरी ओर शुक्रवार को दस्तावेज सत्यापन के लिए कुल 120 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। इसमें से 102 ही जांच प्रक्रिया के लिए आरआरसी दफ्तर पहुंचे।
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0 रेलवे ग्रुप डी परीक्षा: अब तक 23 अभ्यर्थियों के फिंगरप्रिंट हुए हैं मिसमैच
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ (आरआरसी) प्रयागराज ने ग्रुप डी की भर्ती परीक्षा में दस्तावेज केे सत्यापन के दौरान फर्जी फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करने वाले अभ्यर्थी को डिबार कर दिया है। आरआरसी प्रशासन द्वारा दस्तावेज के सत्यापन में अब तक 23 ऐसे अभ्यर्थी चिह्नित किए हैं, जिनके फिंगरप्रिंट मिसमैच हुए हैं। हालांकि, आरआरसी प्रशासन की ओर से ऐसे अभ्यर्थियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन विभागीय जांच बैठा दी गई है।
दरअसल, ग्रुप डी के 4760 पदों के लिए पिछले दिनों हुई शारीरिक दक्षता परीक्षा को क्वालीफाई कर चुके अभ्यर्थियों के डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन का काम 26 अप्रैल से शुरू हुआ है। बृहस्पतिवार को वाल्मीकि चौराहा स्थित आरआरसी दफ्तर पर दस्तावेज के सत्यापन का कार्य चल रहा था। इस दौरान डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन अफसर पराग गुप्ता ने क्रम संख्या 555 के अभ्यर्थी राजनीतिक राज पुत्र अशोक कुमार के लिखित परीक्षा (सीबीटी) के दौरान लिए गए फिंगरप्रिंट से मिलान किया तो पता चला कि उसने अपने अंगुठे में प्लास्टिक का फर्जी फिंगरप्रिंट लगा रखा था। फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद अभ्यर्थी से पूछताछ की गई तो पूरा मामला सामने आ गया। इसके बाद सिविल लाइंस थाने पहुंचकर आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। साथ ही उसके पास से बरामद फर्जी फिंगरप्रिंट भी सौंप दिया गया। बताया जा रहा है लिखित परीक्षा के दौरान आरोपी अभ्यर्थी के स्थान पर दूसरे अभ्यर्थी ने परीक्षा दी।
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आरआरसी चेयरमैन विवेक प्रकाश के मुताबिक आरोपी अभ्यर्थी परीक्षा को डिबार कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि 26 अप्रैल से दस्तावेज सत्यापन के दौरान अब 23 अभ्यर्थी ऐसे मिले हैं, जिनके फिंगरप्रिंट मिसमैच हुए हैं। उन्होंने बताया कि संबधित अभ्यर्थी के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। वहीं दूसरी ओर शुक्रवार को दस्तावेज सत्यापन के लिए कुल 120 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था। इसमें से 102 ही जांच प्रक्रिया के लिए आरआरसी दफ्तर पहुंचे।
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