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कमालपुर के जंगल में दिखा तेंदुआ, दहशत में ग्रामीण
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शीशगढ़। कमालपुर गांव के जंगल में किच्छा नदी किनारे खेतों में काम कर रहे किसानों की नजर गन्ने के खेत से निकले तेंदुए पर पड़ी तो उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। कुछ किसानों ने तेंदुए को फावड़ा लेकर दौड़ाने का प्रयास किया, लेकिन तेंदुआ पलटकर गुर्राया तो वे पीछे हट गए। ग्रामीणों ने इसकी सूचना एसडीएम रोहित यादव को दी तो उन्होंने पुलिस और वन विभाग को मौके पर जाकर पड़ताल करने के निर्देश दिए।
शुक्रवार शाम करीब पांच बजे जहीर अहमद, मुन्ने, ठाकुर दास, शराफत आदि ग्रामीण पालेज में काम कर रहे थे। उसी दौरान एक तेंदुआ गन्ने के खेत से निकलकर पालेज में होते हुए रिटायर फौजी राजपाल सिंह के गन्ने के खेत में छिप गया। उन्होंने फावड़ा लेकर दौड़ाने का प्रयास किया तो तेंदुआ पलटकर गुर्राया फिर वे लोग घबराकर पीछे हट गए। राजपाल सिंह के खेत में गन्ना छील रहे मजदूर ताराचंद और सोनू ने उन्हें फोन कर जानकारी दी। राजपाल ने एसडीएम रोहित यादव को सूचना दी तो उन्होंने एसओ शीशगढ़ श्याम सिंह और वन विभाग की टीम को मौके पर जाने को कहा। एसआई प्रदीप कुमार फोर्स के साथ पहुंचे, लेकिन रात आठ बजे तक वन विभाग की टीम नहीं पहुंची। शरीफ अहमद ने बताया कि जंगल में तेंदुआ की सूचना कई दिन से मिल रही थी, लेकिन चश्मदीद न होने से यकीन नहीं हो रहा था। अब वे लोग भयभीत हैं कि कहीं रात में तेंदुआ आबादी में न घुस आए।
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शुक्रवार शाम करीब पांच बजे जहीर अहमद, मुन्ने, ठाकुर दास, शराफत आदि ग्रामीण पालेज में काम कर रहे थे। उसी दौरान एक तेंदुआ गन्ने के खेत से निकलकर पालेज में होते हुए रिटायर फौजी राजपाल सिंह के गन्ने के खेत में छिप गया। उन्होंने फावड़ा लेकर दौड़ाने का प्रयास किया तो तेंदुआ पलटकर गुर्राया फिर वे लोग घबराकर पीछे हट गए। राजपाल सिंह के खेत में गन्ना छील रहे मजदूर ताराचंद और सोनू ने उन्हें फोन कर जानकारी दी। राजपाल ने एसडीएम रोहित यादव को सूचना दी तो उन्होंने एसओ शीशगढ़ श्याम सिंह और वन विभाग की टीम को मौके पर जाने को कहा। एसआई प्रदीप कुमार फोर्स के साथ पहुंचे, लेकिन रात आठ बजे तक वन विभाग की टीम नहीं पहुंची। शरीफ अहमद ने बताया कि जंगल में तेंदुआ की सूचना कई दिन से मिल रही थी, लेकिन चश्मदीद न होने से यकीन नहीं हो रहा था। अब वे लोग भयभीत हैं कि कहीं रात में तेंदुआ आबादी में न घुस आए।
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