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ग्राम पंचायत अधिकारी पद भर्ती पर रोक लगाने से इंकार
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ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती के खिलाफ याचिकाएं खारिज
- 35885 पदों पर भर्ती में अनिमितता का आरोप
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने 35885 पदों पर ग्राम पंचायत अधिकारियों की भर्ती में अनियमितता को लेकर दाखिल याचिकाएं को खारिज कर दिया है। इस मामले को लेकर दर्जनों याचिकाओं पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने हस्तक्षेप से इंकार करते हुए याचिकाएं खारिज कर दी हैं। गौरव सक्सेना और 60 अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने सुनवाई की।
याचीगण के वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे का कहना था कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 2015 में ग्राम पंचायत अधिकारियों की भर्ती का विज्ञापन निकाला था। पद साक्षात्कार से भरा जाना है। बाद में लिखित परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया। लिखित परीक्षा परिणाम में सामान्य वर्ग को 69 अंक सेे अधिक और ओबीसी में 74 अंक तक पाने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। ओबीसी के 5885 अतिरिक्त अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में बुलाया गया। 24 दिसंबर 2016 को इसका परिणाम जारी हुआ। मानक के अनुसार साक्षात्कार के लिए एक पद पर तीन अभ्यर्थियों को बुलाना चाहिए। मगर ओबीसी कोटे में एक पद के लिए 10 अभ्यर्थियों को बुलाया गया। आयोग के अधिवक्ता का कहना था कि जब लिखित परीक्षा का आयोजन हुआ तो उसे चुनौती नहीं दी गई। अब साक्षात्कार होने के बाद असफल अभ्यर्थियों को याचिका दाखिल करने का अधिकार नहीं है। परिणाम घोषित हो चुका है इसलिए चुनौती नहीं दी जा सकती है। कोेर्ट ने याचिकाएं खारिज कर दीं।
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- 35885 पदों पर भर्ती में अनिमितता का आरोप
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने 35885 पदों पर ग्राम पंचायत अधिकारियों की भर्ती में अनियमितता को लेकर दाखिल याचिकाएं को खारिज कर दिया है। इस मामले को लेकर दर्जनों याचिकाओं पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने हस्तक्षेप से इंकार करते हुए याचिकाएं खारिज कर दी हैं। गौरव सक्सेना और 60 अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने सुनवाई की।
याचीगण के वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे का कहना था कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 2015 में ग्राम पंचायत अधिकारियों की भर्ती का विज्ञापन निकाला था। पद साक्षात्कार से भरा जाना है। बाद में लिखित परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया। लिखित परीक्षा परिणाम में सामान्य वर्ग को 69 अंक सेे अधिक और ओबीसी में 74 अंक तक पाने वाले अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। ओबीसी के 5885 अतिरिक्त अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में बुलाया गया। 24 दिसंबर 2016 को इसका परिणाम जारी हुआ। मानक के अनुसार साक्षात्कार के लिए एक पद पर तीन अभ्यर्थियों को बुलाना चाहिए। मगर ओबीसी कोटे में एक पद के लिए 10 अभ्यर्थियों को बुलाया गया। आयोग के अधिवक्ता का कहना था कि जब लिखित परीक्षा का आयोजन हुआ तो उसे चुनौती नहीं दी गई। अब साक्षात्कार होने के बाद असफल अभ्यर्थियों को याचिका दाखिल करने का अधिकार नहीं है। परिणाम घोषित हो चुका है इसलिए चुनौती नहीं दी जा सकती है। कोेर्ट ने याचिकाएं खारिज कर दीं।
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