{"_id":"5b12f5ff4f1c1b6c4d8b468d","slug":"181527969279-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कई परीक्षकों ने कॉपियां जांचने से किया इनकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कई परीक्षकों ने कॉपियां जांचने से किया इनकार
Updated Sun, 03 Jun 2018 01:24 AM IST
विज्ञापन
कई परीक्षकों ने कॉपियां जांचने से किया इंकार
0 सीबीआई जांच के दौरान यूपीपीएसी को नहीं मिल रहे मॉडरेटर
0 पीसीएस-2016 की मुख्य परीक्षा की कॉपियां जांचने में हो रही देर
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) को अब नई मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। सीबीआई जांच से घिरे आयोग को परीक्षक और मॉडरेटर नहीं मिल रहे हैं। कई परीक्षकों ने कॉपियां जांचने से इंकार कर दिया है। वे कॉपियों का मॉडरेशन करने को भी तैयार नहीं हैं। इन दिनों आयोग में पीसीएस-2015 की मुख्य परीक्षा की कॉपियां जांची जा रही हैं। इसके अलावा सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा-2013 की कॉपियों का भी मूल्यांकन हो रहा है। परीक्षकों और मॉडरेटरों के न मिलने से मूल्यांकन कार्य प्रभावित हो रहा है।
सीबीआई जांच के दौरान पीसीएस-2015 की परीक्षा में मॉडरेशन में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। तमाम कॉपियों में नंबरों के साथ छेड़छाड़ की गई है। कॉपियों में मनमाने तरीके से नंबर घटाए और बढ़ाए गए हैं। सीबीआई ने आयोग से मॉडरेटरों के नाम मांगे थे, लेकिन आयोग ने नाम देने से इंकार कर दिया था। इसके बाद आयोग में तलाशी अभियान के दौरान सीबीआई ने परीक्षकों और मॉडरेटरों के नाम की सूची अपने कब्जे में कर ली। सीबीआई संदिग्ध मॉडरेटरों को चिह्नित कर चुकी है और अब उनसे पूछताछ की तैयारी कर रही है।
सीबीआई के इस रुख के बाद आयोग के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है। उसे कॉपियां जांचने के लिए परीक्षक ही नहीं मिल रहे हैं। कॉपियां विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के वरिष्ठ शिक्षक जांचते हैं। कॉपियों का मॉडरेशन भी वहीं करते हैं। सूत्रों का कहना है कि कई परीक्षकों ने कॉपियां जांचने और मॉडरेशन करने से इंकार कर दिया है। ऐसे में पीसीएस-2016 और सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा का मूल्यांकन कार्य प्रभावित हो रहा है। उधर, आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि परीक्षकों की व्यवस्था की जा रही है। थोड़ी दिक्कत है, लेकिन इससे मूल्यांकन कार्य प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। प्रयास यही है कि मूल्यांकन कार्य समय से पूरा हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
0 सीबीआई जांच के दौरान यूपीपीएसी को नहीं मिल रहे मॉडरेटर
0 पीसीएस-2016 की मुख्य परीक्षा की कॉपियां जांचने में हो रही देर
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) को अब नई मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। सीबीआई जांच से घिरे आयोग को परीक्षक और मॉडरेटर नहीं मिल रहे हैं। कई परीक्षकों ने कॉपियां जांचने से इंकार कर दिया है। वे कॉपियों का मॉडरेशन करने को भी तैयार नहीं हैं। इन दिनों आयोग में पीसीएस-2015 की मुख्य परीक्षा की कॉपियां जांची जा रही हैं। इसके अलावा सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा-2013 की कॉपियों का भी मूल्यांकन हो रहा है। परीक्षकों और मॉडरेटरों के न मिलने से मूल्यांकन कार्य प्रभावित हो रहा है।
सीबीआई जांच के दौरान पीसीएस-2015 की परीक्षा में मॉडरेशन में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। तमाम कॉपियों में नंबरों के साथ छेड़छाड़ की गई है। कॉपियों में मनमाने तरीके से नंबर घटाए और बढ़ाए गए हैं। सीबीआई ने आयोग से मॉडरेटरों के नाम मांगे थे, लेकिन आयोग ने नाम देने से इंकार कर दिया था। इसके बाद आयोग में तलाशी अभियान के दौरान सीबीआई ने परीक्षकों और मॉडरेटरों के नाम की सूची अपने कब्जे में कर ली। सीबीआई संदिग्ध मॉडरेटरों को चिह्नित कर चुकी है और अब उनसे पूछताछ की तैयारी कर रही है।
विज्ञापन
सीबीआई के इस रुख के बाद आयोग के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है। उसे कॉपियां जांचने के लिए परीक्षक ही नहीं मिल रहे हैं। कॉपियां विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के वरिष्ठ शिक्षक जांचते हैं। कॉपियों का मॉडरेशन भी वहीं करते हैं। सूत्रों का कहना है कि कई परीक्षकों ने कॉपियां जांचने और मॉडरेशन करने से इंकार कर दिया है। ऐसे में पीसीएस-2016 और सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा का मूल्यांकन कार्य प्रभावित हो रहा है। उधर, आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि परीक्षकों की व्यवस्था की जा रही है। थोड़ी दिक्कत है, लेकिन इससे मूल्यांकन कार्य प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। प्रयास यही है कि मूल्यांकन कार्य समय से पूरा हो।
विज्ञापन