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रेलवे की रामलीला में जन्मे राम
Updated Sat, 07 Oct 2017 08:19 PM IST
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जन्मे राम-सीता, दशानन को मिला शिव से वरदान
0 रेलवे की रामलीला में रामकथा के कई प्रसंगों का मंचन
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
श्रीश्री उत्तर मध्य रेलवे रामलीला कमेटी की ओर से स्मिथ रोड स्थित मनोरंजन गृह में शनिवार को राम-सीता जन्म सहित रामकथा के कई प्रसंगों का मंचन हुआ। कलाकारों ने अपने शानदार अभिनय से लोगों को बांधे रखा।
मंच पर रावण का आगमन और कैलाश पर्वत को उठाने का उपक्रम करना। असफल रहने पर भगवान शिव जी को प्रसन्न करने का संकल्प कर तपस्या करना। शिवजी का तपस्या से प्रसन्न होना और वरदान में तलवार देना। शिवजी से वरदान पाकर रावण का अहंकारी होना और ऋषि-मुनियों पर अत्याचार करना। सभी देवता भगवान विष्णु के पास जाकर रावण के अत्याचार से ऋषि-मुनियों को बचाने की प्रार्थना करते हैं। तब भगवान विष्णु राजा दशरथ के यहां राम रूप में अवतार लेते हैं। वहीं मेघनाथ के अत्याचार से जनक पुरी में अकाल पड़ता है। राजा जनक द्वारा हल चलाने पर धरती से सीताजी का जन्म होता है। जयकारों से लीला स्थल गूंजता रहा। राघवेंद्र सिंह भगवान विष्णु, गुड्डू खान मेघनाद, अरविंद पांडेय रावण, शिव नरेश दशरथ, जूही प्रजापति कौशल्या एवं छाया रावत कैकेयी का पात्र निभाया। इस अवसर पर संतकुमार वर्मा, रविभूषण गुप्ता आदि उपस्थित थे। रविवार को सीता स्वयंवर लीला मंचित होगी।
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0 रेलवे की रामलीला में रामकथा के कई प्रसंगों का मंचन
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
श्रीश्री उत्तर मध्य रेलवे रामलीला कमेटी की ओर से स्मिथ रोड स्थित मनोरंजन गृह में शनिवार को राम-सीता जन्म सहित रामकथा के कई प्रसंगों का मंचन हुआ। कलाकारों ने अपने शानदार अभिनय से लोगों को बांधे रखा।
मंच पर रावण का आगमन और कैलाश पर्वत को उठाने का उपक्रम करना। असफल रहने पर भगवान शिव जी को प्रसन्न करने का संकल्प कर तपस्या करना। शिवजी का तपस्या से प्रसन्न होना और वरदान में तलवार देना। शिवजी से वरदान पाकर रावण का अहंकारी होना और ऋषि-मुनियों पर अत्याचार करना। सभी देवता भगवान विष्णु के पास जाकर रावण के अत्याचार से ऋषि-मुनियों को बचाने की प्रार्थना करते हैं। तब भगवान विष्णु राजा दशरथ के यहां राम रूप में अवतार लेते हैं। वहीं मेघनाथ के अत्याचार से जनक पुरी में अकाल पड़ता है। राजा जनक द्वारा हल चलाने पर धरती से सीताजी का जन्म होता है। जयकारों से लीला स्थल गूंजता रहा। राघवेंद्र सिंह भगवान विष्णु, गुड्डू खान मेघनाद, अरविंद पांडेय रावण, शिव नरेश दशरथ, जूही प्रजापति कौशल्या एवं छाया रावत कैकेयी का पात्र निभाया। इस अवसर पर संतकुमार वर्मा, रविभूषण गुप्ता आदि उपस्थित थे। रविवार को सीता स्वयंवर लीला मंचित होगी।
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