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हाईकोर्ट बार की मतदाता सूची 12 सितंबर तक बनाने का आदेश
Updated Mon, 04 Sep 2017 09:07 PM IST
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हाईकोर्ट बार की मतदाता सूची 12 तक बनाने का निर्देश
एल्डर कमेटी के गठन पर उठी आपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हाईकोर्ट ने बार चुनाव से पूर्व वन बार वन वोट के तहत वकीलों की मतदाता सूची 12 सितंबर तक तैयार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि 31 अगस्त के बाद इस मामले में किसी भी वकील से हलफनामा न स्वीकार किया जाए। वन बार वन वोट के लिए हाईकोर्ट ने सभी अधिवक्ताओं से हलफनामा लेने का निर्देश दिया था कि वह किस बार एसोसिएशन के मतदाता रहना चाहते हैं। अधिवक्ताओं को किसी एक ही बार में मतदान करने का अधिकार मिलेगा। इसे लेकर दाखिल घनश्याम दुबे की याचिका पर न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की पीठ सुनवाई कर रही है।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता वीसी मिश्र ने एल्डर कमेटी के गठन को लेकर आपत्ति की। उनका कहना था कि बार अध्यक्ष अनिल तिवारी ने बाई लॉज केविपरीत जाकर एल्डर कमेटी का गठन किया है जबकि नियमानुसार एल्डर कमेटी वरिष्ठता के आधार पर बनायी जाती है। वीसी मिश्र का कहना था कि वह वरिष्ठतमत सदस्य हैं उनके बाद एनसी राजवंशी हैं मगर बार अध्यक्ष ने रविकांत की अध्यक्षता में एल्डर कमेटी गठित कर दी है। कोर्ट ने इस मसले पर अनिल तिवारी से जवाब मांगा है। कोर्ट ने वन बार वन वोट का विकल्प भरने वाले सदस्यों की सूची प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया है। याची का कहना है कि बार एसोसिएशन के चुनाव में तहसील और जिला अधिवक्ता संगठनों के वकील भी मतदान करते हैं जिसकी वजह से हाईकोर्ट बार की कार्यकारिणी गठित करने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाता है। इसलिए वन बार वन वोट का सिद्धांत लागू किया जाए।
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एल्डर कमेटी के गठन पर उठी आपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
हाईकोर्ट ने बार चुनाव से पूर्व वन बार वन वोट के तहत वकीलों की मतदाता सूची 12 सितंबर तक तैयार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि 31 अगस्त के बाद इस मामले में किसी भी वकील से हलफनामा न स्वीकार किया जाए। वन बार वन वोट के लिए हाईकोर्ट ने सभी अधिवक्ताओं से हलफनामा लेने का निर्देश दिया था कि वह किस बार एसोसिएशन के मतदाता रहना चाहते हैं। अधिवक्ताओं को किसी एक ही बार में मतदान करने का अधिकार मिलेगा। इसे लेकर दाखिल घनश्याम दुबे की याचिका पर न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की पीठ सुनवाई कर रही है।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता वीसी मिश्र ने एल्डर कमेटी के गठन को लेकर आपत्ति की। उनका कहना था कि बार अध्यक्ष अनिल तिवारी ने बाई लॉज केविपरीत जाकर एल्डर कमेटी का गठन किया है जबकि नियमानुसार एल्डर कमेटी वरिष्ठता के आधार पर बनायी जाती है। वीसी मिश्र का कहना था कि वह वरिष्ठतमत सदस्य हैं उनके बाद एनसी राजवंशी हैं मगर बार अध्यक्ष ने रविकांत की अध्यक्षता में एल्डर कमेटी गठित कर दी है। कोर्ट ने इस मसले पर अनिल तिवारी से जवाब मांगा है। कोर्ट ने वन बार वन वोट का विकल्प भरने वाले सदस्यों की सूची प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया है। याची का कहना है कि बार एसोसिएशन के चुनाव में तहसील और जिला अधिवक्ता संगठनों के वकील भी मतदान करते हैं जिसकी वजह से हाईकोर्ट बार की कार्यकारिणी गठित करने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाता है। इसलिए वन बार वन वोट का सिद्धांत लागू किया जाए।
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