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खुले में शौचमुक्त गांवों का अब होगा भौतिक सत्यापन

Sun, 13 Aug 2017 08:43 PM IST
Updated Sun, 13 Aug 2017 08:43 PM IST
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खुले में शौचमुक्त गांवों का अब होगा भौतिक सत्यापन
खुले में शौचमुक्त गांवों का अब होगा भौतिक सत्यापन
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0 गंगा किनारे के गांवों में बने शौचालयों निर्माण में गड़बड़ी की हुई शिकायतें
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
गंगा किनारे बसे चार हजार से अधिक गांवों को खुले में शौचमुक्त घोषित कर दिया गया, लेकिन बिना भौतिक सत्यापन के। शिकायतों के बाद अब उनका सत्यापन कराने की घोषणा की गई है। यह काम इसी महीने में पूरा होना है। केंद्रीय पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने खुद इसकी घोषणा की।
सरकार की ओर से खुले में शौचमुक्त की तारीख घोषित किए जाने के बाद आननफानन में शौचालय निर्माण कराए गए। इस कवायद में मानक दरकिनार कर दिए गए तो इसका फायदा लाभार्थियों और ठेकेदारों ने भी उठाया। इसका नतीजा रहा कि बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आई है। कहीं टैंक नहीं है तो कई शौचालय में दरवाजे और छत ही नहीं है। अगल-बगल के दो शौचालय एक ही टैंक से जोड़ दिए गए हैं। इसकी शिकायत सरकार को भी मिली है। इसके मद्देनजर शौचालयों के सत्यापन का निर्णय लिया गया है। केंद्रीय पंचायती राजमंत्री का कहना है कि सत्यापन के बाद ही गांवों को ‘खुले में शौचमुक्त’ माना जाएगा।
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शुरू हुई स्वच्छाग्रहियों, राजमिस्त्रियों की नियुक्ति
0 राजमिस्त्रियों को 500 तथा स्वच्छाग्रहियों को 230 रुपये प्रतिदिन मिलेगा मानदेय
इलाहाबाद।
शौचालय निर्माण के काम में गति लाने के क्रम में स्वच्छाग्रहियों और राजमिस्त्रियों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए ब्लाक स्तर पर सोमवार को इच्छुक लोगों का पंजीकरण किया जाएगा। साथ में कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी।
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दूसरे चरण में जिले में 31 दिसंबर तक साढ़े चार लाख शौचालयों का निर्माण होना है। इनके निर्माण के लिए 20 से 25 हजार प्रशिक्षित राजमिस्त्री पंजीकृत किए जाएंगे। प्रशिक्षण के दौरान इन्हें प्रतिदिन 500 रुपये मिलेंगे। इसके बाद प्रति शौचालय निर्माण पर 1500 रुपये दिए जाएंगे। इनके अलावा हर गांव में स्चच्छताग्रही की नियुक्ति होनी है। इनका काम लोगों को जागरूक करना होगा। पहले इन्हें पांच दिन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान उन्हें रोजाना 250 रुपये मिलेंगे। इसके बाद जनजागरूकता के लिए उन्हें प्रतिदिन 230 रुपये मिलेंगे। इसके अलावा गांव में प्रति शौचालय निर्माण पर 150 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। जिला पंचायती राज अधिकारी दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि गांव को खुले में शौचमुक्त घोषित किए जाने पर 10 हजार रुपये पुरस्कार के रूप में मिलेंगे।
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