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डीजल बाहर, शहर में चलेंगी 250 सीएनजी बसे
Updated Sat, 10 Jun 2017 08:20 PM IST
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शहर की सड़कों पर दौड़ेंगी सीएनजी बसें
0 सिटी ट्रांसपोर्ट कमेटी की बैठक में निर्णय, अनुबंध पर ली जाएंगी 250 बसें
0 शहर तथा आसपास के हर रूट पर होगी सुविधा, हर क्षेत्र में बनेंगे टर्मिनल
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। शहर की सड़कों पर डीजल के बजाय सीएनजी बसें चलेंगी। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए टैंपाें को बाहर करने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है। इसी क्रम में इलाहाबाद सिटी ट्रांसपोर्ट कमेटी की शनिवार को हुई बैठक में इनके विकल्प के तौर पर 250 सीएनजी बसें चलाने का निर्णय लिया गया। बसें अनुबंध पर ली जाएंगी। बसों के सुचारू संचालन के लिए शहर तथा आसपास के क्षत्रों में टर्मिनल भी बनाए जाएंगे।
शहर में अभी 126 डीजल बसें चल रही हैं। इनके संचालन पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा टेंपो को बाहर करने के लिए भी 20 जून आखिरी तारीख तय की गई है। जिला प्रशासन की कोशिश है कि टेंपो को पूरी तरह से बाहर करने से पहले बसों का संचालन सुचारू किया जा सके। कमिश्नर डॉ.आशीष गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहर के हर महत्वपूर्ण मार्ग तथा आसपास के क्षेत्रों में सीएनजी बसें चलाने का खाका प्रस्तुत किया गया। इसके तहत 130 बड़ी स्टैंडर्ड फ्लोर तथा 20 लो फ्लोर बसें चलाई जाएंगी। इनके अलावा 100 मिनी बसें चलाई जाएंगी। बसें चरणबद्ध तरीके से मंगाई जाएंगी।
बसाें को शहर स्थित टर्मिनल में रोजाना न लाना पड़े इसके लिए कई स्थानों पर टर्मिनल बनाए जाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा जगह-जगह वर्कशाप भी बनाए जाएंगे। इसके लिए शहर के खुले स्थानों को चिह्ति करने तथा अर्द्धकुंभ के मद्देनजर चयनित पार्किंग स्थलों पर टर्मिनल और वर्कशाप बनाए जाने पर सहमति बनी। जरूरत पड़ने पर 10 साल के लिए जमीन किराए पर ली जाएगी। कमिश्नर ने नैनी, फाफामऊ, झूंसी, कानपुर रोड तथा शहर के बीच में टर्मिनल के तत्काल स्थान चिह्नित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा फाफामऊ, झूंसी, बमरौली में वर्कशाल के लिए भी जमीन की तलाश करने का निर्देश दिया। अफसरों का कहना है कि इससे संचालन आसान होगा, साथ में बसों को रोजाना टर्मिनल तक ले जाने का डीजल भी बचेगा। बैठक में डीएम संजय तथा अन्य संबंधित विभागों के अफसर मौजूद रहे।
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वर्दी में होंगे ड्राइवर, कंडक्टर
0 सीएनजी बसों में तैनात ड्राइवर और कंडक्टर वर्दी में होंगे। वर्दी की डिजाइन भी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेकभनोलॉजी (निफ्ट) जैसी संस्था से तैयार कराई जाएगी।
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सिटी बस का किराया 12 जून की रात से होगा सस्ता
इलाहाबाद। सिटी बसों से आवागम करने वाले शहरियों को थोड़ी राहत मिलने जा रही है। 12 जून की आधी रात के बाद से न्यूनतम किराने में कमी की घोषणा की गई है। इसके तहत तीन किमी की दूरी तक के लिए पांच रुपये देने होंगे। अभी सात रुपये देने होते हैं। इसके अलावा 25 किमी की दूरी तक के लिए किराया में कोई परिवर्तन नहीं हैं लेकिन 25 से 30 किमी की दूरी के लिए 30 रुपये देने होंगे। अभी 35 रुपये किराया है।
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जाम के मद्देनजर बसों के संचालन पर बना है सवाल
0 प्रशासन ने शहर में 250 सीएनजी बसों के संचालन का तो निर्णय ले लिया है लेकिन सवाल बना हुआ है कि वे कहां और कैसे चलेंगी। सिविल लाइंस जैसे इलाके में जाम की स्थिति रहती है। लीडर रोड, राम बाग आदि क्षेत्रों में जाम गंभीर समस्या है। हमेशा जाम बना रहता था। इसके अलावा सड़क पर रोजाना दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सवाल खड़ा हो गया है कि बसें जाम का कारण न बन जाएं।
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0 सिटी ट्रांसपोर्ट कमेटी की बैठक में निर्णय, अनुबंध पर ली जाएंगी 250 बसें
0 शहर तथा आसपास के हर रूट पर होगी सुविधा, हर क्षेत्र में बनेंगे टर्मिनल
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। शहर की सड़कों पर डीजल के बजाय सीएनजी बसें चलेंगी। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए टैंपाें को बाहर करने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है। इसी क्रम में इलाहाबाद सिटी ट्रांसपोर्ट कमेटी की शनिवार को हुई बैठक में इनके विकल्प के तौर पर 250 सीएनजी बसें चलाने का निर्णय लिया गया। बसें अनुबंध पर ली जाएंगी। बसों के सुचारू संचालन के लिए शहर तथा आसपास के क्षत्रों में टर्मिनल भी बनाए जाएंगे।
शहर में अभी 126 डीजल बसें चल रही हैं। इनके संचालन पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा टेंपो को बाहर करने के लिए भी 20 जून आखिरी तारीख तय की गई है। जिला प्रशासन की कोशिश है कि टेंपो को पूरी तरह से बाहर करने से पहले बसों का संचालन सुचारू किया जा सके। कमिश्नर डॉ.आशीष गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहर के हर महत्वपूर्ण मार्ग तथा आसपास के क्षेत्रों में सीएनजी बसें चलाने का खाका प्रस्तुत किया गया। इसके तहत 130 बड़ी स्टैंडर्ड फ्लोर तथा 20 लो फ्लोर बसें चलाई जाएंगी। इनके अलावा 100 मिनी बसें चलाई जाएंगी। बसें चरणबद्ध तरीके से मंगाई जाएंगी।
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बसाें को शहर स्थित टर्मिनल में रोजाना न लाना पड़े इसके लिए कई स्थानों पर टर्मिनल बनाए जाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा जगह-जगह वर्कशाप भी बनाए जाएंगे। इसके लिए शहर के खुले स्थानों को चिह्ति करने तथा अर्द्धकुंभ के मद्देनजर चयनित पार्किंग स्थलों पर टर्मिनल और वर्कशाप बनाए जाने पर सहमति बनी। जरूरत पड़ने पर 10 साल के लिए जमीन किराए पर ली जाएगी। कमिश्नर ने नैनी, फाफामऊ, झूंसी, कानपुर रोड तथा शहर के बीच में टर्मिनल के तत्काल स्थान चिह्नित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा फाफामऊ, झूंसी, बमरौली में वर्कशाल के लिए भी जमीन की तलाश करने का निर्देश दिया। अफसरों का कहना है कि इससे संचालन आसान होगा, साथ में बसों को रोजाना टर्मिनल तक ले जाने का डीजल भी बचेगा। बैठक में डीएम संजय तथा अन्य संबंधित विभागों के अफसर मौजूद रहे।
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वर्दी में होंगे ड्राइवर, कंडक्टर
0 सीएनजी बसों में तैनात ड्राइवर और कंडक्टर वर्दी में होंगे। वर्दी की डिजाइन भी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेकभनोलॉजी (निफ्ट) जैसी संस्था से तैयार कराई जाएगी।
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सिटी बस का किराया 12 जून की रात से होगा सस्ता
इलाहाबाद। सिटी बसों से आवागम करने वाले शहरियों को थोड़ी राहत मिलने जा रही है। 12 जून की आधी रात के बाद से न्यूनतम किराने में कमी की घोषणा की गई है। इसके तहत तीन किमी की दूरी तक के लिए पांच रुपये देने होंगे। अभी सात रुपये देने होते हैं। इसके अलावा 25 किमी की दूरी तक के लिए किराया में कोई परिवर्तन नहीं हैं लेकिन 25 से 30 किमी की दूरी के लिए 30 रुपये देने होंगे। अभी 35 रुपये किराया है।
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जाम के मद्देनजर बसों के संचालन पर बना है सवाल
0 प्रशासन ने शहर में 250 सीएनजी बसों के संचालन का तो निर्णय ले लिया है लेकिन सवाल बना हुआ है कि वे कहां और कैसे चलेंगी। सिविल लाइंस जैसे इलाके में जाम की स्थिति रहती है। लीडर रोड, राम बाग आदि क्षेत्रों में जाम गंभीर समस्या है। हमेशा जाम बना रहता था। इसके अलावा सड़क पर रोजाना दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सवाल खड़ा हो गया है कि बसें जाम का कारण न बन जाएं।