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महिला को निर्वस्त घुमाने के मामले में निष्पक्ष जांच का आदेश
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महिला को निर्वस्त्र करने के मामले में निष्पक्ष जांच का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने भदोही में महिला को निर्वस्त्र कर घुमाने के मामले में पुलिस को पीड़िता का बयान दर्ज का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि जांच एसआई स्तर का अधिकारी कर रहा है तो उससे जांच लेकर किसी उच्च स्तर के अधिकारी को जांच सौंपी जाए। ह्यूमन राइट लॉ नेटवर्क के विधि छात्रों शांभवी और शुभांकर की याचिका पर न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता और न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने सुनवाई की।
याचिका में कहा गया कि घटना 29 दिसंबर 2018 की है। पीड़िता अपने पति के साथ बुनकर कार्ड बनवाने गई थी। वहां पर लालचंद्र ने उससे छेड़खानी की। विरोध करने पर पीड़िता और उसके पति को पीटा गया। बाद में अभियुक्तगण प्रदीप, रिंकू, राजधर आदि ने पीड़िता के घर पर हमला कर दिया। पीड़िता को घर से बाहर खींच लाए और उसके कपड़े फाड़कर निर्वस्त्र कर दिया। उसे पूरे गांव में घुमाया। पति को भी मारापीटा। पुलिस इस मामले में लीपापोती का प्रयास कर रही है। मामला मीडिया में आने के बाद एक सब इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया। घटना जांच उच्च स्तर के अधिकारी से कराने की मांग की गई। कोर्ट ने अगली तारीख पर पीड़िता के बयान की प्रति प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
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महिला को निर्वस्त्र करने के मामले में निष्पक्ष जांच का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने भदोही में महिला को निर्वस्त्र कर घुमाने के मामले में पुलिस को पीड़िता का बयान दर्ज का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि जांच एसआई स्तर का अधिकारी कर रहा है तो उससे जांच लेकर किसी उच्च स्तर के अधिकारी को जांच सौंपी जाए। ह्यूमन राइट लॉ नेटवर्क के विधि छात्रों शांभवी और शुभांकर की याचिका पर न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता और न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने सुनवाई की।
याचिका में कहा गया कि घटना 29 दिसंबर 2018 की है। पीड़िता अपने पति के साथ बुनकर कार्ड बनवाने गई थी। वहां पर लालचंद्र ने उससे छेड़खानी की। विरोध करने पर पीड़िता और उसके पति को पीटा गया। बाद में अभियुक्तगण प्रदीप, रिंकू, राजधर आदि ने पीड़िता के घर पर हमला कर दिया। पीड़िता को घर से बाहर खींच लाए और उसके कपड़े फाड़कर निर्वस्त्र कर दिया। उसे पूरे गांव में घुमाया। पति को भी मारापीटा। पुलिस इस मामले में लीपापोती का प्रयास कर रही है। मामला मीडिया में आने के बाद एक सब इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया। घटना जांच उच्च स्तर के अधिकारी से कराने की मांग की गई। कोर्ट ने अगली तारीख पर पीड़िता के बयान की प्रति प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
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