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कॉपी पुनर्मूल्यांकन से बच रहे सचिव परीक्षा नियामक
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कॉपी पुनर्मूल्यांकन से बच रहे सचिव परीक्षा नियामक
68500 शिक्षक भर्ती
0 हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद दो महीने से नहीं जांची जा रहीं कॉपियां
0 30 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने किया है पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद 68500 शिक्षकों भर्ती की कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन से सचिव परीक्षा नियामक बच रहे हैं। हालांकि, उनका कहना है कि कॉपियां एससीईआरटी को जांचने के लिए भेज दी गईं हैं, लेकिन परीक्षार्थी उनके इस तथ्य से संतुष्ट नहीं हैं। वहीं अभ्यर्थियों का कहना है कि वे दो महीने से परीक्षा नियामक कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। आरोप लगाया कि पहली बार में कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की संदिग्ध भूमिका को देखते हुए पुनर्मूल्यांकन में देरी की जा रही है, ताकि उनको बचाया जा सके।
68500 शिक्षक भर्ती में परिणाम आने के बाद परीक्षार्थियों ने उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था। आरोप लगाने वाले अभ्यर्थियों की याचिका पर जब कोर्ट में कॉपी तलब हुई तो पता चला कि मूल्यांकन में गड़बड़ी की गई है। कॉपियों के मूल्यांकन में गड़बड़ी और अंक चढ़ाने में हुए हेरफेर को देखते हुए कोर्ट ने आवेदन करने वाले सभी परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं को दोबारा जांचने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश से पहले ही लगभग 2700 परीक्षार्थियों ने कॉपियों के दोबारा मूल्यांकन के लिए आवेदन किया था, जबकि आदेश के बाद लगभग 30 हजार ने पुनर्मूल्यांकन के लिए अर्जी दी। दो महीने बीत गए लेकिन पुनर्मूल्यांकन नहीं हुआ। आवेदन करने वाले परीक्षार्थियों का कहना है कि सचिव परीक्षा नियामक उन्हें आश्वासन दे रहे थे कि टीईटी-2018 की परीक्षा के बाद उनके आवेदन पर विचार किया जाएगा, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई। इस संबंध में सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी का कहना है कि दोबारा मूल्यांकन के लिए आवेदन करने वाले परीक्षार्थियों की कॉपी निदेशक एससीईआरटी कार्यालय को भेज दी गई है। अब वहां से कापियों का मूल्यांकन पूरा होने के बाद उसे परीक्षार्थियों को दिखाया जाएगा।
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68500 शिक्षक भर्ती
0 हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद दो महीने से नहीं जांची जा रहीं कॉपियां
0 30 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने किया है पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद 68500 शिक्षकों भर्ती की कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन से सचिव परीक्षा नियामक बच रहे हैं। हालांकि, उनका कहना है कि कॉपियां एससीईआरटी को जांचने के लिए भेज दी गईं हैं, लेकिन परीक्षार्थी उनके इस तथ्य से संतुष्ट नहीं हैं। वहीं अभ्यर्थियों का कहना है कि वे दो महीने से परीक्षा नियामक कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। आरोप लगाया कि पहली बार में कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की संदिग्ध भूमिका को देखते हुए पुनर्मूल्यांकन में देरी की जा रही है, ताकि उनको बचाया जा सके।
68500 शिक्षक भर्ती में परिणाम आने के बाद परीक्षार्थियों ने उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था। आरोप लगाने वाले अभ्यर्थियों की याचिका पर जब कोर्ट में कॉपी तलब हुई तो पता चला कि मूल्यांकन में गड़बड़ी की गई है। कॉपियों के मूल्यांकन में गड़बड़ी और अंक चढ़ाने में हुए हेरफेर को देखते हुए कोर्ट ने आवेदन करने वाले सभी परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं को दोबारा जांचने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश से पहले ही लगभग 2700 परीक्षार्थियों ने कॉपियों के दोबारा मूल्यांकन के लिए आवेदन किया था, जबकि आदेश के बाद लगभग 30 हजार ने पुनर्मूल्यांकन के लिए अर्जी दी। दो महीने बीत गए लेकिन पुनर्मूल्यांकन नहीं हुआ। आवेदन करने वाले परीक्षार्थियों का कहना है कि सचिव परीक्षा नियामक उन्हें आश्वासन दे रहे थे कि टीईटी-2018 की परीक्षा के बाद उनके आवेदन पर विचार किया जाएगा, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई। इस संबंध में सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी का कहना है कि दोबारा मूल्यांकन के लिए आवेदन करने वाले परीक्षार्थियों की कॉपी निदेशक एससीईआरटी कार्यालय को भेज दी गई है। अब वहां से कापियों का मूल्यांकन पूरा होने के बाद उसे परीक्षार्थियों को दिखाया जाएगा।
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