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शुरू से ही विवादों में रही पीसीएस-2015 परीक्षा
Updated Sun, 06 May 2018 01:08 AM IST
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शुरू से सीबीआई के निशाने पर पीसीएस-2015
0 प्रारंभिक जांच में ही हो गया था बड़ी गड़बड़ियों का खुलासा
इलाहाबाद, 5 मई। पीसीएस परीक्षा-2015 शुरू से ही सीबीआई के निशाने पर रही। सीबीआई के पास सर्वाधिक शिकायत इसी परीक्षा को लेकर आईं और आयोग ने भी इसी परीक्षा को आधार बनाकर परीक्षा प्रक्रिया में कई अहम परिवर्तन किए।
इसी परीक्षा में महिला अभ्यर्थी सुहासिनी बाजपेयी की कॉपी बदल दी गई थी। बाद में मामला सामने आने पर कॉपी दोबारा जांची गई और सुहासिनी को मुख्य परीक्षा में इंटरव्यू के लिए उत्तीर्ण घोषित किया गया। हालांकि आयोग से सीधे टक्कर लेनी वाली सुहासिनी इंटरव्यू में सफल नहीं हो सकीं। इसकी प्रारंभिक परीक्षा 29 मार्च 2015 को हुई थी और पहली पाली का पेपर लीक हो गया था। आयोग पहले यह मानने को तैयार नहीं था लेकिन बाद में आयोग को ही पहली पाली की परीक्षा निरस्त करनी पड़ी थी। बाद में यह परीक्षा 10 मई 2015 को कराई गई। इसके बाद परिणाम घोषित किया गया और जल्दबाजी में 24 दिनों में ही मुख्य परीक्षा करा दी गई थी। अभ्यर्थी मांग कर रहे थे कि मुख्य परीक्षा की कॉपियां दोबारा जंचवाई जाएं लेकिन आयोग ने फाटफट इंटरव्यू कराकर परिणाम घोषित कर दिया। तब चर्चा थी कि आयोग ने तत्कालीन सत्ताधारी दल के एक कद्दावर नेता के दबाव में परिणाम जारी किया है। इस परीक्षा में प्रदेश स्तरीय एक बड़े अफसर के बच्चों का भी चयन हुआ था। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई ने इन सभी पहलुओं पर भी जांच की है और उसे कई अहम सुराग भी मिले हैं।
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