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Prayagraj News: भीषण गर्मी में 160 गांव अंधेरे में, डेढ़ लाख आबादी की ठहरी जिंदगी

Sat, 16 May 2026 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज Updated Sat, 16 May 2026 01:57 AM IST
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160 villages plunge into darkness amid intense heat, bringing life to a standstill for 1.5 lakh people
तेज धूप और उमस भरी गर्मी के बीच क्षेत्र के 160 गांवों में बिजली संकट गहराता जा रहा है। लगातार हो रही बिजली कटौती और फाल्ट के कारण डेढ़ लाख से अधिक आबादी अंधेरे में रहने को मजबूर है। दिन में कई घंटे बिजली गुल रहने से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
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गर्मी से बेहाल लोगों को न तो पंखों का सहारा मिल पा रहा है और न ही पेयजल की समुचित व्यवस्था हो पा रही है। ग्रामीण इलाकों में लगे पानी के मोटर बंद पड़े हैं जिससे पेयजल संकट भी गहराने लगा है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को उठानी पड़ रही है।
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ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से बिजली आपूर्ति बदहाल है। हल्की हवा या ओवरलोड होते ही लाइन ट्रिप कर जाती है। रात में बिजली कटौती होने से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। वहीं किसान भी परेशान हैं, क्योंकि खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है।
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बिजली विभाग के अनुसार करनाईपुर, खंसार, थानापुर, फूलपुर, बरेस्ता- प्रतापपुर बिद्दुत उपकेंद्र से संबंधित क्षेत्र में करीब 1200 बिजली खंभे गिरे हैं जिसके चलते मरम्मत कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।
रामकिशोर ने कहा कि दो दिन से गांव में अंधेरा है और पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। उपभोक्ता कमला शंकर ने बताया कि बिजली न होने से गर्मी में रात काटना मुश्किल हो गया है। बच्चे पूरी रात परेशान रहते हैं।
बिजली ठप होने से सबसे बड़ा संकट पानी का है। हैंडपंप और सबमर्सिबल बंद होने से लोग पानी के लिए भटक रहे हैं। कई गांवों में ग्रामीण जनरेटर के सहारे पानी की व्यवस्था कर रहे हैं जिससे खर्च का बोझ बढ़ गया है। फूलपुर इंडस्ट्रियल एस्टेट में बिजली आपूर्ति 48 घंटे से बाधित होने से उत्पादन पूरी तरह बंद है। मशीनें बंद है और मजदूर खाली बैठे हैं जिससे कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।


1200 खंभों की मांग भेजी, मिले सिर्फ 70
एसडीओ अमन सिंह ने बताया कि फिलहाल बिजली विभाग की टीमें लगातार मरम्मत कार्य में जुटी हैं लेकिन हालात सामान्य होने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं। ग्रामीण राहत की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रहे हैं।

एसडीओ विद्युत फूलपुर अमन सिंह ने कहा कि इलाके में करीब 1200 खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं। हमने तत्काल डिमांड भेजी थी लेकिन अब तक केवल 70 खंभे ही उपलब्ध हो पाए हैं। इसी वजह से पूरी आपूर्ति बहाल करने में समय लग रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि फूलपुर कस्बे के फीडर से जुड़े क्षेत्रों में लगभग 60 प्रतिशत बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है लेकिन ग्रामीण इलाकों में स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
मेजा में 36 घंटे बाद भी कई जगह बिजली गुल



आंधी-तूफान से बाधित बिजली आपूर्ति मेजा में कई जगहों पर 36 घंटे बाद भी बहाल नहीं की जा सकी है। हालांकि, एसडीओ मेजा सुरजीत कुमार का दावा है कि 80 फीसदी स्थानों पर बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कर लिया गया है। शनिवार को बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।




विभाग के अनुसार आंधी से मेजा में कुल 110 खंभे गिरे। इसके अलावा कई जगह ट्रांसफाॅर्मर भी क्षतिग्रस्त हुए। एसडीओ सुरजीत कुमार ने बताया कि 80 फीसदी स्थानों पर उत्पन्न समस्या को दूर कर लिया गया है। उधर, शुक्लपुर विद्युत उपकेंद्र के अरई गांव में 36 घंटे बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी है। वहीं नेवढि़या विद्युत उपकेंद्र के 42 गांवों में बृहस्पतिवार रात भर बिजली आपूर्ति बाधित रही जिससे बिजली के अलावा पानी संकट से ग्रामीण जूझते रहे।
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