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गेंदू खरीद केंद्रों पर अवैध वसूली रोके सरकार

Fri, 21 Jun 2019 08:32 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 21 Jun 2019 08:32 PM IST
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गेंदू खरीद केंद्रों पर अवैध वसूली रोके सरकार
सभी केंद्र : कानपुर के लिए विशेष
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गेहूं खरीद केंद्रों पर अवैध वसूली रोके सरकार
0 हाईकोर्ट ने सरकार को सख्त कदम उठाने और जवाबदेही तय करने का आदेश दिया
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। गेंहू खरीद केंद्रों पर किसानों से हो रही अवैध वसूली को लेकर हाईकोर्ट सख्त है। प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि गेंहू खरीद केंद्रों पर अवैध वसूली करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति को आदेश दिया है कि वह सुनिश्चित करें कि खरीद केंद्रों पर किसी प्रकार की अवैध वसूली न होने पाए। कोर्ट ने गलत काम करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
कानपुर नगर के किसान ओमप्रकाश की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी तथा न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने दिया है। याची का कहना था कि गेहूं खरीद केंद्रों में घपला हो रहा है। गंभीरपुर खरीद केंद्र पर प्रति क्विंटल 40 रुपये किसानों से मांगे जा रहे हैं। रुपये देने के बाद ही ही अनाज की तौल और खरीद की जा रही है। याची ने सात जून को जिलाधिकारी से इसकी शिकायत की थी मगर उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।
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इसके जवाब में जिलाधिकारी की ओर से दाखिल हलफनामे में बताया गया कि एसडीएम नरवल को इसकी जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। 19 जून की रिपोर्ट में 40 रुपये प्रति क्विंटल मांगे जाने की पुष्टि हुई है। मार्केटिंग इंस्पेक्टर की मिलीभगत से घपला किया जा रहा है। मार्केटिंग इंस्पेक्टर राजेश कुमार के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इस मामले में एक प्राइवेट व्यक्ति चक्रपाल सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मार्केटिंग इंस्पेक्टर को निलंबित कर विभागीय जांच की जा रही है। सेंटर इंचार्ज सुधीर कुमार के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति आयुक्त खाद्य एवं आपूर्ति को की गई है।
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कोर्ट का कहना था कि सामान्य तौर पर अपने उत्पाद का मूल्य उत्पादक ही तय करता है, मगर किसानों के मामले में ऐसा नहीं हो पाता। उनको उचित मूल्य नहीं मिल पाता। किसानों के लाभ के लिए बनी सरकारी योजनाएं अधिकारियों की मिलीभगत से घोटाले की भेंट चढ़ जाती हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार को खरीद घोटाले के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा है कि ऐसा करने से घोटाला करने वाले दूसरे कर्मचारियों को सबक मिलेगा।
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