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लड़कियों को अनैतिक पेशे में धकेलने के आरोपी की जमानत नामंजूर
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लड़कियों को अनैतिक पेशे में धकेलने के आरोपी की जमानत नामंजूर
0 मडुआडीह निवासी पर पश्चिम बंगाल से लड़कियां लाकर जरायम के पेशे में धकेलने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल से नाबालिग लड़कियों को लाकर जरायम के पेशे में धकेलने के आरोपी वाराणसी मडुआडीह के निवासी प्रेम कुमार उर्फ पप्पू उर्फ प्रेम प्रकाश की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने इनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मुकदमे को छह माह में निर्णीत करने का भी निर्देश दिया है। मामले के मुख्य आरोपियों अफजल और काली को कोर्ट ने 10 साल कैद की सजा सुनाते हुए धारा 319 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत समन जारी कर तलब किया है। वहीं याची तीन अप्रैल 2018 से जेल में बंद है। जमानत अर्जी पर न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने सुनवाई की।
मामले के अनुसार भेलूपुर पुलिस ने 13 नवंबर 2005 को मडुआडीह के रेडलाइट एरिया शिवदासपुर में छापा डाला। इसमें तीन मकानों से बंगाल की सात नाबालिग लड़कियां बरामद की गईं और सीओ भेलूपुर टीएन त्रिपाठी ने मडुआडीह थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। कई लोगों की गिरफ्तार भी किया गया। तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। मुकदमा चला और दो को सजा हुई, लेकिन कोर्ट ने याची को भी लिप्त पाते हुए सम्मन जारी किया। याची का कहना है कि उसका नाम प्रेम कुमार सोनकर है। उसका उपनाम पप्पू नहीं है। वह अलग व्यक्ति है। अभियोजन का कहना था कि बरामद लड़कियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने मुकदमा चलाने का आदेश जारी किया है। हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप न करते हुए मुकदमे को छह माह में निर्णीत करने का निर्देश दिया है।
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लड़कियों को अनैतिक पेशे में धकेलने के आरोपी की जमानत नामंजूर
0 मडुआडीह निवासी पर पश्चिम बंगाल से लड़कियां लाकर जरायम के पेशे में धकेलने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल से नाबालिग लड़कियों को लाकर जरायम के पेशे में धकेलने के आरोपी वाराणसी मडुआडीह के निवासी प्रेम कुमार उर्फ पप्पू उर्फ प्रेम प्रकाश की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने इनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मुकदमे को छह माह में निर्णीत करने का भी निर्देश दिया है। मामले के मुख्य आरोपियों अफजल और काली को कोर्ट ने 10 साल कैद की सजा सुनाते हुए धारा 319 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत समन जारी कर तलब किया है। वहीं याची तीन अप्रैल 2018 से जेल में बंद है। जमानत अर्जी पर न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने सुनवाई की।
मामले के अनुसार भेलूपुर पुलिस ने 13 नवंबर 2005 को मडुआडीह के रेडलाइट एरिया शिवदासपुर में छापा डाला। इसमें तीन मकानों से बंगाल की सात नाबालिग लड़कियां बरामद की गईं और सीओ भेलूपुर टीएन त्रिपाठी ने मडुआडीह थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। कई लोगों की गिरफ्तार भी किया गया। तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। मुकदमा चला और दो को सजा हुई, लेकिन कोर्ट ने याची को भी लिप्त पाते हुए सम्मन जारी किया। याची का कहना है कि उसका नाम प्रेम कुमार सोनकर है। उसका उपनाम पप्पू नहीं है। वह अलग व्यक्ति है। अभियोजन का कहना था कि बरामद लड़कियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने मुकदमा चलाने का आदेश जारी किया है। हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप न करते हुए मुकदमे को छह माह में निर्णीत करने का निर्देश दिया है।
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