{"_id":"5cf53fcdbdec22074e01434f","slug":"15595765221-allahabad-news52","type":"story","status":"publish","title_hn":"न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग पर लगा एक लाख रुपये हर्जाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग पर लगा एक लाख रुपये हर्जाना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर के ध्यानार्थ (जालौन)
000000000000000000
न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग
पर लगा एक लाख हर्जाना
0 फिजूल की मुकदमे बाजी पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग कर लगातार मुकदमेबाजी करने में उलझे जालौन (उरई) के राजेंद्र नगर के श्रेष्ठ सिंह और अन्य पर एक लाख रुपये का हर्जाना लगाया है। हर्जाने की राशि दो माह में जमा करने का निर्देश दिया है। यह धनराशि तीनों विपक्षीगण प्राप्त करेंगे, जिनको मुकदमे के जरिए परेशान किया जा रहा था। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी ने श्रेष्ठ सिंह और अन्य की अपील को खारिज करते हुए दिया है।
मामले के अनुसार श्रेष्ठ सिंह के पिता शोभा सिंह ने 1944 में विवादित मकान खरीदा और 1975 में निर्माण के लिए उरई सहकारी गृह निर्माण समिति से 40 हजार लोन लिया। शोभा सिंह के तीन बेटों में अनिल कुमार सिंह, वीरेंद्र कुमार सिंह और अमित सिंह हैं। पैतृक संपत्ति को लेकर तीनों भाइयों में विवाद हुआ। अनिल ने स्थायी निषेधाज्ञा वाद दायर किया, जो बाद में समझौते के आधार पर डिग्री हुआ। शोभा सिंह ने डिग्री के निष्पादन का वाद दायर किया। अमित ने यह कहते हुए आपत्ति की कि अनिल शोभा सिंह के लड़के थे, जिन्हें रणवीर सिंह ने गोद ले लिया है। इसलिए उन्हें संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलना चाहिए। अमित सिंह की अर्जी खारिज हुई। कई दौर की मुकदमेबाजी में असफलता के बाद उन्होंने अपने बेटे श्रेष्ठ सिंह और बेटी के जरिए मुकदमेबाजी शुरू कराई। कोर्ट ने इसे न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग मानते हुए निरस्त कर दिया। 26 फरवरी 18 को पारित इस आदेश को अपील में हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
विज्ञापन
000000000000000000
न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग
पर लगा एक लाख हर्जाना
0 फिजूल की मुकदमे बाजी पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग कर लगातार मुकदमेबाजी करने में उलझे जालौन (उरई) के राजेंद्र नगर के श्रेष्ठ सिंह और अन्य पर एक लाख रुपये का हर्जाना लगाया है। हर्जाने की राशि दो माह में जमा करने का निर्देश दिया है। यह धनराशि तीनों विपक्षीगण प्राप्त करेंगे, जिनको मुकदमे के जरिए परेशान किया जा रहा था। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी ने श्रेष्ठ सिंह और अन्य की अपील को खारिज करते हुए दिया है।
मामले के अनुसार श्रेष्ठ सिंह के पिता शोभा सिंह ने 1944 में विवादित मकान खरीदा और 1975 में निर्माण के लिए उरई सहकारी गृह निर्माण समिति से 40 हजार लोन लिया। शोभा सिंह के तीन बेटों में अनिल कुमार सिंह, वीरेंद्र कुमार सिंह और अमित सिंह हैं। पैतृक संपत्ति को लेकर तीनों भाइयों में विवाद हुआ। अनिल ने स्थायी निषेधाज्ञा वाद दायर किया, जो बाद में समझौते के आधार पर डिग्री हुआ। शोभा सिंह ने डिग्री के निष्पादन का वाद दायर किया। अमित ने यह कहते हुए आपत्ति की कि अनिल शोभा सिंह के लड़के थे, जिन्हें रणवीर सिंह ने गोद ले लिया है। इसलिए उन्हें संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलना चाहिए। अमित सिंह की अर्जी खारिज हुई। कई दौर की मुकदमेबाजी में असफलता के बाद उन्होंने अपने बेटे श्रेष्ठ सिंह और बेटी के जरिए मुकदमेबाजी शुरू कराई। कोर्ट ने इसे न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग मानते हुए निरस्त कर दिया। 26 फरवरी 18 को पारित इस आदेश को अपील में हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
विज्ञापन