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एनआरएचएम घोटाले के आरोपियों की याचिकाएं खारिज
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एनआरएचएम घोटाले के आरोपियों की याचिकाएं खारिज
0 दो कंपनियों के मालिकों को राहत देने से हाईकोर्ट का इंकार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने एनआरएचएम घोटाले में आरोपी एचसीएल इंफोसिस लिमिटेड के मालिक वीरेंद्र गोयल और राधेश्याम इंटरप्राइजेज के मालिक नीरज उपाध्याय की याचिका पर हस्तक्षेप करने से इंकार करते हुए उनकी याचिकाएं खारिज कर दी है। दोनों ने सीबीआई कोर्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सीबीआई अदालत ने इनकी उन्मोचन अर्जी (डिस्चार्ज एप्लीकेशन) खारिज कर दी थी। याचिका पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने सुनवाई की।
याचिका का विरोध कर रहे सीबीआई के वकील ज्ञान प्रकाश का कहना था कि याचीगण की कंपनियों को 951 कंप्यूटर लगाने का ठेका दिया गया था। श्री त्रेयान इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक जीके बत्रा(दिवंगत) को स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए 7.49 करोड़ रुपये का भुगतान किया। कंपनियों ने इसमें से 2.94 करोड़ रुपये के कंप्यूटर की आपूर्ति ही नहीं की। सीबीआई ने इस मामले में धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की है।
याचीगण ने स्पेशल कोर्ट सीबीआई में डिस्चार्ज एप्लीकेशन दाखिल कर कहा कि मुख्य आरोपी डीके बत्रा की मृत्यु हो चुकी है और उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं है। स्पेशल कोर्ट ने याचीगण की अर्जी निरस्त कर दी, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
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एनआरएचएम घोटाले के आरोपियों की याचिकाएं खारिज
0 दो कंपनियों के मालिकों को राहत देने से हाईकोर्ट का इंकार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने एनआरएचएम घोटाले में आरोपी एचसीएल इंफोसिस लिमिटेड के मालिक वीरेंद्र गोयल और राधेश्याम इंटरप्राइजेज के मालिक नीरज उपाध्याय की याचिका पर हस्तक्षेप करने से इंकार करते हुए उनकी याचिकाएं खारिज कर दी है। दोनों ने सीबीआई कोर्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सीबीआई अदालत ने इनकी उन्मोचन अर्जी (डिस्चार्ज एप्लीकेशन) खारिज कर दी थी। याचिका पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने सुनवाई की।
याचिका का विरोध कर रहे सीबीआई के वकील ज्ञान प्रकाश का कहना था कि याचीगण की कंपनियों को 951 कंप्यूटर लगाने का ठेका दिया गया था। श्री त्रेयान इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक जीके बत्रा(दिवंगत) को स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए 7.49 करोड़ रुपये का भुगतान किया। कंपनियों ने इसमें से 2.94 करोड़ रुपये के कंप्यूटर की आपूर्ति ही नहीं की। सीबीआई ने इस मामले में धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की है।
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याचीगण ने स्पेशल कोर्ट सीबीआई में डिस्चार्ज एप्लीकेशन दाखिल कर कहा कि मुख्य आरोपी डीके बत्रा की मृत्यु हो चुकी है और उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं है। स्पेशल कोर्ट ने याचीगण की अर्जी निरस्त कर दी, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
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