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शिक्षण कार्य में अनुभव वालों को फायदा
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शिक्षण कार्य में अनुभव वाले अभ्यर्थियों को फायदा
0 एपीआई स्कोर में जुड़ेंगे पूर्णकालिक शिक्षकों के सेवाकाल के अंक
0 अतिथि प्रवक्ता, जेआरएफ अभ्यर्थियों को नहीं मिल सकेगा लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में शिक्षक भर्ती के दौरान एपीआई स्कोर में टीचिंग एक्सपीरियंस भी जोड़ा जाएगा। शिक्षण कार्य में अनुभव के लिए प्रति वर्ष के हिसाब से दो अंक दिए जाएंगे और अधिकतम 10 अंक दिए जाएंगे। यह व्यवस्था यूजीसी रेगुलेशन-2018 के तहत की गई है। हालांकि इनमें जेआरएफ अभ्यर्थी, अतिथि प्रवक्ता शामिल नहीं हैं।
यूजीसी रेगुलेशन 2018 में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि शिक्षण पदों पर नियुक्ति के लिए एमफिल या पीएचडी उपाधि प्राप्त करने में अभ्यर्थियों द्वारा लिए गए समय पर शिक्षण/अनुसंधान अनुभव के रूप में विचार नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कोई अवकाश लिए बिना कोई अवकाश लिए बिना शिक्षण कार्य के साथ अनुसंधान उपाधि प्राप्त करने में व्यतीत की गई सक्रिय सेवा अवधि को सीधी भर्ती के उद्देश्य के लिए शिक्षण अनुभव माना जाएगा। यानी कोई अभ्यर्थी नेट अथवा जेआरएफ है और पीएचडी की डिग्री प्राप्त करने से पहले वह किसी विश्वविद्यालय या कॉलेज में पूर्ण कालिक शिक्षक के रूप में नियुक्त हो जाता है तो उसकी नियुक्ति की तिथि से उसका अनुभव जोड़ा जाएगा।
हालांकि, ऑनलाइन आवेदन करने वाले ऐसे कुछ अभ्यर्थियों का दावा है कि आवेदन के दौरान सेवाकाल की गणना पीएचडी की डिग्री प्राप्त होने के बाद से की जा रही है। अभ्यर्थियों ने इसमें सुधार की मांग की है। वहीं, जेआरएफ अभ्यर्थियों और अतिथि प्रवक्ताओं ने भी मांग की है कि उनके शिक्षण कार्य के अनुभव को भी एपीआई स्कोर में शामिल किया जाए। उधर, इविवि के फैकल्टी रिक्रूटमेंट सेल के निदेशक प्रो. अनुपम दीक्षित का कहना है कि सॉफ्टवेयर यूजीसी रेगुलेशन-2018 को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें किसी तरह की विसंगति नहीं है।
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शिक्षण कार्य में अनुभव वाले अभ्यर्थियों को फायदा
0 एपीआई स्कोर में जुड़ेंगे पूर्णकालिक शिक्षकों के सेवाकाल के अंक
0 अतिथि प्रवक्ता, जेआरएफ अभ्यर्थियों को नहीं मिल सकेगा लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में शिक्षक भर्ती के दौरान एपीआई स्कोर में टीचिंग एक्सपीरियंस भी जोड़ा जाएगा। शिक्षण कार्य में अनुभव के लिए प्रति वर्ष के हिसाब से दो अंक दिए जाएंगे और अधिकतम 10 अंक दिए जाएंगे। यह व्यवस्था यूजीसी रेगुलेशन-2018 के तहत की गई है। हालांकि इनमें जेआरएफ अभ्यर्थी, अतिथि प्रवक्ता शामिल नहीं हैं।
यूजीसी रेगुलेशन 2018 में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि शिक्षण पदों पर नियुक्ति के लिए एमफिल या पीएचडी उपाधि प्राप्त करने में अभ्यर्थियों द्वारा लिए गए समय पर शिक्षण/अनुसंधान अनुभव के रूप में विचार नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त कोई अवकाश लिए बिना कोई अवकाश लिए बिना शिक्षण कार्य के साथ अनुसंधान उपाधि प्राप्त करने में व्यतीत की गई सक्रिय सेवा अवधि को सीधी भर्ती के उद्देश्य के लिए शिक्षण अनुभव माना जाएगा। यानी कोई अभ्यर्थी नेट अथवा जेआरएफ है और पीएचडी की डिग्री प्राप्त करने से पहले वह किसी विश्वविद्यालय या कॉलेज में पूर्ण कालिक शिक्षक के रूप में नियुक्त हो जाता है तो उसकी नियुक्ति की तिथि से उसका अनुभव जोड़ा जाएगा।
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हालांकि, ऑनलाइन आवेदन करने वाले ऐसे कुछ अभ्यर्थियों का दावा है कि आवेदन के दौरान सेवाकाल की गणना पीएचडी की डिग्री प्राप्त होने के बाद से की जा रही है। अभ्यर्थियों ने इसमें सुधार की मांग की है। वहीं, जेआरएफ अभ्यर्थियों और अतिथि प्रवक्ताओं ने भी मांग की है कि उनके शिक्षण कार्य के अनुभव को भी एपीआई स्कोर में शामिल किया जाए। उधर, इविवि के फैकल्टी रिक्रूटमेंट सेल के निदेशक प्रो. अनुपम दीक्षित का कहना है कि सॉफ्टवेयर यूजीसी रेगुलेशन-2018 को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें किसी तरह की विसंगति नहीं है।
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