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गंगा-यमुना के जल स्तर में वृद्धि
Updated Sun, 05 Aug 2018 01:44 AM IST
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गंगा स्थित, यमुना का जलस्तर घटा
इलाहाबाद। कछारी इलाकों के करीब पहुंचने के बाद शनिवार की देर शाम गंगा का जल स्तर स्थिर हो गया। यमुना घटने लगी है। कानपुर, नरोरा और टिहरी बांधों से फिर 4.17 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे बाढ़ का खतरा बना हुआ है। तटवर्ती क्षेत्रों के लोग सुरक्षित स्थानों पर ठिकाना ढूंढने लगे हैं।
सिंचाई विभाग के बेनी बंध स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार फाफामऊ में रात आठ बजे गंगा 79.330 मीटर के जलस्तर पर पहुंच कर स्थिर हो गई। जबकि छतनाग में 77.230 मीटर पर जाकर घटने लगी है। छतनाग में शाम चार से रात आठ बजे के बीच दो सेंमी जल स्तर घट गया। इसी तरह नैनी में रात आठ बजे यमुना का जल स्तर 77. 950 मीटर रिकार्ड किया गया। यमुना भी एक सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से घट रही है। उधर, कानपुर बैराज से 2,72, 977 लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। नरौरा से 84,683 क्यूसेक और हरिद्वार से 59,401 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़े जाने से निचले स्तरों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
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इलाहाबाद। कछारी इलाकों के करीब पहुंचने के बाद शनिवार की देर शाम गंगा का जल स्तर स्थिर हो गया। यमुना घटने लगी है। कानपुर, नरोरा और टिहरी बांधों से फिर 4.17 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे बाढ़ का खतरा बना हुआ है। तटवर्ती क्षेत्रों के लोग सुरक्षित स्थानों पर ठिकाना ढूंढने लगे हैं।
सिंचाई विभाग के बेनी बंध स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार फाफामऊ में रात आठ बजे गंगा 79.330 मीटर के जलस्तर पर पहुंच कर स्थिर हो गई। जबकि छतनाग में 77.230 मीटर पर जाकर घटने लगी है। छतनाग में शाम चार से रात आठ बजे के बीच दो सेंमी जल स्तर घट गया। इसी तरह नैनी में रात आठ बजे यमुना का जल स्तर 77. 950 मीटर रिकार्ड किया गया। यमुना भी एक सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से घट रही है। उधर, कानपुर बैराज से 2,72, 977 लाख क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। नरौरा से 84,683 क्यूसेक और हरिद्वार से 59,401 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़े जाने से निचले स्तरों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
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