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गैैरजनपद से आवेदन करने वालेें को राहत
Updated Thu, 02 Aug 2018 01:48 AM IST
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फ्लैग: 12460 सहायक अध्यापक भर्ती
हेडिंग:
गैर जिलों से आवेदन करने वालों को हाईकोर्ट से राहत
0 जीरो वेकैंसी वाले जिलों के अभ्यर्थियों के लिए गैर जनपद में पद सुरक्षित रखने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। प्राथमिक विद्यालयों में 12460 सहायक अध्यापकों की भर्ती के मामले में हाईकोर्ट ने उन अभ्यर्थियों के हित सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है, जिन्होंने अपने जिले के बजाए किसी दूसरे जिले से आवेदन किया है। ऐसे अभ्यर्थियों को प्रथम चरण की काउंसलिंग में चयनित होने के बाद भी नियुक्तिपत्र नहीं दिया जा रहा है। जबकि, उनसे कम अंक वाले अभ्यर्थियों को नियुक्तिपत्र जारी कर दिए गए। इस मामले को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनौती दी गई है। अविनाश कुमार, सनी कपूर आदि की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी सुनवाई कर रहे हैं।
याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि 12460 सहायक अध्यापक भर्ती का विज्ञापन 15 दिसंबर 2016 को जारी किया गया था। 26 जनवरी 2016 को इसकी गाइड लाइन जारी की गई। गाइड लाइन के मुताबिक अभ्यर्थी ने जिस जिले से बीटीसी का कोर्स किया है, उसी जिले से आवेदन कर सकता है। यदि उस जिले में कोई पद विज्ञापित नहीं है तो वह किसी दूसरे जिले से आवेदन कर सकता है। याचीगण ने मेरठ से बीटीसी कोर्स किया। वहां कोई वेकैंसी न होने के कारण उन्होंने रामपुर से आवेदन किया और प्रथम काउंसलिंग में चयनित हो गए। इस बीच गैर जिलों के अभ्यर्थियों के चयन को लेकर लखनऊ खंडपीठ में याचिका दाखिल हुई, जिसमें कोर्ट ने गैर जनपद के अभ्यर्थियों के चयन पर रोक लगा दी। इसकी वजह से याचीगण को नियुक्तिपत्र जारी नहीं हो सका। लखनऊ खंडपीठ से विशेष अपील निस्तारित होकर पुन: एकलपीठ के पास भेज दी गई। इसके बाद बीएसए रामपुर ने अपने जिले से बीटीसी करने वाले अभ्यर्थियों जिनके अंक याचीगण से कम हैं को नियुक्तिपत्र जारी कर दिए, मगर याचीगण को नियुक्ति पत्र नहीं दिया जा रहा है। अधिवक्ता का कहना था कि यही स्थिति कमोवेश पूरे प्रदेश की है। गैर जनपद के अभ्यर्थियों को नियुक्तिपत्र नहीं दिए जा रहे हैं। कोर्ट ने आदेश दिया है कि याचीगण के पदों पर किसी तीसरे पक्ष का हित सृजित न किया जाए। याचिका पर 13 अगस्त को अगली सुनवाई होगी।
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गैर जिलों से आवेदन करने वालों को हाईकोर्ट से राहत
0 जीरो वेकैंसी वाले जिलों के अभ्यर्थियों के लिए गैर जनपद में पद सुरक्षित रखने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। प्राथमिक विद्यालयों में 12460 सहायक अध्यापकों की भर्ती के मामले में हाईकोर्ट ने उन अभ्यर्थियों के हित सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है, जिन्होंने अपने जिले के बजाए किसी दूसरे जिले से आवेदन किया है। ऐसे अभ्यर्थियों को प्रथम चरण की काउंसलिंग में चयनित होने के बाद भी नियुक्तिपत्र नहीं दिया जा रहा है। जबकि, उनसे कम अंक वाले अभ्यर्थियों को नियुक्तिपत्र जारी कर दिए गए। इस मामले को हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनौती दी गई है। अविनाश कुमार, सनी कपूर आदि की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी सुनवाई कर रहे हैं।
याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि 12460 सहायक अध्यापक भर्ती का विज्ञापन 15 दिसंबर 2016 को जारी किया गया था। 26 जनवरी 2016 को इसकी गाइड लाइन जारी की गई। गाइड लाइन के मुताबिक अभ्यर्थी ने जिस जिले से बीटीसी का कोर्स किया है, उसी जिले से आवेदन कर सकता है। यदि उस जिले में कोई पद विज्ञापित नहीं है तो वह किसी दूसरे जिले से आवेदन कर सकता है। याचीगण ने मेरठ से बीटीसी कोर्स किया। वहां कोई वेकैंसी न होने के कारण उन्होंने रामपुर से आवेदन किया और प्रथम काउंसलिंग में चयनित हो गए। इस बीच गैर जिलों के अभ्यर्थियों के चयन को लेकर लखनऊ खंडपीठ में याचिका दाखिल हुई, जिसमें कोर्ट ने गैर जनपद के अभ्यर्थियों के चयन पर रोक लगा दी। इसकी वजह से याचीगण को नियुक्तिपत्र जारी नहीं हो सका। लखनऊ खंडपीठ से विशेष अपील निस्तारित होकर पुन: एकलपीठ के पास भेज दी गई। इसके बाद बीएसए रामपुर ने अपने जिले से बीटीसी करने वाले अभ्यर्थियों जिनके अंक याचीगण से कम हैं को नियुक्तिपत्र जारी कर दिए, मगर याचीगण को नियुक्ति पत्र नहीं दिया जा रहा है। अधिवक्ता का कहना था कि यही स्थिति कमोवेश पूरे प्रदेश की है। गैर जनपद के अभ्यर्थियों को नियुक्तिपत्र नहीं दिए जा रहे हैं। कोर्ट ने आदेश दिया है कि याचीगण के पदों पर किसी तीसरे पक्ष का हित सृजित न किया जाए। याचिका पर 13 अगस्त को अगली सुनवाई होगी।
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