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उर्दू अनुवादकों की बर्खास्तगी रोकने का आदेश रद्द
Updated Mon, 11 Sep 2017 09:11 PM IST
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उर्दू अनुवादकों की बर्खास्तगी रोकने का आदेश रद्द
इलाहाबाद। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने आबकारी विभाग में कार्यरत 11 उर्दू अनुवादकों की बर्खास्तगी रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी है। प्रदेश सरकार ने इनको बर्खास्त किया था जिस पर कोर्ट की एकल न्यायपीठ ने रोक लगा दी थी। इस आदेश को सरकार ने विशेष अपील में चुनौती दी है। अपील पर न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने शौकत अली और अन्य उर्दू अनुवादकों की नियुक्ति बिना नियमावली के करने पर सवाल उठाया है। नियुक्ति में एकल पद पर आरक्षण का निर्णय मंडलायुक्त द्वारा लिया गया। इस पर अदालत ने पूछा है कि जब नियुक्तियां प्रदेश, मंडल और जिला कार्यालयों में की गई हैं तो एक पद पर आरक्षण का निर्णय मंडलायुक्त किस प्रकार से ले सकते हैं। कोर्ट ने सरकार से इन सवालों पर जवाब मांगा है।
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इलाहाबाद। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने आबकारी विभाग में कार्यरत 11 उर्दू अनुवादकों की बर्खास्तगी रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी है। प्रदेश सरकार ने इनको बर्खास्त किया था जिस पर कोर्ट की एकल न्यायपीठ ने रोक लगा दी थी। इस आदेश को सरकार ने विशेष अपील में चुनौती दी है। अपील पर न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने शौकत अली और अन्य उर्दू अनुवादकों की नियुक्ति बिना नियमावली के करने पर सवाल उठाया है। नियुक्ति में एकल पद पर आरक्षण का निर्णय मंडलायुक्त द्वारा लिया गया। इस पर अदालत ने पूछा है कि जब नियुक्तियां प्रदेश, मंडल और जिला कार्यालयों में की गई हैं तो एक पद पर आरक्षण का निर्णय मंडलायुक्त किस प्रकार से ले सकते हैं। कोर्ट ने सरकार से इन सवालों पर जवाब मांगा है।