{"_id":"5bf031e7bdec22694e6b8762","slug":"141542468071-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट के दखल पर मिला अल्पसंश्क संस्\nथा का दर्जा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट के दखल पर मिला अल्पसंश्क संस् था का दर्जा
Updated Sat, 17 Nov 2018 08:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट के आदेश पर शिक्षण संस्था को मिला अल्पसंख्यक दर्जा
प्रयागराज। फूलपुर के बख्शी टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट को प्रदेश सरकार ने अल्पसंख्यक शिक्षण संस्था का दर्जा प्रदान किया है। सरकार का आदेश हाईकोर्ट के अवमानना याचिका पर जवाब तलब करने के बाद आया। इससे पूर्व राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश पर कोई निर्णय नहीं लिया था। जिस पर अवमानना याचिका दाखिल करनी पड़ी थी। अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने दस अक्तूबर 2018 को प्रदेश सरकार से चार सप्ताह में जवाब मांगा था। 15 नवंबर को सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार की ओर से बताया गया कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए बख्शी टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट को अल्पसंख्यक संस्था का दर्जा दे दिया गया है।
इससे पूर्व इंस्टीट्यूट ने प्रदेश सरकार को प्रत्यावेदन देकर अल्पसंख्यक संस्था का दर्जा देने की मांग की थी। प्रदेश सरकार ने प्रत्यावेदन निरस्त कर दिया। इस पर संस्थान की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। संस्थान का कहना था कि भारत सरकार के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था आयोग ने उसे अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था का प्रमाणपत्र दिया हुआ है। इसके बावजूद राज्य सरकार से अल्पसंख्यक संस्था का दर्जा नहीं दे रही है। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को बख्शी इंस्टीट्यूट द्वारा दिए साक्ष्यों पर निर्णय लेने का आदेश दिया था। इसपर भी जब सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया तो अवमानना याचिका दाखिल की गई।
विज्ञापन
प्रयागराज। फूलपुर के बख्शी टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट को प्रदेश सरकार ने अल्पसंख्यक शिक्षण संस्था का दर्जा प्रदान किया है। सरकार का आदेश हाईकोर्ट के अवमानना याचिका पर जवाब तलब करने के बाद आया। इससे पूर्व राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश पर कोई निर्णय नहीं लिया था। जिस पर अवमानना याचिका दाखिल करनी पड़ी थी। अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने दस अक्तूबर 2018 को प्रदेश सरकार से चार सप्ताह में जवाब मांगा था। 15 नवंबर को सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार की ओर से बताया गया कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन करते हुए बख्शी टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट को अल्पसंख्यक संस्था का दर्जा दे दिया गया है।
इससे पूर्व इंस्टीट्यूट ने प्रदेश सरकार को प्रत्यावेदन देकर अल्पसंख्यक संस्था का दर्जा देने की मांग की थी। प्रदेश सरकार ने प्रत्यावेदन निरस्त कर दिया। इस पर संस्थान की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। संस्थान का कहना था कि भारत सरकार के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था आयोग ने उसे अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्था का प्रमाणपत्र दिया हुआ है। इसके बावजूद राज्य सरकार से अल्पसंख्यक संस्था का दर्जा नहीं दे रही है। हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को बख्शी इंस्टीट्यूट द्वारा दिए साक्ष्यों पर निर्णय लेने का आदेश दिया था। इसपर भी जब सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया तो अवमानना याचिका दाखिल की गई।
विज्ञापन