{"_id":"59de46d84f1c1bd1538b6eb3","slug":"141507739352-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध पोस्टर बैनर लगाने पर स्\nथानीय निकायों को नोटिस जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध पोस्टर बैनर लगाने पर स् थानीय निकायों को नोटिस जारी
Updated Wed, 11 Oct 2017 09:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अवैध पोस्टर, बैनर लगाने पर निकायों को नोटिस जारी
0 जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने स्थानीय निकायों से मांगा जवाब
इलाहाबाद। नगर निगम या स्थानीय निकायों से अनुमति लिए बिना अवैध रूप से पोस्टर और बैनर आदि सड़कों और चौराहों पर लगाने के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने स्थानीय निकायों को नोटिस जारी किया है। अधिवक्ता सुनील चौधरी की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति एमके गुप्ता की पीठ सुनवाई कर रही है। मामले की अगली सुनवाई 13 नवंबर को होगी।
याचिका में कहा गया है चुनाव और राजनीति रैलियों से पहले शहर की सड़कें और चौराहे तथा सरकारी इमारतें पोस्टरों और बैनरों से पट जाती हैं। ऐसा करने से पहले नगर निगम या स्थानीय निकाय की अनुमति नहीं ली जाती है, जबकि यह गैर कानूनी है। इस मामले में हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर चार अप्रैल 2016 को विस्तृत आदेश पारित किया है। राज्य सरकार ने भी शासनादेश जारी किया है, मगर इसका पालन नहीं हो रहा है।
अधिवक्ता का कहना था कि अवैध पोस्टर, बैनर और होर्डिंग आदि लगाने पर जुर्माना और प्राथमिकी दर्ज कराई जा सकती है। म्युनिसिपल कारपोरेशन एक्ट की धारा 193 के अनुसार संबंधित निकाय की अनुमति और शुल्क जमा किए बिना कोई भी प्रचार सामग्री नहीं लगाई जा सकती है। इससे स्थानीय निकायों को राजस्व की क्षति तो होती ही है, यातायात की समस्या भी पैदा होती है। शहर की स्वच्छता भी प्रभावित हो रही है। कोर्ट ने याची को निर्देश दिया है कि स्थानीय निकायों को भी याचिका में पक्षकार बनाते हुए डाक द्वारा सभी को नोटिस भेजा जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
0 जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने स्थानीय निकायों से मांगा जवाब
इलाहाबाद। नगर निगम या स्थानीय निकायों से अनुमति लिए बिना अवैध रूप से पोस्टर और बैनर आदि सड़कों और चौराहों पर लगाने के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने स्थानीय निकायों को नोटिस जारी किया है। अधिवक्ता सुनील चौधरी की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति एमके गुप्ता की पीठ सुनवाई कर रही है। मामले की अगली सुनवाई 13 नवंबर को होगी।
याचिका में कहा गया है चुनाव और राजनीति रैलियों से पहले शहर की सड़कें और चौराहे तथा सरकारी इमारतें पोस्टरों और बैनरों से पट जाती हैं। ऐसा करने से पहले नगर निगम या स्थानीय निकाय की अनुमति नहीं ली जाती है, जबकि यह गैर कानूनी है। इस मामले में हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर चार अप्रैल 2016 को विस्तृत आदेश पारित किया है। राज्य सरकार ने भी शासनादेश जारी किया है, मगर इसका पालन नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
अधिवक्ता का कहना था कि अवैध पोस्टर, बैनर और होर्डिंग आदि लगाने पर जुर्माना और प्राथमिकी दर्ज कराई जा सकती है। म्युनिसिपल कारपोरेशन एक्ट की धारा 193 के अनुसार संबंधित निकाय की अनुमति और शुल्क जमा किए बिना कोई भी प्रचार सामग्री नहीं लगाई जा सकती है। इससे स्थानीय निकायों को राजस्व की क्षति तो होती ही है, यातायात की समस्या भी पैदा होती है। शहर की स्वच्छता भी प्रभावित हो रही है। कोर्ट ने याची को निर्देश दिया है कि स्थानीय निकायों को भी याचिका में पक्षकार बनाते हुए डाक द्वारा सभी को नोटिस भेजा जाए।
विज्ञापन