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बुखार से ग्रसित 14 वर्षीय किशोर की मौत
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जितेंद्र (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
दुनका के गांव औरंगाबाद में 14 वर्षीय किशोर की बुखार ने ली जान
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दुनका। बुखार का बढ़ रहा कहर अब जानलेवा होता जा रहा है। रविवार देर रात फिर एक 14 वर्षीय किशोर की बुखार ने सांसे थाम दी। परिजनों के मुताबिक वह पिछले कई दिनों से बुखार समेत उल्टी दस्त की बीमारी से ग्रसित था। अस्पताल में भर्ती कराया पर हालत में सुधार न होने पर उसे दिल्ली के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान रविवार को मौत हो गई।
औरंगाबाद के रहने वाले पिता पप्पू मौर्य के मुताबिक उनके इकलौते बेटे जितेन्द्र की पिछले कई दिनों से तबियत खराब चल रही थी। उल्टी दस्त के साथ ही उसे तेज बुखार था। उन्होंने बेहतर इलाज के लिए बेटे को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। कई दिन भर्ती रहने के बाद भी जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो वह दिल्ली गए पर वहां भी राहत नहीं मिली। उन्होंने बेटे को डेंगू या जेई से पीड़ित होने की आशंका जताई पर इसकी पुष्टि के लिए कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके। रविवार को मृतक जितेंद्र का शव पैत्रिक गांव औरंगाबाद आया तो परिवार में कोहराम मच गया। पप्पू के तीन बेटियों के बीच जितेन्द्र इकलौता बेटा था।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में और भी कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। उन्होंने मलेरिया डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग से फॉगिंग और एंटीलार्वा छिड़काव की मांग की है। साथ ही, बुखार पीड़ित प्रत्येक व्यक्ति की रैपिड जांच करने को कहा है ताकि बुखार की वजह सामने आ सके। बता दें कि पिछलेे दिनों जिला अस्पताल में बुखार से ग्रसित नौ वर्षीय बच्चे की, शनिवार को रिछा की एक बच्ची की मौत हो चुकी है।
औरंगाबाद के रहने वाले पिता पप्पू मौर्य के मुताबिक उनके इकलौते बेटे जितेन्द्र की पिछले कई दिनों से तबियत खराब चल रही थी। उल्टी दस्त के साथ ही उसे तेज बुखार था। उन्होंने बेहतर इलाज के लिए बेटे को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। कई दिन भर्ती रहने के बाद भी जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो वह दिल्ली गए पर वहां भी राहत नहीं मिली। उन्होंने बेटे को डेंगू या जेई से पीड़ित होने की आशंका जताई पर इसकी पुष्टि के लिए कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके। रविवार को मृतक जितेंद्र का शव पैत्रिक गांव औरंगाबाद आया तो परिवार में कोहराम मच गया। पप्पू के तीन बेटियों के बीच जितेन्द्र इकलौता बेटा था।
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ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में और भी कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। उन्होंने मलेरिया डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग से फॉगिंग और एंटीलार्वा छिड़काव की मांग की है। साथ ही, बुखार पीड़ित प्रत्येक व्यक्ति की रैपिड जांच करने को कहा है ताकि बुखार की वजह सामने आ सके। बता दें कि पिछलेे दिनों जिला अस्पताल में बुखार से ग्रसित नौ वर्षीय बच्चे की, शनिवार को रिछा की एक बच्ची की मौत हो चुकी है।
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