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ट्रिपलसी परीक्षा में सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़, 14 गिरफ्तार
Wed, 07 Oct 2020 12:51 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2020 12:51 AM IST
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उत्तर प्रदेश पुलिस
- फोटो : सोशल मीडिया
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प्रयागराज। राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईईएलआईटी) की ट्रिपलसी (कोर्स ऑन कंप्यूटर कॉन्सेप्ट) परीक्षा के दौरान सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। एसटीएफ ने औद्योगिक थाना क्षेत्र स्थित परीक्षा केंद्र पर छापा मारकर 13 सॉल्वरों समेत 14 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें परीक्षा केंद्र का मैनेजर भी शामिल है। अफसरों ने बताया कि स्थानीय पुलिस की मदद से कंप्यूटर सेंटर को सील करा दिया गया है। साथ ही आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
एसटीएफ अफसरों के मुताबिक, ट्रिपलसी परीक्षा का आयोजन 29 सितंबर से सात अक्तूबर तक होना है, जिसके लिए औद्योगिक क्षेत्र के सड़वा स्थित चंद्रकला युनिवर्सल प्राइवेट लिमिटेड को भी केंद्र बनाया गया था। धांधली की सूचना पर सोमवार को एएसपी नीरज पांडेय के नेतृत्व में एसटीएफ स्थानीय इकाई की टीम ने परीक्षा केंद्र पर छापा मारा। यहां भूतल पर परीक्षार्थी मिले लेकिन प्रथम तल पर बने हॉल में 13 सॉल्वर पकड़े गए जो वहां रखे 26 कंप्यूटर सिस्टम पर खुले प्रश्रपत्र हल करते मिले। पूछताछ के दौरान पता चला कि इस सॉल्वर गिरोह का सरगना सेंटर मैनेजर अशोक कुमार नौटियाल है, जिस पर उसे भी हिरासत में ले लिया गया।
हाईटेक तरीके से होता था खेल
एसटीएफ के मुताबिक, पूछताछ में पता चला कि गिरोह बेहद हाईटेक तरीके से इस पूरे खेल को अंजाम देता था। मैनेजर अशोक ने एसटीएफ अफसरों को बताया कि परीक्षा पास कराने के लिए वह अभ्यर्थियों से पहले से ठेका ले लेता था। अभ्यर्थियों के यूजर आईडी व पासवर्ड पहले से उसके पास होते थे, ऐसे में वह इन्हें सॉल्वरों को उपलब्ध कराकर यह खेल करता था। यह भी बताया कि परीक्षा के दौरान एमी एडमनि सॉफ्टवेयर के जरिए एडमिन कंप्यूटर से कई अन्य कंप्यूटरों को जोड़ दिया जाता है। इसके बाद प्रत्येक दो कंप्यूटरों पर खुले प्रश्रपत्रों को एक-एक सॉल्वरों से हल कराया जाता था। थाने लाकर सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
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सात लाख से ज्यादा की थी डील
गिरोह के पकड़े गए सदस्यों के कब्जे से एसटीएफ को जो दस्तावेज मिले हैं, उसके आधार पर मानाओजा रहा है कि इस बार की परीक्षा में सात लाख से ज्यादा की डील की जानी थी। दरअसल उनके कब्जे से 150 अभ्यर्थियों की सूची मिली है। पूछताछ में सरगना ने यह भी बताया है कि वह परीक्षा पास कराने के लिए प्रति अभ्यर्थी पांच हजार रुपये लेता था। इसमेें से ढाई हजार रुपये सॉल्वर को दिए जाते थे। इस हिसाब से अनुमान लगाया जाए तो 29 से सात अक्तूबर तक होने वाली परीक्षा के लिए सात लाख रुपये से ज्यादा की डील गिरोह ने की थी।
बरामदगी -14 मोबाइल, आठ आधार, दो ड्राइविंग लाइसेंस,26 डेस्कटॉप, 14 एडमिट कार्ड, 150 अभ्यर्थियों की सूची, 2.08 लाख नगद
यह हुए गिरफ्तार
अशोक कुमार नौटियाल निवासी टैगोर टाउन (सरगना), शाश्वत केसरवानी निवासी बलुआघाट मुट्ठीगंज, सुनील कुमार दुबे निवासी उमरपुर नीवां, सुधांशु गुप्ता निवासी साउथ मलाका कोतवाली, मनीष चंद्र पांडे निवासी लूकरगंज, अमित शंकर पांडे निवासी दारागंज, प्रियांक मिश्रा निवासी चकदाउदनगर नैनी, आनंद कुशवाहा निवासी म्योर रोड कर्नलगंज, अभिषेक खरे निवासी धूमनगंज, मुकेश तिवारी निवासी मेजा, वैभव श्रीवास्तव निवासी एडीए नैनी, हर्षवर्धन निवासी जौनपुर, इरशाद निवासी चकिया, संदीप तिवारी निवासी धूमनगंज।
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एसटीएफ अफसरों के मुताबिक, ट्रिपलसी परीक्षा का आयोजन 29 सितंबर से सात अक्तूबर तक होना है, जिसके लिए औद्योगिक क्षेत्र के सड़वा स्थित चंद्रकला युनिवर्सल प्राइवेट लिमिटेड को भी केंद्र बनाया गया था। धांधली की सूचना पर सोमवार को एएसपी नीरज पांडेय के नेतृत्व में एसटीएफ स्थानीय इकाई की टीम ने परीक्षा केंद्र पर छापा मारा। यहां भूतल पर परीक्षार्थी मिले लेकिन प्रथम तल पर बने हॉल में 13 सॉल्वर पकड़े गए जो वहां रखे 26 कंप्यूटर सिस्टम पर खुले प्रश्रपत्र हल करते मिले। पूछताछ के दौरान पता चला कि इस सॉल्वर गिरोह का सरगना सेंटर मैनेजर अशोक कुमार नौटियाल है, जिस पर उसे भी हिरासत में ले लिया गया।
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हाईटेक तरीके से होता था खेल
एसटीएफ के मुताबिक, पूछताछ में पता चला कि गिरोह बेहद हाईटेक तरीके से इस पूरे खेल को अंजाम देता था। मैनेजर अशोक ने एसटीएफ अफसरों को बताया कि परीक्षा पास कराने के लिए वह अभ्यर्थियों से पहले से ठेका ले लेता था। अभ्यर्थियों के यूजर आईडी व पासवर्ड पहले से उसके पास होते थे, ऐसे में वह इन्हें सॉल्वरों को उपलब्ध कराकर यह खेल करता था। यह भी बताया कि परीक्षा के दौरान एमी एडमनि सॉफ्टवेयर के जरिए एडमिन कंप्यूटर से कई अन्य कंप्यूटरों को जोड़ दिया जाता है। इसके बाद प्रत्येक दो कंप्यूटरों पर खुले प्रश्रपत्रों को एक-एक सॉल्वरों से हल कराया जाता था। थाने लाकर सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
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सात लाख से ज्यादा की थी डील
गिरोह के पकड़े गए सदस्यों के कब्जे से एसटीएफ को जो दस्तावेज मिले हैं, उसके आधार पर मानाओजा रहा है कि इस बार की परीक्षा में सात लाख से ज्यादा की डील की जानी थी। दरअसल उनके कब्जे से 150 अभ्यर्थियों की सूची मिली है। पूछताछ में सरगना ने यह भी बताया है कि वह परीक्षा पास कराने के लिए प्रति अभ्यर्थी पांच हजार रुपये लेता था। इसमेें से ढाई हजार रुपये सॉल्वर को दिए जाते थे। इस हिसाब से अनुमान लगाया जाए तो 29 से सात अक्तूबर तक होने वाली परीक्षा के लिए सात लाख रुपये से ज्यादा की डील गिरोह ने की थी।
बरामदगी -14 मोबाइल, आठ आधार, दो ड्राइविंग लाइसेंस,26 डेस्कटॉप, 14 एडमिट कार्ड, 150 अभ्यर्थियों की सूची, 2.08 लाख नगद
यह हुए गिरफ्तार
अशोक कुमार नौटियाल निवासी टैगोर टाउन (सरगना), शाश्वत केसरवानी निवासी बलुआघाट मुट्ठीगंज, सुनील कुमार दुबे निवासी उमरपुर नीवां, सुधांशु गुप्ता निवासी साउथ मलाका कोतवाली, मनीष चंद्र पांडे निवासी लूकरगंज, अमित शंकर पांडे निवासी दारागंज, प्रियांक मिश्रा निवासी चकदाउदनगर नैनी, आनंद कुशवाहा निवासी म्योर रोड कर्नलगंज, अभिषेक खरे निवासी धूमनगंज, मुकेश तिवारी निवासी मेजा, वैभव श्रीवास्तव निवासी एडीए नैनी, हर्षवर्धन निवासी जौनपुर, इरशाद निवासी चकिया, संदीप तिवारी निवासी धूमनगंज।