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व्यापारी सुरक्षा फंड घोषित न होने से कारोबारी निराश
Updated Sat, 17 Feb 2018 01:13 AM IST
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व्यापारी सुरक्षा फंड घोषित न होने से कारोबारी निराश
0 कारोबारियों की ई-वे बिल पर संशोधन की मांग रह गई अधूरी
0 बजट में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम के लिए हैं उचित प्रावधान
इलाहाबाद। योगी सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में व्यापारी सुरक्षा फंड घोषित न किए जाने से शहर के तमाम कारोबारी खासे निराश है। कारोबारियों को उम्मीद थी कि सरकार व्यापारी हित में इस बार सुरक्षा फंड घोषित करेगी। लंबे समय से व्यापारी इसकी मांग भी कर रहे हैं। बजट में इसका प्रावधान नहीं किया गया। ई-वे बिल में भी सरकार द्वारा राहत न दिए जाने से व्यापारी परेशान है। कारोबारियों के मुताबिक सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए था। हालांकि कारोबारियों ने योगी सरकार के बजट को आम लोगों के बेहतर भी बताया ।
प्रयाग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विजय अरोरा के मुताबिक व्यापारियों के प्रतिनिधि मंडल ने पूर्व में सीएम योगी से मुलाकात कर सुरक्षा फंड घोषित किए जाने की मांग की थी। सरकार ने यह मांग अनसुनी कर दी। कारोबारी मो. कादिर ने भी बजट पर निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि ई-वे बिल ने सभी कारोबारियों को खासा परेशान कर रखा है। अफसर ई-वे बिल के नाम पर कारोबारियों को खूब परेशान भी कर रहे हैं। इसमें संशोधन की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री योगेश गोयल ने भी योगी सरकार के बजट पर व्यापारियों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक बजट में व्यापारियों के लिए कुछ भी नहीं है। ईस्टर्न यूपी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के सचिव अनिल अग्रवाल ने योगी सरकार के बजट की सराहना की। कहा कि सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम के लिए ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ सराहनीय कदम है। बजट कुल मिलाकर बेहतर है, लेकिन राज्य सरकार इसमें कितना अमल करती है यह देखने योग्य होगा। कैट के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने कहा कि योगी सरकार का बजट संतुलित है। इसमें युवा, किसान और मूलभूत सुविधाओं पर काफी रकम का प्रावधान रखा है। व्यापारियों के लिए अलग से कोई भी व्यवस्था नहीं की गई। सड़कों का जाल बिछाने से माल परिवहन की सुविधा बढ़ेगी। इसका कहीं न कहीं फायदा कारोबारियों को भी होगा। राजरूपपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने कहा कि सरकार को व्यापारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर अलग से प्रावधान करना चाहिए था।
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0 कारोबारियों की ई-वे बिल पर संशोधन की मांग रह गई अधूरी
0 बजट में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम के लिए हैं उचित प्रावधान
इलाहाबाद। योगी सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में व्यापारी सुरक्षा फंड घोषित न किए जाने से शहर के तमाम कारोबारी खासे निराश है। कारोबारियों को उम्मीद थी कि सरकार व्यापारी हित में इस बार सुरक्षा फंड घोषित करेगी। लंबे समय से व्यापारी इसकी मांग भी कर रहे हैं। बजट में इसका प्रावधान नहीं किया गया। ई-वे बिल में भी सरकार द्वारा राहत न दिए जाने से व्यापारी परेशान है। कारोबारियों के मुताबिक सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए था। हालांकि कारोबारियों ने योगी सरकार के बजट को आम लोगों के बेहतर भी बताया ।
प्रयाग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विजय अरोरा के मुताबिक व्यापारियों के प्रतिनिधि मंडल ने पूर्व में सीएम योगी से मुलाकात कर सुरक्षा फंड घोषित किए जाने की मांग की थी। सरकार ने यह मांग अनसुनी कर दी। कारोबारी मो. कादिर ने भी बजट पर निराशा जाहिर की। उन्होंने कहा कि ई-वे बिल ने सभी कारोबारियों को खासा परेशान कर रखा है। अफसर ई-वे बिल के नाम पर कारोबारियों को खूब परेशान भी कर रहे हैं। इसमें संशोधन की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री योगेश गोयल ने भी योगी सरकार के बजट पर व्यापारियों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक बजट में व्यापारियों के लिए कुछ भी नहीं है। ईस्टर्न यूपी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के सचिव अनिल अग्रवाल ने योगी सरकार के बजट की सराहना की। कहा कि सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम के लिए ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ सराहनीय कदम है। बजट कुल मिलाकर बेहतर है, लेकिन राज्य सरकार इसमें कितना अमल करती है यह देखने योग्य होगा। कैट के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने कहा कि योगी सरकार का बजट संतुलित है। इसमें युवा, किसान और मूलभूत सुविधाओं पर काफी रकम का प्रावधान रखा है। व्यापारियों के लिए अलग से कोई भी व्यवस्था नहीं की गई। सड़कों का जाल बिछाने से माल परिवहन की सुविधा बढ़ेगी। इसका कहीं न कहीं फायदा कारोबारियों को भी होगा। राजरूपपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने कहा कि सरकार को व्यापारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर अलग से प्रावधान करना चाहिए था।
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