{"_id":"5a53c95a4f1c1b0a788b76ac","slug":"131515440474-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह महीने में छह रुपये बढ़ गए पेट्रोल-डीजल के दाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह महीने में छह रुपये बढ़ गए पेट्रोल-डीजल के दाम
Updated Tue, 09 Jan 2018 01:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छह महीने में छह रुपये बढ़ गए पेट्रोल-डीजल के दाम
0 एक जुलाई को डीजल 55 रुपये तो अब हो गया है 61 से ज्यादा का रेट
0 पेट्रोल के दाम में भी इसी अवधि में छह रुपये की हुई बढ़ोत्तरी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। पेट्रोल और डीजल के दाम में चुपके-चुपके पिछले छह माह के दौरान छह रुपये की वृद्धि हो गई है। हर रोज इन दोनों के दाम में कुछ पैसे की वृद्धि तेल कंपनियाें द्वारा की जा रही है। अमूमन डीजल के मुकाबले पेट्रोल की कीमतें ज्यादा तेजी से बढ़ती हैं, लेकिन अब इसका उल्टा ही हो रहा है। बीते छह माह के दौरान पेट्रोल के दाम में जहां 6.01 रुपये की वृद्धि हुई है तो वहीं डीजल के दाम 6.28 रुपये तक बढ़ गए हैं। सोमवार को डीजल की कीमत ने एक नया रिकॉर्ड बनाया। इलाहाबाद में डीजल के दाम 61.29 प्रति लीटर हो गया जो पिछले तीन साल में अब तक की सबसे ज्यादा कीमत रही। इलाहाबाद में डीजल का दाम अधिकतम 62 रुपये प्रति लीटर तक गया है।
डीजल और पेट्रोल की कीमत में लगातार हो रही वृद्धि से आम शहरी खासे परेशान है। यह हाल तब है कि जब ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत 61.61 डालर प्रति बैरल है। ज्यादातर की जुबां पर यही सवाल है कि अगर इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड तकरीबन 61 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया तो पेट्रोल के दाम में ज्यादा गिरावट क्यों नहीं हो रही है।
वर्ष 2008 में यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की उच्चतम स्तर पर 145.85 डॉलर प्रति बैरल हो गई थी। हालांकि तब पेट्रोल 55 रुपये और डीजल का दाम 38 रुपये प्रति लीटर के आसपास था। अब जब कच्चे तेल के दाम इंटरनेशनल मार्केट में 61 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गए है तब भी पेट्रोल की कीमत इलाहाबाद समेत यूपी के तमाम शहरों में 72 रुपये और डीजल की कीमत प्रति लीटर 61 रुपये से ज्यादा की हो गई है।
विज्ञापन
एक जुलाई 2017 की बात करें तो शहर में डीजल का दाम 55.01 रुपये था इसके बाद हर रोज कुछ पैसों की बढ़ोत्तरी का क्रम इस तरह से हुई कि डीजल का दाम पिछले तीन साल के अब तक के सबसे उच्चतम स्तर 61.29 रुपये प्रतिलीटर हो गया। पेट्रोल भी 66.51 से बढ़कर आठ जनवरी 2018 तक 72.52 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया। इस दौरान बीच में कुछ मौके ऐसे भी आए जब पेट्रोल-डीजल के दाम कुछ पैसे घटे भी।
‘क्रूड ऑयल के दाम में इधर कुछ वृद्धि हुई है। इसी वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्धि हुई है। उम्मीद है कि डीजल-पेट्रोल के दाम शीघ्र ही गिरेंगे। ’ किशोर सोनक, चीफ डिवीजनल रिटेल सेल्स मैनेजर, आईओसी।
इस तरह से हो रही बढ़ोत्तरी
माह डीजल (दाम प्रति लीटर) पेट्रोल (दाम प्रति लीटर)
एक जुलाई 2017 55.01 66.51
एक अगस्त 2017 56.44 68.62
एक सितंबर 2017 58.41 71.60
एक अक्तूबर 2017 59.95 72.77
एक नवंबर 2017 58.93 71.50
एक दिसंबर 2017 59.50 71.56
एक जनवरी 2018 60.62 72.15
आठ जनवरी 2018 61.29 72.52
0000000000000000000000
31 हजार गैस कनेक्शन हो गए ब्लॉक
इलाहाबाद। केवाईसी जमा न करने वाले 31 उपभोक्ताओं का इंडेन, बीपीसी, एचपीसी आदि कंपनियों ने गैस कनेक्शन ब्लॉक कर दिया है। पिछले दो रोज से ये लोग गैस एंजेसियों का चक्कर काट रहे हैं। हालांकि संबंधित कंपनियों की ओर से गैस एजेंसी संचालकों से कहा गया है कि जो ग्राहक केवाईसी जमा कर रहे हैं उनका कनेक्शन बहाल कर दिया जाए। इलाहाबाद में विभिन्न तेल कंपनियों के तकरीबन नौ लाख उपभोक्ता है। इसमें से 31 हजार ने केवाईसी जमा नहीं की है।
विज्ञापन
0 एक जुलाई को डीजल 55 रुपये तो अब हो गया है 61 से ज्यादा का रेट
0 पेट्रोल के दाम में भी इसी अवधि में छह रुपये की हुई बढ़ोत्तरी
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। पेट्रोल और डीजल के दाम में चुपके-चुपके पिछले छह माह के दौरान छह रुपये की वृद्धि हो गई है। हर रोज इन दोनों के दाम में कुछ पैसे की वृद्धि तेल कंपनियाें द्वारा की जा रही है। अमूमन डीजल के मुकाबले पेट्रोल की कीमतें ज्यादा तेजी से बढ़ती हैं, लेकिन अब इसका उल्टा ही हो रहा है। बीते छह माह के दौरान पेट्रोल के दाम में जहां 6.01 रुपये की वृद्धि हुई है तो वहीं डीजल के दाम 6.28 रुपये तक बढ़ गए हैं। सोमवार को डीजल की कीमत ने एक नया रिकॉर्ड बनाया। इलाहाबाद में डीजल के दाम 61.29 प्रति लीटर हो गया जो पिछले तीन साल में अब तक की सबसे ज्यादा कीमत रही। इलाहाबाद में डीजल का दाम अधिकतम 62 रुपये प्रति लीटर तक गया है।
डीजल और पेट्रोल की कीमत में लगातार हो रही वृद्धि से आम शहरी खासे परेशान है। यह हाल तब है कि जब ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत 61.61 डालर प्रति बैरल है। ज्यादातर की जुबां पर यही सवाल है कि अगर इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड तकरीबन 61 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया तो पेट्रोल के दाम में ज्यादा गिरावट क्यों नहीं हो रही है।
विज्ञापन
वर्ष 2008 में यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की उच्चतम स्तर पर 145.85 डॉलर प्रति बैरल हो गई थी। हालांकि तब पेट्रोल 55 रुपये और डीजल का दाम 38 रुपये प्रति लीटर के आसपास था। अब जब कच्चे तेल के दाम इंटरनेशनल मार्केट में 61 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गए है तब भी पेट्रोल की कीमत इलाहाबाद समेत यूपी के तमाम शहरों में 72 रुपये और डीजल की कीमत प्रति लीटर 61 रुपये से ज्यादा की हो गई है।
विज्ञापन
एक जुलाई 2017 की बात करें तो शहर में डीजल का दाम 55.01 रुपये था इसके बाद हर रोज कुछ पैसों की बढ़ोत्तरी का क्रम इस तरह से हुई कि डीजल का दाम पिछले तीन साल के अब तक के सबसे उच्चतम स्तर 61.29 रुपये प्रतिलीटर हो गया। पेट्रोल भी 66.51 से बढ़कर आठ जनवरी 2018 तक 72.52 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया। इस दौरान बीच में कुछ मौके ऐसे भी आए जब पेट्रोल-डीजल के दाम कुछ पैसे घटे भी।
‘क्रूड ऑयल के दाम में इधर कुछ वृद्धि हुई है। इसी वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्धि हुई है। उम्मीद है कि डीजल-पेट्रोल के दाम शीघ्र ही गिरेंगे। ’ किशोर सोनक, चीफ डिवीजनल रिटेल सेल्स मैनेजर, आईओसी।
इस तरह से हो रही बढ़ोत्तरी
माह डीजल (दाम प्रति लीटर) पेट्रोल (दाम प्रति लीटर)
एक जुलाई 2017 55.01 66.51
एक अगस्त 2017 56.44 68.62
एक सितंबर 2017 58.41 71.60
एक अक्तूबर 2017 59.95 72.77
एक नवंबर 2017 58.93 71.50
एक दिसंबर 2017 59.50 71.56
एक जनवरी 2018 60.62 72.15
आठ जनवरी 2018 61.29 72.52
0000000000000000000000
31 हजार गैस कनेक्शन हो गए ब्लॉक
इलाहाबाद। केवाईसी जमा न करने वाले 31 उपभोक्ताओं का इंडेन, बीपीसी, एचपीसी आदि कंपनियों ने गैस कनेक्शन ब्लॉक कर दिया है। पिछले दो रोज से ये लोग गैस एंजेसियों का चक्कर काट रहे हैं। हालांकि संबंधित कंपनियों की ओर से गैस एजेंसी संचालकों से कहा गया है कि जो ग्राहक केवाईसी जमा कर रहे हैं उनका कनेक्शन बहाल कर दिया जाए। इलाहाबाद में विभिन्न तेल कंपनियों के तकरीबन नौ लाख उपभोक्ता है। इसमें से 31 हजार ने केवाईसी जमा नहीं की है।