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कोर्ट की अवमानना में कुलपति हांगलू तलब
Updated Sat, 07 Oct 2017 08:59 PM IST
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कोर्ट की अवमानना में कुलपति हांगलू तलब
0 इविवि के सेवानिवृत्त प्रोफेसरों को पुनर्नियुक्ति देने के आदेश का नहीं किया पालन
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर पुनर्नियुक्त किए गए प्रोफेसरों का कार्यकाल बढ़ाने को लेकर हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर कुलपति प्रोफेसर हांगलू को कोर्ट ने तलब कर लिया है। उनको 24 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित अवमानना का आरोप तय करने के लिए तलब किया गया है। इविवि के अवकाश प्राप्त प्रोफेसर रामकिशोर शास्त्री की अवमानना याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र सुनवाई कर रहे हैं।
हाईकोर्ट ने 16 नवंबर 2016 को विश्वविद्यालय को निर्देश दिया था कि विभिन्न विभागों में अध्यापकों के रिक्त पदों को देखते हुए अवकाश प्राप्त प्रोफेसरों को दी गई पुनर्नियुक्ति को जारी रखा जाए। विश्वविद्यालय ने 2015 में इन प्रोफेसरों को पुनर्नियुक्ति पर एक वर्ष के लिए रखा था। बाद में सभी का कार्यकाल तीन वर्ष के लिए और बढ़ा दिया गया। 25 फरवरी 2016 को एक्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में तय किया गया कि पुनर्नियुक्त प्रोफेसरों का कार्यकाल सामूहिक रूप से नहीं बढ़ाया जाएगा, बल्कि हर एक के मामले में अलग-अलग निर्णय लिया जाएगा। इस निर्णय के तहत रजिस्ट्रार ने आठ जून 2016 को एक अधिसूचना जारी कर 65 वर्ष से अधिक आयु के सभी प्रोफेसरों की पुनर्नियुक्ति समाप्त कर दी। रजिस्ट्रार के इस आदेश पर हाईकोर्ट ने 18 जुलाई 2016 को रोक लगाते हुए कुलपति को हर केस पर पुनर्विचार करने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद रजिस्ट्रार ने तीन अगस्त 2016 को पुन: एक अधिसूचना जारी कर पुनर्नियुक्ति चाहने वाले रिटायर्ड प्रोफेसरों से निर्धारित प्रोफार्मा पर आवेदन मांगा।
तीन अगस्त की अधिसूचना को कोर्ट में यह कहते हुए चुनौती दी गई कि फिर से आवेदन मांगने का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि उनकी पुनर्नियुक्ति हो चुकी है, अब सिर्फ कार्यकाल बढ़ाया जाना है। हाईकोर्ट ने 16 नवंबर 2016 के अपने अंतरिम आदेश में 16 अप्रैल 2015 को पुनर्नियुक्त किए गए सभी प्रोफेसरों का कार्यकाल बढ़ाने का निर्देश दिया, मगर विश्वविद्यालय ने इस आदेश का पालन नहीं किया और अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान मूल याचिका के अंतिम निस्तारण तक के लिए समय की मांग की। कोर्ट ने विश्वविद्यालय की मांग अस्वीकार करते हुए कुलपति को 24 अक्तूबर को उपस्थित होने का आदेश दिया है।
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0 इविवि के सेवानिवृत्त प्रोफेसरों को पुनर्नियुक्ति देने के आदेश का नहीं किया पालन
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर पुनर्नियुक्त किए गए प्रोफेसरों का कार्यकाल बढ़ाने को लेकर हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने पर कुलपति प्रोफेसर हांगलू को कोर्ट ने तलब कर लिया है। उनको 24 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित अवमानना का आरोप तय करने के लिए तलब किया गया है। इविवि के अवकाश प्राप्त प्रोफेसर रामकिशोर शास्त्री की अवमानना याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र सुनवाई कर रहे हैं।
हाईकोर्ट ने 16 नवंबर 2016 को विश्वविद्यालय को निर्देश दिया था कि विभिन्न विभागों में अध्यापकों के रिक्त पदों को देखते हुए अवकाश प्राप्त प्रोफेसरों को दी गई पुनर्नियुक्ति को जारी रखा जाए। विश्वविद्यालय ने 2015 में इन प्रोफेसरों को पुनर्नियुक्ति पर एक वर्ष के लिए रखा था। बाद में सभी का कार्यकाल तीन वर्ष के लिए और बढ़ा दिया गया। 25 फरवरी 2016 को एक्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक में तय किया गया कि पुनर्नियुक्त प्रोफेसरों का कार्यकाल सामूहिक रूप से नहीं बढ़ाया जाएगा, बल्कि हर एक के मामले में अलग-अलग निर्णय लिया जाएगा। इस निर्णय के तहत रजिस्ट्रार ने आठ जून 2016 को एक अधिसूचना जारी कर 65 वर्ष से अधिक आयु के सभी प्रोफेसरों की पुनर्नियुक्ति समाप्त कर दी। रजिस्ट्रार के इस आदेश पर हाईकोर्ट ने 18 जुलाई 2016 को रोक लगाते हुए कुलपति को हर केस पर पुनर्विचार करने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद रजिस्ट्रार ने तीन अगस्त 2016 को पुन: एक अधिसूचना जारी कर पुनर्नियुक्ति चाहने वाले रिटायर्ड प्रोफेसरों से निर्धारित प्रोफार्मा पर आवेदन मांगा।
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तीन अगस्त की अधिसूचना को कोर्ट में यह कहते हुए चुनौती दी गई कि फिर से आवेदन मांगने का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि उनकी पुनर्नियुक्ति हो चुकी है, अब सिर्फ कार्यकाल बढ़ाया जाना है। हाईकोर्ट ने 16 नवंबर 2016 के अपने अंतरिम आदेश में 16 अप्रैल 2015 को पुनर्नियुक्त किए गए सभी प्रोफेसरों का कार्यकाल बढ़ाने का निर्देश दिया, मगर विश्वविद्यालय ने इस आदेश का पालन नहीं किया और अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान मूल याचिका के अंतिम निस्तारण तक के लिए समय की मांग की। कोर्ट ने विश्वविद्यालय की मांग अस्वीकार करते हुए कुलपति को 24 अक्तूबर को उपस्थित होने का आदेश दिया है।
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