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13 साल बाद मिली जीत में इलाहाबाद से भी गोल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 06 Nov 2017 01:41 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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13 साल बाद एशिया कप अपने नाम करने वाली चैंपियन भारतीय महिला हॉकी टीम का सीधा रिश्ता इलाहाबाद से भी है। जापान में आयोजित मैच के दौरान शानदार पारी खेलने वाली गुरजीत कौर यहां डीआरएम ऑफिस में कार्यरत हैं। उन्होंने देश के साथ-साथ इलाहाबाद का भी नाम रोशन किया है। उन्होंने पूरी सीरीज के दौरान आठ गोल किए। पेनाल्टी कार्नर में एक्सपर्ट होने का टीम को लाभ भी दिलाया।
मूलरूप से पंजाब के अमृतसर के गांव अजनाल की रहने वाली गुरजीत के पिता किसान हैं और उनका जन्म 25 अक्तूबर 1995 को हुआ था। वह 2016 से इलाहाबाद में डीआरएम आफिस के पर्सनल डिपार्टमेंट में काम कर रहीं हैं। जापान से फोन पर बातचीत के दौरान उन्होंने अमर उजाला को बताया कि हाल ही में हॉकी की पुरुष टीम के एशिया कप जीतने के बाद महिला टीम प्रेरित हुई थी। 24 अक्तूबर को भारत से जापान रवानगी के दौरान टीम के सदस्यों ने संकल्प लिया था कि इस बार हर हाल में महिला हाकी में एशिया कप जीतना है। गुरजीत का कहना है कि इस सफलता के बाद अब टीम का लक्ष्य विश्व कप और ओलंपिक में गोल्ड मेडल लाना है। इन दोनों लक्ष्य को पाने के लिए अभी से टीम की तैयारी रहेगी।
गुरजीत ने 2006 से ही हॉकी खेलना शुरू कर दिया था, जब वह कक्षा छह में थीं। उकनी बड़ी बहन प्रदीप कौर ने उन्हें हॉकी के गुर सिखाए। गुरजीत ने बताया कि उन दिनों खेल के लिए मां हरजीत कौर और पिता सतनाम सिंह का पूरा सहयोग मिलता था। कई शहरों में होने वाले टूर्नामेंटों में छोटे भाई को साथ लेकर वह हाकी खेलने जाती थीं। आज विश्व स्तर पर खेल में जो नाम मिला है, उसके लिए पिता, मां, बड़ी बहन और भाई का पूरा सहयोग रहा है।
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उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक एमसी चौहान ने गुरजीत की जीत पर बधाई दी है। मो. कैफ ने भी ट्वीट कर बधाई दी है। रेलवे अधिकारियों ने निर्णय लिया है कि रेलवे की ओर से उन्हें सम्मानित किया जाएगा। गुरजीत की इस जीत से उत्तर मध्य रेलवे का सम्मान बढ़ा है।
गुरजीत कौर की कोच पुष्पा श्रीवास्तव इस जीत पर बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि इस जीत से इलाहाबाद ही नहीं देश का नाम रोशन हुआ है। कोच के तौर पर यह हमारी भी बहुत बड़ी कामयाबी है। इलाहाबाद हॉकी एसोसिएशन ने गुरजीत कौर को बधाई दी है। भारतीय महिला हॉकी टीम की जीत पर अध्यक्ष सरदार अजीत सिंह, ओलंपियन दानिश, राम बाबू गुप्ता, जहीर उद्दीन, अरशद, इदरीश अनुराग सिन्हा, नरेंद्र श्रीवास्तव, राजेश वर्मा, मो. शाहिद कमाल, हनी गौड़ ने खुशी जाहिर की है।
पूर्व कप्तान और हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया की बड़ी बहन रीना कटारिया भी इलाहाबाद में तैनात हैं। वंदना भी महिला हॉकी टीम में शामिल हैं। यहीं से रीना ने हरिद्वार के गांव औरंगाबाद में अपने परिवार में वंदना की जीत की खबर मां और पिता को दी। रीना के पिता नाहर सिंह अपनी छोटी बेटी की इस कामयाबी पर बेहद खुश हैं।
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मूलरूप से पंजाब के अमृतसर के गांव अजनाल की रहने वाली गुरजीत के पिता किसान हैं और उनका जन्म 25 अक्तूबर 1995 को हुआ था। वह 2016 से इलाहाबाद में डीआरएम आफिस के पर्सनल डिपार्टमेंट में काम कर रहीं हैं। जापान से फोन पर बातचीत के दौरान उन्होंने अमर उजाला को बताया कि हाल ही में हॉकी की पुरुष टीम के एशिया कप जीतने के बाद महिला टीम प्रेरित हुई थी। 24 अक्तूबर को भारत से जापान रवानगी के दौरान टीम के सदस्यों ने संकल्प लिया था कि इस बार हर हाल में महिला हाकी में एशिया कप जीतना है। गुरजीत का कहना है कि इस सफलता के बाद अब टीम का लक्ष्य विश्व कप और ओलंपिक में गोल्ड मेडल लाना है। इन दोनों लक्ष्य को पाने के लिए अभी से टीम की तैयारी रहेगी।
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गुरजीत ने 2006 से ही हॉकी खेलना शुरू कर दिया था, जब वह कक्षा छह में थीं। उकनी बड़ी बहन प्रदीप कौर ने उन्हें हॉकी के गुर सिखाए। गुरजीत ने बताया कि उन दिनों खेल के लिए मां हरजीत कौर और पिता सतनाम सिंह का पूरा सहयोग मिलता था। कई शहरों में होने वाले टूर्नामेंटों में छोटे भाई को साथ लेकर वह हाकी खेलने जाती थीं। आज विश्व स्तर पर खेल में जो नाम मिला है, उसके लिए पिता, मां, बड़ी बहन और भाई का पूरा सहयोग रहा है।
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उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक एमसी चौहान ने गुरजीत की जीत पर बधाई दी है। मो. कैफ ने भी ट्वीट कर बधाई दी है। रेलवे अधिकारियों ने निर्णय लिया है कि रेलवे की ओर से उन्हें सम्मानित किया जाएगा। गुरजीत की इस जीत से उत्तर मध्य रेलवे का सम्मान बढ़ा है।
गुरजीत कौर की कोच पुष्पा श्रीवास्तव इस जीत पर बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि इस जीत से इलाहाबाद ही नहीं देश का नाम रोशन हुआ है। कोच के तौर पर यह हमारी भी बहुत बड़ी कामयाबी है। इलाहाबाद हॉकी एसोसिएशन ने गुरजीत कौर को बधाई दी है। भारतीय महिला हॉकी टीम की जीत पर अध्यक्ष सरदार अजीत सिंह, ओलंपियन दानिश, राम बाबू गुप्ता, जहीर उद्दीन, अरशद, इदरीश अनुराग सिन्हा, नरेंद्र श्रीवास्तव, राजेश वर्मा, मो. शाहिद कमाल, हनी गौड़ ने खुशी जाहिर की है।
पूर्व कप्तान और हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया की बड़ी बहन रीना कटारिया भी इलाहाबाद में तैनात हैं। वंदना भी महिला हॉकी टीम में शामिल हैं। यहीं से रीना ने हरिद्वार के गांव औरंगाबाद में अपने परिवार में वंदना की जीत की खबर मां और पिता को दी। रीना के पिता नाहर सिंह अपनी छोटी बेटी की इस कामयाबी पर बेहद खुश हैं।