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नैक ग्रेडिंग के बाद अब एनआईआरएफ रैंकिंग का इतजार
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नैक ग्रेडिंग के बाद अब एनआईआरएफ रैंकिंग का इंतजार
0 राष्ट्रपति आज जारी करेंगे देश के टॉप 100 शिक्षण संस्थानों की सूची
0 वर्ष 2016 से शुरू हुई रैंकिंग, पिछली बार टॉप 100 से बाहर था इविवि
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की एजेंसी नेशनल इंस्टीट्यूट रैकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) की रैंकिंग सोमवार को जारी की जाएगी। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद दिल्ली से एनआईआरएफ रैंकिंग जारी करेंगे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के लिए भी यह रैंकिंग काफी महत्वपूर्ण, क्योंकि एनआईआरएफ 2016 से लागू हुई थी और तब इविवि टॉप 100 शिक्षण संस्थानों की सूची में थे और पिछले साल विश्वविद्यालय टॉप 100 संस्थानों में भी अपनी जगह नहीं बना सका।
इविवि को इस माह के पहल सप्ताह में नैक ने ‘बी डबल प्लस’ ग्रेडिंग दी है, जो विश्वविद्यालय को 2004 में भी मिली थी। 15 वर्षों बाद भी इविवि को ‘बी डबल प्लस’ ग्रेड मिलने से झटका लगा है। अब एनआईआरएफ की रैंकिंग से उम्मीद है। एनआईआरएफ रैंकिंग की व्यवस्था वर्ष 2016 से लागू की गई थी। पहले यह काम निजी एजेंसियों के जिम्मे था लेकिन तमाम आरोपों के कारण एजेंसियों की ओर से जारी किए जाने वाले आंकड़ों पर सवाल उठनले लगे थे। ऐसे में शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग सरकारी एजेंसी की ओर से जारी किए जाने का निर्णय लिया गया था।
वर्ष 2016 में पहली बार हुई रैंकिंग में इलाहाबाद विश्वविद्यालय को देश भर के विश्वविद्यालयों में 68वां स्थान मिला था जबकि 2017 में विश्वविद्यालय की रैंकिंग तेजी से गिरी और इविवि टॉप 100 में 95वें स्थान पर पहुंच गया था। वहीं, वर्ष 2016 में 23वें स्थान पर रहे एमएनएनआईटी को 2017 के टॉप 100 इंजीनियरिंग कॉलजों की सूची में रैंकिंग में 41वां स्थान मिला था। वर्ष 2018 की रैंकिंग में हालात और बदतर हो गए। देश के टॉप 100 विश्वविद्यालयों की सूची से इलाहाबाद विश्वविद्यालय बाहर हो गया। वहीं, एमएनएनआईटी भी 2018 की रैंकिंग में सात पायदान नीचे चला गया था। अब सबकी नजर सोमवार को जारी होने वाली वर्ष 2019 की एनआईआरएफ रैंकिंग पर टिकी है।
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पहली बार अटल के नाम पर भी रैंकिंग
- इस बार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर भी इनोवेशन अचीवमेंट्स के आधार पर शिक्षण संस्थानों की रैकिंग की जाएगी। यह रैंकिंग पहली बार होगी। इसे ‘अटल रैंकिंग ऑफ इंस्टीट्यूशन ऑन इनोवेशन अचीवमेंट्स’ यानी ‘एआरआईआईए’ का नाम दिया गया है।
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0 राष्ट्रपति आज जारी करेंगे देश के टॉप 100 शिक्षण संस्थानों की सूची
0 वर्ष 2016 से शुरू हुई रैंकिंग, पिछली बार टॉप 100 से बाहर था इविवि
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की एजेंसी नेशनल इंस्टीट्यूट रैकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) की रैंकिंग सोमवार को जारी की जाएगी। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद दिल्ली से एनआईआरएफ रैंकिंग जारी करेंगे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के लिए भी यह रैंकिंग काफी महत्वपूर्ण, क्योंकि एनआईआरएफ 2016 से लागू हुई थी और तब इविवि टॉप 100 शिक्षण संस्थानों की सूची में थे और पिछले साल विश्वविद्यालय टॉप 100 संस्थानों में भी अपनी जगह नहीं बना सका।
इविवि को इस माह के पहल सप्ताह में नैक ने ‘बी डबल प्लस’ ग्रेडिंग दी है, जो विश्वविद्यालय को 2004 में भी मिली थी। 15 वर्षों बाद भी इविवि को ‘बी डबल प्लस’ ग्रेड मिलने से झटका लगा है। अब एनआईआरएफ की रैंकिंग से उम्मीद है। एनआईआरएफ रैंकिंग की व्यवस्था वर्ष 2016 से लागू की गई थी। पहले यह काम निजी एजेंसियों के जिम्मे था लेकिन तमाम आरोपों के कारण एजेंसियों की ओर से जारी किए जाने वाले आंकड़ों पर सवाल उठनले लगे थे। ऐसे में शिक्षण संस्थानों की रैंकिंग सरकारी एजेंसी की ओर से जारी किए जाने का निर्णय लिया गया था।
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वर्ष 2016 में पहली बार हुई रैंकिंग में इलाहाबाद विश्वविद्यालय को देश भर के विश्वविद्यालयों में 68वां स्थान मिला था जबकि 2017 में विश्वविद्यालय की रैंकिंग तेजी से गिरी और इविवि टॉप 100 में 95वें स्थान पर पहुंच गया था। वहीं, वर्ष 2016 में 23वें स्थान पर रहे एमएनएनआईटी को 2017 के टॉप 100 इंजीनियरिंग कॉलजों की सूची में रैंकिंग में 41वां स्थान मिला था। वर्ष 2018 की रैंकिंग में हालात और बदतर हो गए। देश के टॉप 100 विश्वविद्यालयों की सूची से इलाहाबाद विश्वविद्यालय बाहर हो गया। वहीं, एमएनएनआईटी भी 2018 की रैंकिंग में सात पायदान नीचे चला गया था। अब सबकी नजर सोमवार को जारी होने वाली वर्ष 2019 की एनआईआरएफ रैंकिंग पर टिकी है।
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पहली बार अटल के नाम पर भी रैंकिंग
- इस बार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर भी इनोवेशन अचीवमेंट्स के आधार पर शिक्षण संस्थानों की रैकिंग की जाएगी। यह रैंकिंग पहली बार होगी। इसे ‘अटल रैंकिंग ऑफ इंस्टीट्यूशन ऑन इनोवेशन अचीवमेंट्स’ यानी ‘एआरआईआईए’ का नाम दिया गया है।