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नार्थ मलाका, शिवकुटी में पानी को तरसे हजारों लोग
Updated Thu, 05 Jul 2018 12:52 AM IST
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शिवकुटी में पानी को तरसे हजारों लोग
0 पाइप फटने से दिक्कत, बाल्टी लेकर भटके लोग,
0 जलकल विभाग ने नहीं की सुनवाई, गंगा प्रदूषण के जेई ने दिखाई हेकड़ी
0 नार्थ मलाका में 24 घंटे बाद ठीक किया खराब ट्यूबवेल
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। शिवकुटी में गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई का काम लोगों के लिए मुसीबत से कम नहीं है। क्षेत्र की सात गलियों में रहने वाले हजारों लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। पहले लो प्रेशर फिर क्षतिग्रस्त पाइप न जोड़ने से नल सूख गए हैं। पानी के लिए हाहाकार मचा है। महिलाएं घर का काम छोड़कर बाल्टी लेकर पानी भरने के लिए भटक रही हैं।
शिवकुटी पार्षद कमलेश तिवारी ने बताया कि जलकल विभाग के जीएम से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। वहीं इकाई के जेई ने पाइप मरम्मत के बजाए हेकड़ी दिखाई। बकौल पार्षद, जेई ने कहा कि ‘जो करना हो करो, हमारा काम खत्म हो गया है’। वहीं नार्थ मलाका में मंगलवार को खराब मिनी ट्यूबवेल 24 घंटे बाद ठीक किया जा सका। यहां भी लोग पानी के लिए परेशान रहे। शिवकुटी में सती रानी स्कूल की गली, हरिश्चंद्र सिंह की गली, सुंदरबाग, मेजर रमा त्रिपाठी की गली, अनुराधा श्रीवास्तव की गली समेत अन्य गलियों में रहने वालों को हो रही पानी की दिक्कत का कारण गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई का काम बना है। यहां सीवरेज कार्य के दौरान क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों की मरम्मत नहीं कराए जाने से पेयजल किल्लत ने गंभीर रूप धारण कर लिया है। पहले लो प्रेशर से पानी मिला और अब नल सूखे हैं। परेशान लोगों के साथ महिलाएं बाल्टी डिब्बा लेकर दूर-दूर से पानी भरकर लाने को मजबूर हैं। इन गलियों में रहने वाली चंद्रा तिवारी, ऋतु शुक्ला, अनुराधा श्रीवास्तव, शैल भट्ट, कांति देवी आदि महिलाएं दिन में दो बार दूर-दूर से पानी भरकर लाती हैं।
क्षेत्रीय पार्षद कमलेश तिवारी के मुताबिक 15-20 दिन से पानी की किल्लत है। जलकल महाप्रबंधक ने खुद की मौजूदगी लखनऊ में बताकर पल्ला झाड़ लिया। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई का क्षेत्र में काम कराने वाले जेई ने बदमिजाजी दिखाते हुए कहा कि हमारा काम हो गया। अब हमारे विभाग से मतलब नहीं है। ऐेसे परेशान लोग कहां जाएं, बड़ा सवाल बना है। उन्होंने कहा कि इस बारे में डीएम, कमिश्नर, नगर आयुक्त से शिकायत की जाएगी।
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शिवकुटी में पानी को तरसे हजारों लोग
0 पाइप फटने से दिक्कत, बाल्टी लेकर भटके लोग,
0 जलकल विभाग ने नहीं की सुनवाई, गंगा प्रदूषण के जेई ने दिखाई हेकड़ी
0 नार्थ मलाका में 24 घंटे बाद ठीक किया खराब ट्यूबवेल
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। शिवकुटी में गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई का काम लोगों के लिए मुसीबत से कम नहीं है। क्षेत्र की सात गलियों में रहने वाले हजारों लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। पहले लो प्रेशर फिर क्षतिग्रस्त पाइप न जोड़ने से नल सूख गए हैं। पानी के लिए हाहाकार मचा है। महिलाएं घर का काम छोड़कर बाल्टी लेकर पानी भरने के लिए भटक रही हैं।
शिवकुटी पार्षद कमलेश तिवारी ने बताया कि जलकल विभाग के जीएम से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। वहीं इकाई के जेई ने पाइप मरम्मत के बजाए हेकड़ी दिखाई। बकौल पार्षद, जेई ने कहा कि ‘जो करना हो करो, हमारा काम खत्म हो गया है’। वहीं नार्थ मलाका में मंगलवार को खराब मिनी ट्यूबवेल 24 घंटे बाद ठीक किया जा सका। यहां भी लोग पानी के लिए परेशान रहे। शिवकुटी में सती रानी स्कूल की गली, हरिश्चंद्र सिंह की गली, सुंदरबाग, मेजर रमा त्रिपाठी की गली, अनुराधा श्रीवास्तव की गली समेत अन्य गलियों में रहने वालों को हो रही पानी की दिक्कत का कारण गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई का काम बना है। यहां सीवरेज कार्य के दौरान क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों की मरम्मत नहीं कराए जाने से पेयजल किल्लत ने गंभीर रूप धारण कर लिया है। पहले लो प्रेशर से पानी मिला और अब नल सूखे हैं। परेशान लोगों के साथ महिलाएं बाल्टी डिब्बा लेकर दूर-दूर से पानी भरकर लाने को मजबूर हैं। इन गलियों में रहने वाली चंद्रा तिवारी, ऋतु शुक्ला, अनुराधा श्रीवास्तव, शैल भट्ट, कांति देवी आदि महिलाएं दिन में दो बार दूर-दूर से पानी भरकर लाती हैं।
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क्षेत्रीय पार्षद कमलेश तिवारी के मुताबिक 15-20 दिन से पानी की किल्लत है। जलकल महाप्रबंधक ने खुद की मौजूदगी लखनऊ में बताकर पल्ला झाड़ लिया। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई का क्षेत्र में काम कराने वाले जेई ने बदमिजाजी दिखाते हुए कहा कि हमारा काम हो गया। अब हमारे विभाग से मतलब नहीं है। ऐेसे परेशान लोग कहां जाएं, बड़ा सवाल बना है। उन्होंने कहा कि इस बारे में डीएम, कमिश्नर, नगर आयुक्त से शिकायत की जाएगी।
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