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निजीकरण की ओर रेलवे बढ़ा रहा है कदम : शिवगोपाल
Updated Fri, 13 Oct 2017 09:47 PM IST
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निजीकरण की ओर बढ़ रहा रेलवे
0 इलाहाबाद पहुंचे एआईआरएफ के महामंत्री शिवगोपाल मिश्र
0 कहा- रेलवे के अस्पतालों और स्कूलों से हो रही है शुरुआत
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के महामंत्री शिवगोपाल मिश्र ने शुक्रवार को कहा कि रेलवे ने निजीकरण की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। इसकी शुरुआत रेलवे के अस्पतालों एवं स्कूलों से की जा रही है। बोर्ड स्तर पर इसके लिए देश के निजी चिकित्सा संस्थानों से संपर्क किया जा रहा है। रेलवे के इस मंसूबे को एआईआरएफ कामयाब नहीं होने देगी। यहां एक कार्यक्रम में भाग लेने आए एआईआरएफ महामंत्री ने पिछले दिनों हुए रेल हादसे को लेकर कहा कि जब तक निर्माण सामग्री और स्टाफ की कमी रहेगी, तब तक इन हादसों को रोकना मुश्किल है।
उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में स्थायी वार्ता तंत्र (पीएनएम) की बैठक में शामिल होने के लिए इलाहाबाद पहुंचे एआईआरएफ महामंत्री नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन (एनसीआरएमयू) के केंद्रीय कार्यालय में संवाददाताओं से भी रूबरू हुए। उन्होंने रेलवे के निजीकरण के विरोध में केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया। कहा कि देश के 64 बड़े स्टेशनों का पुनर्विकास निजी फर्म द्वारा किया जाना है। निश्चित ही जब स्टेशन का पुनर्विकास हो जाएगा तो उसका सीधा असर आम यात्रियों की जेब पर पड़ेगा। एयरपोर्ट की तर्ज पर स्टेशन में भी प्रवेश करने पर लोगों को अधिक शुल्क चुकाना होगा। कहा कि पहले 45 साल के लिए 64 स्टेशन लीज पर दिए जाने थे, लेकिन अब उनकी मियाद बढ़ाकर 90 वर्ष कर दी गई है।
पिछले दिनों हुई रेल दुर्घटनाओं पर शिवगोपाल ने कहा कि मई 2017 में ही पूर्व रेलमंत्री सुरेश प्रभु को अवगत करा दिया था कि जब तक रेलवे में कर्मचारियों की कमी रहेगी और निर्माण सामग्री बेहतर क्वालिटी की नहीं मिलेगी तब तक हादसे होते ही रहेंगे। कहा कि कर्मचारियों से भी फेडरेशन की ओर से कहा गया है कि वे शार्टकट न अपनाएं। हालांकि, अफसरों के दबाव में ही कर्मचारी शार्टकट अपनाते हैं। शिवगोपाल ने कहा कि कर्मचारियों को दिए जाने वाले प्रशिक्षण में उनके रहने एवं खाने पीने की रेलवे को बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए। देखा गया है कि प्रशिक्षण अवधि में कर्मचारियों के लिए रेलवे द्वारा बेहतर व्यवस्था नहीं की जाती। इस वजह से कर्मचारी तमाम प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिरकत करने से बचते हैं।
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0 इलाहाबाद पहुंचे एआईआरएफ के महामंत्री शिवगोपाल मिश्र
0 कहा- रेलवे के अस्पतालों और स्कूलों से हो रही है शुरुआत
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआईआरएफ) के महामंत्री शिवगोपाल मिश्र ने शुक्रवार को कहा कि रेलवे ने निजीकरण की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। इसकी शुरुआत रेलवे के अस्पतालों एवं स्कूलों से की जा रही है। बोर्ड स्तर पर इसके लिए देश के निजी चिकित्सा संस्थानों से संपर्क किया जा रहा है। रेलवे के इस मंसूबे को एआईआरएफ कामयाब नहीं होने देगी। यहां एक कार्यक्रम में भाग लेने आए एआईआरएफ महामंत्री ने पिछले दिनों हुए रेल हादसे को लेकर कहा कि जब तक निर्माण सामग्री और स्टाफ की कमी रहेगी, तब तक इन हादसों को रोकना मुश्किल है।
उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में स्थायी वार्ता तंत्र (पीएनएम) की बैठक में शामिल होने के लिए इलाहाबाद पहुंचे एआईआरएफ महामंत्री नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन (एनसीआरएमयू) के केंद्रीय कार्यालय में संवाददाताओं से भी रूबरू हुए। उन्होंने रेलवे के निजीकरण के विरोध में केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया। कहा कि देश के 64 बड़े स्टेशनों का पुनर्विकास निजी फर्म द्वारा किया जाना है। निश्चित ही जब स्टेशन का पुनर्विकास हो जाएगा तो उसका सीधा असर आम यात्रियों की जेब पर पड़ेगा। एयरपोर्ट की तर्ज पर स्टेशन में भी प्रवेश करने पर लोगों को अधिक शुल्क चुकाना होगा। कहा कि पहले 45 साल के लिए 64 स्टेशन लीज पर दिए जाने थे, लेकिन अब उनकी मियाद बढ़ाकर 90 वर्ष कर दी गई है।
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पिछले दिनों हुई रेल दुर्घटनाओं पर शिवगोपाल ने कहा कि मई 2017 में ही पूर्व रेलमंत्री सुरेश प्रभु को अवगत करा दिया था कि जब तक रेलवे में कर्मचारियों की कमी रहेगी और निर्माण सामग्री बेहतर क्वालिटी की नहीं मिलेगी तब तक हादसे होते ही रहेंगे। कहा कि कर्मचारियों से भी फेडरेशन की ओर से कहा गया है कि वे शार्टकट न अपनाएं। हालांकि, अफसरों के दबाव में ही कर्मचारी शार्टकट अपनाते हैं। शिवगोपाल ने कहा कि कर्मचारियों को दिए जाने वाले प्रशिक्षण में उनके रहने एवं खाने पीने की रेलवे को बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए। देखा गया है कि प्रशिक्षण अवधि में कर्मचारियों के लिए रेलवे द्वारा बेहतर व्यवस्था नहीं की जाती। इस वजह से कर्मचारी तमाम प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिरकत करने से बचते हैं।
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