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जवाहर बाग कांड
Updated Fri, 21 Jul 2017 10:47 PM IST
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जवाहर बाग कांड-
जांच में देरी पर सीबीआई को हाईकोर्ट की फटकार
- समय बढ़ाने की मांग खारिज, 22 सितंबर को जांच रिपोर्ट पेश करने का आदेश
- अहम गवाहों के बयान नहीं लेने और डीएनए टेस्ट रिपोर्ट को लेकर कोर्ट नाराज
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
मथुरा के जवाहर बाग कांड की जांच कर रही सीबीआई की सुस्त रफ्तार पर हाईकोर्ट ने केंद्रीय एजेंसी को फटकार लगाई है। जांच भी किसी अहम नतीजे पर नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने सीबीआई को हर हाल में जांच दो माह में पूरी कर 22 सितंबर को रिपोर्ट देनेे का निर्देश दिया है। कोर्ट ने जांच की अवधि बढ़ाने की सीबीआई की मांग भी अस्वीकार कर दी है। कहा है कि जांच पूरी कर 22 सितंबर तक सीबीआई कोर्ट गाजियाबाद में चार्जशीट दाखिल की जाए।
कोर्ट ने सीबीआई को दो अलग-अलग मामलों की जांच सौंपी है। एक टीम जवाहर बाग की घटना में अफसरों की संलिप्तता, लापरवाही और राजनीतिक कनेक्शन की जांच करेगी तथा दूसरी टीम दो जून को हुई जवाहर बाग की घटना की जांच करेगी। कोर्ट ने इस मामले के मास्टर माइंड रामवृक्ष यादव की डीएनए टेस्ट रिपोर्ट अभी तक नहीं मिलने पर नाराजगी जताते हुए सीबीआई को फटकार लगाई है। कहा है कि डीएनए रिपोर्ट जल्दी से जल्दी हासिल की जाए। इसी प्रकार से इस घटना में शहीद हुए एसपी मुकुल द्विवेदी और एसआई संतोष यादव के परिजनों और याचिकाकर्ता का बयान दर्ज नहीं करने पर भी सीबीआई को अदालत की नाराजगी झेलनी पड़ी।
एजेंसी के अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि अब तक 92 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और करीब डेढ़ दर्जन गवाहों के बयान दर्ज करने हैं। इस मामले में 101 लोगों को आरोपी बनाया गया है। अधिवक्ता विजयपाल सिंह तोमर और अन्य लोगों की याचिकाओं पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ सुनवाई कर रही है। कोर्ट केआदेश से सीबीआई इस प्रकरण की जांच कर रही है। मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी।
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जांच में देरी पर सीबीआई को हाईकोर्ट की फटकार
- समय बढ़ाने की मांग खारिज, 22 सितंबर को जांच रिपोर्ट पेश करने का आदेश
- अहम गवाहों के बयान नहीं लेने और डीएनए टेस्ट रिपोर्ट को लेकर कोर्ट नाराज
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
मथुरा के जवाहर बाग कांड की जांच कर रही सीबीआई की सुस्त रफ्तार पर हाईकोर्ट ने केंद्रीय एजेंसी को फटकार लगाई है। जांच भी किसी अहम नतीजे पर नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने सीबीआई को हर हाल में जांच दो माह में पूरी कर 22 सितंबर को रिपोर्ट देनेे का निर्देश दिया है। कोर्ट ने जांच की अवधि बढ़ाने की सीबीआई की मांग भी अस्वीकार कर दी है। कहा है कि जांच पूरी कर 22 सितंबर तक सीबीआई कोर्ट गाजियाबाद में चार्जशीट दाखिल की जाए।
कोर्ट ने सीबीआई को दो अलग-अलग मामलों की जांच सौंपी है। एक टीम जवाहर बाग की घटना में अफसरों की संलिप्तता, लापरवाही और राजनीतिक कनेक्शन की जांच करेगी तथा दूसरी टीम दो जून को हुई जवाहर बाग की घटना की जांच करेगी। कोर्ट ने इस मामले के मास्टर माइंड रामवृक्ष यादव की डीएनए टेस्ट रिपोर्ट अभी तक नहीं मिलने पर नाराजगी जताते हुए सीबीआई को फटकार लगाई है। कहा है कि डीएनए रिपोर्ट जल्दी से जल्दी हासिल की जाए। इसी प्रकार से इस घटना में शहीद हुए एसपी मुकुल द्विवेदी और एसआई संतोष यादव के परिजनों और याचिकाकर्ता का बयान दर्ज नहीं करने पर भी सीबीआई को अदालत की नाराजगी झेलनी पड़ी।
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एजेंसी के अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि अब तक 92 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और करीब डेढ़ दर्जन गवाहों के बयान दर्ज करने हैं। इस मामले में 101 लोगों को आरोपी बनाया गया है। अधिवक्ता विजयपाल सिंह तोमर और अन्य लोगों की याचिकाओं पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ सुनवाई कर रही है। कोर्ट केआदेश से सीबीआई इस प्रकरण की जांच कर रही है। मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी।
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