फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   भर्तियां फंसी तो बीत जाएगी आयु सीमा

भर्तियां फंसी तो बीत जाएगी आयु सीमा

Thu, 20 Jul 2017 08:42 PM IST
Updated Thu, 20 Jul 2017 08:42 PM IST
विज्ञापन
भर्तियां फंसी तो बीत जाएगी आयु सीमा
भर्तियां फंसीं तो बीत जाएगी आयु सीमा
विज्ञापन

- हर साल तकरीबन 10 से 15 फीसदी अभ्यर्थी हो जाते हैं ओवर एज
- जांच के कारण भर्तियां अटकीं, एक लाख छात्रों को नुकसान की आशंका

अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में हुई भर्तियों की सीबीआई जांच कराने की घोषणा तो कर दी, लेकिन इसकी वजह से आने वाले समय में तमाम भर्तियां फंस सकती हैं और ऐसे में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र ओवर एज होकर परीक्षाओं से वंचित हो सकते हैं। अभ्यर्थियों को अब इस बात का इंतजार है कि जांच का औपचारिक रूप से आदेश जारी हो और सीबीआई समय से अपना काम शुरू करे, वरना जांच शुरू होने के इंतजार में निर्धारित आयु सीमा बीत जाएगी।
प्रदेश सरकार में सत्ता परिवर्तन होते ही उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से जारी भर्ती प्रक्रिया अचानक रोक दी गई। हालांकि भर्ती प्रक्रिया रुकने के बाद प्रतियोगियों में उम्मीद जगी कि प्रदेश सरकार जल्द ही सीबीआई जांच का निर्णय लेगी, लेकिन सार्वजनकि तौर पर सीबीआई जांच कराए जाने की घोषणा में सरकार को तीन माह बीत गए। इस दौरान हजारों पदों पर भर्ती प्रक्रिया तकरीबन पूरी तरह से ठप रही। अब सीएम ने सीबीआई जांच कराने की घोषणा की है। इसके बाद प्रतियोगियों को अब औपचारिक रूप से आदेश जारी होने का इंतजार है। मौजूदा भर्ती प्रक्रिया पर रोक के कारण भविष्य में होने वाली भर्तियों पर भी असर पड़ने की पूरी संभावना है। ऐसे में आगे चलकर पीसीएस, लोअर, आरओ-एआओ, पीसीएस-जे, एपीओ जैसी भर्तियां शुरू करने में विलंब होता है तो एक लाख से अधिक प्रतियेागी ओवर एज होकर नौकरी की दौड़ से बाहर हो सकते हैं।
विज्ञापन

पीसीएस में तकरीबन पांच लाख, लोअर में तीन से साढ़े तीन लाख, पीसीएज-जे में 70 से 80 हजार, एपीओ में 70 से 80 हजार, आरओ-एसआरओ में तीन से साढ़े तीन लाख प्रतियोगी छात्र बैठते हैं। इसके अलावा अन्य भर्ती संस्थाओं की परीक्षा में भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं। परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रतियोगियों की अधिकतम आयु की गणना पहली जुलाई से की जाती है। एक अनुमान के मुताबिक हर साल 10 फीसदी से 15 फीसदी अभ्यर्थी नौकरी के लिए निर्धारित आयु सीमा पूरी कर लेते हैं। ऐसे में सीबीआई जांच के कारण भर्ती प्रक्रिया में देर होती है तो कम से कम एक लाख प्रतियोगी छात्र ओवर एज होकर परीक्षाओं से वंचित हो हो सकते हैं। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय का कहना है कि भर्तियों में विलंब होने के कारण प्रतियोगियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। सरकार से उनकी दो मांगे हैं। पहली तो सीबीआई जांच समय से शुरू कराई जाए और दूसरी यह कि भर्तियों में देर होती है तो प्रतियोगियों को आवश्यकतानुसार निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में एक से दो वर्ष की छूट प्रदान की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed