फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   12 year old Harsh Dubey becomes one day Adg Prayagraj... you will be surprised to know the reason

UP: 12 साल के हर्ष दुबे बने एक दिन के Adg प्रयागराज...वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

Tue, 05 Jul 2022 01:45 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 05 Jul 2022 01:45 PM IST
सार

कैंसर मरीज हर्ष की मदद के लिए जिले की तीन हस्तियां सामने आई हैं। हर्ष का हौसला बढ़ाने के लिए एडीजी प्रेम प्रकाश ने बॉडी किट देने के साथ उसे एक दिन का एडीजी भी बनाया। हर्ष ने भी एक वरिष्ठ अधिकारी की तरह कार्यालय में बैठक पुलिस की व्यवस्था को समझा।

विज्ञापन
12 year old Harsh Dubey becomes one day Adg Prayagraj... you will be surprised to know the reason
Prayagraj News : हर्ष दुबे एक दिन के लिए प्रयागराज के एडीजी बनाए गए। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कैंसर के मरीज हर्ष दुबे प्रयागराज के एक दिन के लिए एडीजी बनाए गए हैं। हर्ष दुबे के इलाज के लिए एडीजी प्रयागराज प्रेम प्रकाश, डॉक्टर पॉल और समाजसेवी पंकज रिजवानी आगे आए हैं। हर्ष दुबे  बोन कैंसर से पीड़ित है। उसका दो साल से उपचार चल रहा है। रविवार को उन्हें एक दिन लिए एडीजी बनाया गया। इस दौरान तमाम मातहत अधिकारी मौजूद रहे। उन्हें सलामी दी गई। उन्होंने एडीजी से संबंधित कई कार्य भी किए और आदेश जारी किया। 

विज्ञापन



कैंसर मरीज हर्ष की मदद के लिए जिले की तीन हस्तियां सामने आई हैं। हर्ष का हौसला बढ़ाने के लिए एडीजी प्रेम प्रकाश ने बॉडी किट देने के साथ उसे एक दिन का एडीजी भी बनाया। हर्ष ने भी एक वरिष्ठ अधिकारी की तरह कार्यालय में बैठक पुलिस की व्यवस्था को समझा। कई फाइलों पर सिग्नेचर भी किए। कमला नेहरू हॉस्पिटल के डॉक्टर और पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित डॉ. बी. पॉल के साथ ही डॉ. राधारानी घोष, सर्जन विशाल केवलानी और पंकज रिजवानी भी मौजूद रहे।

विज्ञापन

हर्ष के पिता शहर में ई-रिक्शा चलाते हैं। इसलिए एडीजी और अन्य समाजसेवियों ने फैसला किया है कि वह हर्ष के लिए कुछ ऐसा कार्य करेंगे जिससे की उसका मनोबल उठे और वह अपने को गौरवान्वित महसूस करे। इसी क्रम में उसे एक दिन का एडीजी बनाया गया और उससे वह सारे कार्य लिए गए जिसे एडीजी द्वारा किया जाता है। एडीजी की कुर्सी पर बैठने के बाद अधिकारियों ने उसे सलामी दी। यह देख हर्ष के पिता संजय दुबे की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।


हर्ष का इलाज कर रहे डॉ. बी. पॉल का कहना है कि कैंसर मरीज को हमेशा हिम्मत बनाकर रखनी चाहिए। कैंसर लाइलाज बीमारी तो है लेकिन मरीज के अंदर यदि हिम्मत हो और सही इलाज मिले तो कैंसर को हराया भी जा सकता है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed