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अपहरण मामले में भाजपा विधायक अशोक राणा सहित 12 दोषमुक्त
Sat, 25 May 2019 09:48 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 25 May 2019 09:48 PM IST
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ashok rana
- फोटो : प्रयागराज
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अपहरण और छिनैती की घटना का आरोप साबित न होने पर स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने धामपुर बिजनौर के भाजपा विधायक अशोक राणा सहित 12 लोगों को दोषमुक्त कर दिया है। कोर्ट ने झूठी गवाही देने में मुकदमा वादिनी दीपा शर्मा के खिलाफ प्रर्कीण वाद दर्ज कर सात जून को कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एसपीओ हरि ओंकार सिंह और एडीजीसी राजेश गुप्ता को सुनकर दिया है।
घटना पांच जून 2012 रात 11 बजे की बिजनौर के धामपुर की है। वादिनी दीपा शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अशोक राणा का भांजा उदित राणा और अन्य लोग असलहों के साथ घर आकर उसके पति सुबोध कुमार शर्मा का अपहरण कर उसका मोबाइल छीन ले गए थे। अभियुक्तगणों ने जाने से मार देने की धमकी भी दी थी। विवेचना बाद पुलिस ने विधायक अशोक राणा,पियंकर राणा, उदित नारायण, जयवीर सिंह उर्फ पप्पन, सुमित चौाहान, राजबीर गहलौत, अशरफ उर्फ लंगड़ा, राजबीर सिंह, जबर सिंह, रजावत, रोहित कुमार उर्फ सोनू, नीरज प्रताप सिंह के खिलाफ अपहरण और छिनैती की धारा में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था।
अभियोजन द्वारा पेश किए गए गवाहों ने अभियोजन कथानक का समर्थन नहीं किया। वादिनी मुकदमा ने कोर्ट में बयान दिया कि अज्ञात लोग उसके पति का अपहरण कर ले गए थे। अशोक राणा आदि घटना में शामिल नहीं थे। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में विधायक सहित सभी अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया और झूठी गवाही देने पर वादिनी के खिलाफ मुकदमा चलाए जाने का आदेश दिया है।
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घटना पांच जून 2012 रात 11 बजे की बिजनौर के धामपुर की है। वादिनी दीपा शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अशोक राणा का भांजा उदित राणा और अन्य लोग असलहों के साथ घर आकर उसके पति सुबोध कुमार शर्मा का अपहरण कर उसका मोबाइल छीन ले गए थे। अभियुक्तगणों ने जाने से मार देने की धमकी भी दी थी। विवेचना बाद पुलिस ने विधायक अशोक राणा,पियंकर राणा, उदित नारायण, जयवीर सिंह उर्फ पप्पन, सुमित चौाहान, राजबीर गहलौत, अशरफ उर्फ लंगड़ा, राजबीर सिंह, जबर सिंह, रजावत, रोहित कुमार उर्फ सोनू, नीरज प्रताप सिंह के खिलाफ अपहरण और छिनैती की धारा में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था।
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अभियोजन द्वारा पेश किए गए गवाहों ने अभियोजन कथानक का समर्थन नहीं किया। वादिनी मुकदमा ने कोर्ट में बयान दिया कि अज्ञात लोग उसके पति का अपहरण कर ले गए थे। अशोक राणा आदि घटना में शामिल नहीं थे। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में विधायक सहित सभी अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया और झूठी गवाही देने पर वादिनी के खिलाफ मुकदमा चलाए जाने का आदेश दिया है।
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