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आयोग में एआरओ के सभी पद खाली, फंसे परिणाम
Updated Fri, 21 Sep 2018 01:56 AM IST
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आयोग में एआरओ के सभी पद खाली, फंसे परिणाम
0 सहायक समीक्षा अधिकारी के 105, समीक्षा अधिकारी के 45 पद रिक्त
0 परिणाम जारी करने के साथ परीक्षाएं कराना भी यूपीपीएससी के लिए चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) में सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) के सभी पद रिक्त पड़े हैं। वहीं, समीक्षा अधिकारी (आरओ) के भी आधे पद खाली हैं। इसका प्रभाव अब परीक्षाओं और परिणाम पर दिखने लगा है, क्योंकि दोनों ही महत्वपूर्ण कार्य इन्हीं अफसरों के जिम्मे होते हैं। आयोग ने कुछ रिटायर अफसरों को संविदा पर रखे जाने के लिए शासन को प्रस्ताव भी भेजा था लेकिन, इसे अब तक तक मंजूरी नहीं मिली।
आयोग में आरओ और एआरओ की भर्ती एआरओ/एआरओ परीक्षा के माध्यम से होती है। वर्ष 2016 की परीक्षा का परिणाम विवादों के कारण फंसा हुआ है। वहीं, वर्ष 2017 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम भी पांच माह बाद जारी नहीं किया जा सका है। आयोग में एआरओ के 105 पद हैं और सभी रिक्त पड़े हैं। वर्ष 2016 से पहले एआरओ के पद पर जिन अभ्यर्थियों की भर्तियां हुईं थी, उनमें से कई अभ्यर्थियों का चयन या किसी दूसरी बड़ी परीक्षा में हो गया। उन्होंने दूसरी जगह ज्वाइन कर लिया। नतीजा कि वर्तमान में सभी पद खाली पड़े हैं। इसी तरह आयोग में समीक्षा अधिकारी यानी आरओ के 100 पद हैं लेकिन इनमें से 45 पर खाली पड़े हैं।
आरओ/एआरओ-2016 की परीक्षा में कुल 385 पद थे। प्रारंभिक परीक्षा 27 नवंबर 2016 को आयोजित की गई थी। इसमें एआरओ के पद अधिक थे। परीक्षा का पहला पेपर व्हाट्ए एप वायरल हो जाने पर सीबीसीआईडी इस मामले की जांच कर रही है। जांच अब तक पूरी नहीं हुई और परीक्षा परिणाम अटका हुआ है। इसके अलावा आठ अप्रैल को आरओ/एआरओ-2017 की प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के तहत आरओ और एआरओ के 465 पदों पर भर्ती होनी है। इनमें आरओ के काफी अधिक पद है। अगर इन दोनों परीक्षाओं के तहत आरओ एवं एआरओ की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो जाती है तो आयोग में सभी रिक्त पद भर जाएंगे।
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कई परीक्षाएं स्थगित, परिणाम भी अटके
0 अफसरों की पर्याप्त संख्या न होने पर आयोग को कई परीक्षाएं स्थगित करनी पड़ीं। इनमें पीसीएस-2018 की प्रारंभिक परीक्षा, सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा समेत कई परीक्षाएं शामिल हैं, जिन्हें आयोग के कैलेंडर में स्थान तो दिया गया लेकिन परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं। इसके अलावा कई परीक्षाओं के परिणाम भी फंसे हैं। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के तहत राजकीय स्कूलों में शिक्षकों के 10 हजार से अधिक पदों पर भर्ती होनी है। परीक्षा 29 जुलाई को हुई थी लेकिन परिणाम अभी तक नहीं आया। आरओ/एआरओ की आठ अप्रैल को हुई प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम अटका हुआ है। पीसीएस-2016 की मुख्य परीक्षा का परिणाम फंसा हुआ है। इसी तरह कुछ अन्य परीक्षाओं के परिणाम भी अटके हुए हैं।
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0 सहायक समीक्षा अधिकारी के 105, समीक्षा अधिकारी के 45 पद रिक्त
0 परिणाम जारी करने के साथ परीक्षाएं कराना भी यूपीपीएससी के लिए चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) में सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ) के सभी पद रिक्त पड़े हैं। वहीं, समीक्षा अधिकारी (आरओ) के भी आधे पद खाली हैं। इसका प्रभाव अब परीक्षाओं और परिणाम पर दिखने लगा है, क्योंकि दोनों ही महत्वपूर्ण कार्य इन्हीं अफसरों के जिम्मे होते हैं। आयोग ने कुछ रिटायर अफसरों को संविदा पर रखे जाने के लिए शासन को प्रस्ताव भी भेजा था लेकिन, इसे अब तक तक मंजूरी नहीं मिली।
आयोग में आरओ और एआरओ की भर्ती एआरओ/एआरओ परीक्षा के माध्यम से होती है। वर्ष 2016 की परीक्षा का परिणाम विवादों के कारण फंसा हुआ है। वहीं, वर्ष 2017 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम भी पांच माह बाद जारी नहीं किया जा सका है। आयोग में एआरओ के 105 पद हैं और सभी रिक्त पड़े हैं। वर्ष 2016 से पहले एआरओ के पद पर जिन अभ्यर्थियों की भर्तियां हुईं थी, उनमें से कई अभ्यर्थियों का चयन या किसी दूसरी बड़ी परीक्षा में हो गया। उन्होंने दूसरी जगह ज्वाइन कर लिया। नतीजा कि वर्तमान में सभी पद खाली पड़े हैं। इसी तरह आयोग में समीक्षा अधिकारी यानी आरओ के 100 पद हैं लेकिन इनमें से 45 पर खाली पड़े हैं।
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आरओ/एआरओ-2016 की परीक्षा में कुल 385 पद थे। प्रारंभिक परीक्षा 27 नवंबर 2016 को आयोजित की गई थी। इसमें एआरओ के पद अधिक थे। परीक्षा का पहला पेपर व्हाट्ए एप वायरल हो जाने पर सीबीसीआईडी इस मामले की जांच कर रही है। जांच अब तक पूरी नहीं हुई और परीक्षा परिणाम अटका हुआ है। इसके अलावा आठ अप्रैल को आरओ/एआरओ-2017 की प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के तहत आरओ और एआरओ के 465 पदों पर भर्ती होनी है। इनमें आरओ के काफी अधिक पद है। अगर इन दोनों परीक्षाओं के तहत आरओ एवं एआरओ की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो जाती है तो आयोग में सभी रिक्त पद भर जाएंगे।
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कई परीक्षाएं स्थगित, परिणाम भी अटके
0 अफसरों की पर्याप्त संख्या न होने पर आयोग को कई परीक्षाएं स्थगित करनी पड़ीं। इनमें पीसीएस-2018 की प्रारंभिक परीक्षा, सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा समेत कई परीक्षाएं शामिल हैं, जिन्हें आयोग के कैलेंडर में स्थान तो दिया गया लेकिन परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं। इसके अलावा कई परीक्षाओं के परिणाम भी फंसे हैं। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के तहत राजकीय स्कूलों में शिक्षकों के 10 हजार से अधिक पदों पर भर्ती होनी है। परीक्षा 29 जुलाई को हुई थी लेकिन परिणाम अभी तक नहीं आया। आरओ/एआरओ की आठ अप्रैल को हुई प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम अटका हुआ है। पीसीएस-2016 की मुख्य परीक्षा का परिणाम फंसा हुआ है। इसी तरह कुछ अन्य परीक्षाओं के परिणाम भी अटके हुए हैं।