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मौनी अमावस्या का स्नान
Updated Tue, 16 Jan 2018 01:57 AM IST
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अमावस्या पर लगेगी मौन होकर डुबकी
0 सर्वोत्तम काल सुबह 6.20 बजे से 7.20 बजे तक
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
माघ मेले के तीसरे मुख्य स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर मंगलवार को कल्पवासियों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में स्नानार्थी डुबकी लगाएंगे। स्नान का मुहूर्त मंगलवार की सुबह 4:52बजे से शुरू होकर बुधवार की सुबह 7.04 बजे तक रहेगा। श्रद्धालु मौनी अमावस्या स्नानपर्व पर पुण्य की डुबकी लगाकर गंगा पूजन, दान और पितरों के निमित्त श्राद्ध तर्पण करेंगे।
आचार्य अविनाश राय के अनुसार अमावस्या तिथि का संचरण मंगलवार को सुबह 4.52 पर होगा। जो बुधवार की सुबह 7. 04 बजे तक रहेगी। मंगलवार का दिन और अमावस्या का संयोग होने से मणिकांचन संयोग बन रहा है। स्नान का सर्वोत्तम समय सुबह 6.20 बजे से 7.20 बजे तक है।
0 मौनी की डुबकी लगाएंगे संत, शंकराचार्य
मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती, पुरीपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, काशीसुमेरू पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती, स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ, महामंडलेश्वर सतुआबाबा संतोष दास, जगद्गुरु बिनैका बाबा, महामंडलेश्वर माधोदास, अखिल भारतीय दंडी प्रबंधन समिति के संरक्षक स्वामी महेशाश्रम, स्वामी विमलदेव आश्रम, स्वामी सुह्रदानंद, सद्गृहस्थ संत देवप्रभाकर शास्त्री दद्दा जी आदि डुबकी लगाएंगे।
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0 सर्वोत्तम काल सुबह 6.20 बजे से 7.20 बजे तक
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
माघ मेले के तीसरे मुख्य स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर मंगलवार को कल्पवासियों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में स्नानार्थी डुबकी लगाएंगे। स्नान का मुहूर्त मंगलवार की सुबह 4:52बजे से शुरू होकर बुधवार की सुबह 7.04 बजे तक रहेगा। श्रद्धालु मौनी अमावस्या स्नानपर्व पर पुण्य की डुबकी लगाकर गंगा पूजन, दान और पितरों के निमित्त श्राद्ध तर्पण करेंगे।
आचार्य अविनाश राय के अनुसार अमावस्या तिथि का संचरण मंगलवार को सुबह 4.52 पर होगा। जो बुधवार की सुबह 7. 04 बजे तक रहेगी। मंगलवार का दिन और अमावस्या का संयोग होने से मणिकांचन संयोग बन रहा है। स्नान का सर्वोत्तम समय सुबह 6.20 बजे से 7.20 बजे तक है।
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0 मौनी की डुबकी लगाएंगे संत, शंकराचार्य
मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती, पुरीपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, काशीसुमेरू पीठाधीश्वर स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती, स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ, महामंडलेश्वर सतुआबाबा संतोष दास, जगद्गुरु बिनैका बाबा, महामंडलेश्वर माधोदास, अखिल भारतीय दंडी प्रबंधन समिति के संरक्षक स्वामी महेशाश्रम, स्वामी विमलदेव आश्रम, स्वामी सुह्रदानंद, सद्गृहस्थ संत देवप्रभाकर शास्त्री दद्दा जी आदि डुबकी लगाएंगे।
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