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एक रुपये और पचास पैसे के सिक्के अभी भी चलन मेें
Updated Fri, 29 Sep 2017 02:03 AM IST
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एक रुपये और पचास पैसे के अभी सिक्के चलन में
0 लेने से मना नहीं कर सकते दुकानदार, आरबीआई ने आरटीआई में दिया जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
एक रुपये और पचास पैसे के सिक्के अभी भी चलन में हैं। इनको सरकार ने बंद नहीं किया है, इसलिए यह वैधानिक मुद्रा (लीगल टेंडर) है। दुकानदार एक रुपये और पचास पैसे का सिक्का स्वीकार करने से इनकार नहीं कर सकते हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में यह जवाब दिया है। आरबीआई ने दुकानदारों से अपेक्षा की है वे सिक्कों को स्वीकार करने से मना नहीं करेंगे।
इलाहाबाद थरवई के डेरा गदई गांव निवासी अभय कुमार शुक्ल ने सूचना का अधिकार के तहत रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से जानकारी मांगी थी कि क्या एक रुपये के छोटे सिक्कोें को बंद कर दिया गया है। जवाब में आरटीआई का कहना है कि सिक्के अभी भी प्रचलन में हैं, इनको बंद नहीं किया गया है। सिक्का अधिनियम 2011 की धारा 6(1) के तहत एक रुपये या इससे अधिक मूल्य के सिक्के कुल दस हजार तक और पचास पैसे के सिक्के दस रुपये तक भुगतान के लिए दुकानदार स्वीकार करें। सिक्कों के निर्माण के संबंध में मांगी गई सूचना पर आरबीआई ने भारत सरकार की टकसाल को यह प्रश्न अग्रसारित कर दिया है। रिजर्व बैंक का कहना है कि सिक्कों को लेकर बैंकों को समय-समय पर निर्देश जारी किए जाते हैं, जिनको आरबीआई की वेबसाइट पर देखा जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि बाजार में इन दिनों एक रुपये और पचास पैसे के सिक्कों को लेकर खासी किल्लत है। विशेषकर छोटे दुकानदार, ठेले वाले और गुमटी तथा फुु टपाथ दुकानदार ग्राहकों से एक रुपये के छोटे सिक्के स्वीकार नहीं कर रहे हैं। इससे सिक्कोें को बाजार में खपाने में खासी दिक्कत आ रही है। वहीं दुकानदारों को कहना है कि उनकी भी समस्या है। उनका कहना है कि बैंक अपने यहां सिक्के जमा करें तो उन्हें ग्राहकों से लेने में कोई आपत्ति नहीं।
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0 लेने से मना नहीं कर सकते दुकानदार, आरबीआई ने आरटीआई में दिया जवाब
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
एक रुपये और पचास पैसे के सिक्के अभी भी चलन में हैं। इनको सरकार ने बंद नहीं किया है, इसलिए यह वैधानिक मुद्रा (लीगल टेंडर) है। दुकानदार एक रुपये और पचास पैसे का सिक्का स्वीकार करने से इनकार नहीं कर सकते हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में यह जवाब दिया है। आरबीआई ने दुकानदारों से अपेक्षा की है वे सिक्कों को स्वीकार करने से मना नहीं करेंगे।
इलाहाबाद थरवई के डेरा गदई गांव निवासी अभय कुमार शुक्ल ने सूचना का अधिकार के तहत रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से जानकारी मांगी थी कि क्या एक रुपये के छोटे सिक्कोें को बंद कर दिया गया है। जवाब में आरटीआई का कहना है कि सिक्के अभी भी प्रचलन में हैं, इनको बंद नहीं किया गया है। सिक्का अधिनियम 2011 की धारा 6(1) के तहत एक रुपये या इससे अधिक मूल्य के सिक्के कुल दस हजार तक और पचास पैसे के सिक्के दस रुपये तक भुगतान के लिए दुकानदार स्वीकार करें। सिक्कों के निर्माण के संबंध में मांगी गई सूचना पर आरबीआई ने भारत सरकार की टकसाल को यह प्रश्न अग्रसारित कर दिया है। रिजर्व बैंक का कहना है कि सिक्कों को लेकर बैंकों को समय-समय पर निर्देश जारी किए जाते हैं, जिनको आरबीआई की वेबसाइट पर देखा जा सकता है।
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उल्लेखनीय है कि बाजार में इन दिनों एक रुपये और पचास पैसे के सिक्कों को लेकर खासी किल्लत है। विशेषकर छोटे दुकानदार, ठेले वाले और गुमटी तथा फुु टपाथ दुकानदार ग्राहकों से एक रुपये के छोटे सिक्के स्वीकार नहीं कर रहे हैं। इससे सिक्कोें को बाजार में खपाने में खासी दिक्कत आ रही है। वहीं दुकानदारों को कहना है कि उनकी भी समस्या है। उनका कहना है कि बैंक अपने यहां सिक्के जमा करें तो उन्हें ग्राहकों से लेने में कोई आपत्ति नहीं।
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