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जीएन झा में बिजली कनेक् शन पर विवाद
Updated Sun, 06 Aug 2017 08:27 PM IST
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जीएन झा में बिजली कनेक्शन पर विवाद
हॉस्टल के मीटर से जुड़ा अफसर के आवास का कनेक्शन
प्रॉक्टर से शिकायत, इंजीनियर से कनेक्शन काटने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के जीएन झा हॉस्टल में बिजली कनेक्शन को लेकर नया विवाद उत्पन्न हो गया है। हॉस्टल परिसर से बाहर रहने वाले एक अफसर अपने आवास का कनेक्शन भी हॉस्टल के परिसर से जुड़वा लिया है और इसके लिए काफी कम बिल का भुगतान किया जा रहा है। इसका बोझ छात्रों पर पड़ेगा। छात्रों ने मामले की शिकायत चीफ प्रॉक्टर से की, जिसके बाद चीफ प्रॉक्टर ने इंजीनियर को पत्र भेजकर हॉस्टल के मीटर से अफसर के घर का कनेक्शन हटाने को कहा है।
जीएन झा हॉस्टल के सामने इविवि के संपदा अधिकारी का घर है। इस घर का कनेक्शन हॉस्टल के मीटर से जोड़ दिया गया है। घर का बिजली बिल महीने में महज एक हजार रुपये जमा होता है जबकि हॉस्टल के छात्रों को प्रतिमाह आठ सौ रुपये से अधिक देना पड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि तीन कमरों के मकान में एसी, कूलर, फ्रिज आदि तमाम इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है जबकि छात्र बहुत ज्यादा हुआ तो एक कूलर का उपयोग कर लेते हैं। इसके बावजूद एक कमरे में रहने वाले छात्र को भी तकरीबन उतना ही बिल देना पड़ रहा है। छात्रों ने मामले में चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे से लिखित शिकायत की है। चीफ प्रॉक्टर ने बताया कि हॉस्टल के मीटर से संपदा अधिकार के मकान का कनेक्शन कटवाने के लिए उन्होंने इविवि के इंजीनियर को पत्र लिखा है।
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चार में केवल दो मेस में हुई रंगाई-पुताई
वॉश आउट की कार्रवाई के तहत जीएन झा छात्रावास को भी पूरी तरह खाली कराया गया था। इस हॉस्टल में चार मेस हैं लेकिन मरम्मत के नाम पर सिर्फ दो मेस की ही रंगाई-पुताई कराई गई और दो को जर्जर अवस्था में ही छोड़ दिया गया। इससे छात्रों में नाराजगी है।
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हॉस्टल में बनी सड़क की गुणवत्ता पर सवाल
- छात्रों ने जीएन झा हॉस्टल में गेट से मेस तक बनाई गई सड़क की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। छात्रों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गिट्टी आदि दोयम दर्जे की इस्तेमाल की गई। यह सड़क जल्द ही उखड़ जाएगी और लाखों रुपये बर्बाद हो जाएंगे।
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हॉस्टल के मीटर से जुड़ा अफसर के आवास का कनेक्शन
प्रॉक्टर से शिकायत, इंजीनियर से कनेक्शन काटने को कहा
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के जीएन झा हॉस्टल में बिजली कनेक्शन को लेकर नया विवाद उत्पन्न हो गया है। हॉस्टल परिसर से बाहर रहने वाले एक अफसर अपने आवास का कनेक्शन भी हॉस्टल के परिसर से जुड़वा लिया है और इसके लिए काफी कम बिल का भुगतान किया जा रहा है। इसका बोझ छात्रों पर पड़ेगा। छात्रों ने मामले की शिकायत चीफ प्रॉक्टर से की, जिसके बाद चीफ प्रॉक्टर ने इंजीनियर को पत्र भेजकर हॉस्टल के मीटर से अफसर के घर का कनेक्शन हटाने को कहा है।
जीएन झा हॉस्टल के सामने इविवि के संपदा अधिकारी का घर है। इस घर का कनेक्शन हॉस्टल के मीटर से जोड़ दिया गया है। घर का बिजली बिल महीने में महज एक हजार रुपये जमा होता है जबकि हॉस्टल के छात्रों को प्रतिमाह आठ सौ रुपये से अधिक देना पड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि तीन कमरों के मकान में एसी, कूलर, फ्रिज आदि तमाम इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है जबकि छात्र बहुत ज्यादा हुआ तो एक कूलर का उपयोग कर लेते हैं। इसके बावजूद एक कमरे में रहने वाले छात्र को भी तकरीबन उतना ही बिल देना पड़ रहा है। छात्रों ने मामले में चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे से लिखित शिकायत की है। चीफ प्रॉक्टर ने बताया कि हॉस्टल के मीटर से संपदा अधिकार के मकान का कनेक्शन कटवाने के लिए उन्होंने इविवि के इंजीनियर को पत्र लिखा है।
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चार में केवल दो मेस में हुई रंगाई-पुताई
वॉश आउट की कार्रवाई के तहत जीएन झा छात्रावास को भी पूरी तरह खाली कराया गया था। इस हॉस्टल में चार मेस हैं लेकिन मरम्मत के नाम पर सिर्फ दो मेस की ही रंगाई-पुताई कराई गई और दो को जर्जर अवस्था में ही छोड़ दिया गया। इससे छात्रों में नाराजगी है।
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हॉस्टल में बनी सड़क की गुणवत्ता पर सवाल
- छात्रों ने जीएन झा हॉस्टल में गेट से मेस तक बनाई गई सड़क की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। छात्रों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गिट्टी आदि दोयम दर्जे की इस्तेमाल की गई। यह सड़क जल्द ही उखड़ जाएगी और लाखों रुपये बर्बाद हो जाएंगे।