{"_id":"59512a374f1c1b062b8b4804","slug":"11498491447-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिर घिरे उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग के अफसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिर घिरे उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग के अफसर
Updated Mon, 26 Jun 2017 09:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्राचार्यों की गलत नियुक्ति ने फिर पकड़ा तूल
0 निशाने पर उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग के अफसर
0 प्रदेश सरकार के पास शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। विज्ञापन संख्या 39 के तहत गलत तरीके से हुए प्राचार्यों की नियुक्ति के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। नियुक्ति तो पहले ही रद्द की जा चुकी है लेकिन इस बार निशाने पर उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग के अफसर हैं। मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर गलत नियुक्ति के लिए जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से विज्ञापन संख्या 39 के तहत प्राचार्य पदों पर किए गए चयन में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर उच्च न्यायालय ने अप्रैल 2012 और सर्वोच्च न्यायालय ने जुलाई 2016 में इसे निरस्त कर दिया था। न्यायालय के आदेश के बाद गलत तरीके से चयनित 156 प्राचार्यों को उनके पदों से हटा दिया गया था। इनमें से दो प्राचार्यों को तो उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग का सदस्य भी बना दिया गया था लेकिन प्राचार्य पद से हटाए जाने के बाद उन्हें सदस्य के पद से भी हटा दिया गया। इस अनियमितता के खिलाफ शुरू से लड़ाई लड़ रहे सर्वोदय पीजी कॉलेज घोसी मऊ के एसोेसिएट प्रोफेसर डॉ. करुणानिधान उपाध्याय ने पूर्व की सरकार से मांग की थी कि गलत नियुक्ति के लिए जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया। अब इस मामले ने फिर तूल पकड़ लिया है। डॉ. करुणानिधान उपाध्याय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर मांग की है कि गलत नियुक्ति के लिए आयोग के अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
0 निशाने पर उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग के अफसर
0 प्रदेश सरकार के पास शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। विज्ञापन संख्या 39 के तहत गलत तरीके से हुए प्राचार्यों की नियुक्ति के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। नियुक्ति तो पहले ही रद्द की जा चुकी है लेकिन इस बार निशाने पर उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग के अफसर हैं। मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर गलत नियुक्ति के लिए जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से विज्ञापन संख्या 39 के तहत प्राचार्य पदों पर किए गए चयन में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर उच्च न्यायालय ने अप्रैल 2012 और सर्वोच्च न्यायालय ने जुलाई 2016 में इसे निरस्त कर दिया था। न्यायालय के आदेश के बाद गलत तरीके से चयनित 156 प्राचार्यों को उनके पदों से हटा दिया गया था। इनमें से दो प्राचार्यों को तो उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग का सदस्य भी बना दिया गया था लेकिन प्राचार्य पद से हटाए जाने के बाद उन्हें सदस्य के पद से भी हटा दिया गया। इस अनियमितता के खिलाफ शुरू से लड़ाई लड़ रहे सर्वोदय पीजी कॉलेज घोसी मऊ के एसोेसिएट प्रोफेसर डॉ. करुणानिधान उपाध्याय ने पूर्व की सरकार से मांग की थी कि गलत नियुक्ति के लिए जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया। अब इस मामले ने फिर तूल पकड़ लिया है। डॉ. करुणानिधान उपाध्याय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर मांग की है कि गलत नियुक्ति के लिए आयोग के अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन