बारिश से बढ़ी दुश्वारियां: फाफामऊ घाट पर रेत में दफन 11 शव बाहर निकले, हिंदू रीति से किया गया अंतिम संस्कार
बढ़ते जलस्तर से गंगा में हो रही कटान से फाफामऊ श्मशान घाट पर दुश्वारियां बढ़ गई हैं। बारिश के साथ ही यहां इन दिनों सबसे बड़ी समस्या बन गए हैं कोरोना काल में दफनाए गए शव।
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बढ़ते जलस्तर से गंगा में हो रही कटान से फाफामऊ श्मशान घाट पर दुश्वारियां बढ़ गई हैं। बारिश के साथ ही यहां इन दिनों सबसे बड़ी समस्या बन गए हैं कोरोना काल में दफनाए गए शव। सोमवार को फाफामऊ घाट पर बारिश और कटान से रेत में दफनाए गए 11 शवों के निकलने से लोग सकते में आ गए। यह अब तक की सबसे अधिक संख्या है। देर रात तक हिंदू रीति से इन शवों का अंतिम संस्कार कराया गया। इसी के साथ अब तक रेत से निकलने वाले शवों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है।
बारिश से रेती हटने के साथ ही गंगा में तेजी से कटान हो रही है। सोमवार को कटान का दायरा और बढ़ गया। इससे रेत में दबे कई और शव बाहर दिखने लगे। गंगा तट से कुछ फीट की दूरी पर ही कई शवों के मिलने के बाद नगर निगम प्रशासन की चिंता बढ़ गई। दोपहर से शाम तक फाफामऊ घाट पर मजदूरों की मदद से रेती से 11 शव निकलवाए गए। एक साथ इतने शवों के मिलने के बाद नगर निगम प्रशासन को वाहनों से करीब 50 मन से अधिक लकड़ी मंगानी पड़ी।