{"_id":"59f9f27d4f1c1b9f678b87d7","slug":"101509552765-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद को नोटिस
Updated Wed, 01 Nov 2017 09:42 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद को नोटिस
0 नोएडा में फूडपार्क के लिए भूमि आवंटन का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद को फूडपार्क के लिए आवंटित भूमि पर हरे पेड़ों की कटाई के मामले में नोटिस जारी किया है। भूमि का आवंटन यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने किया है। कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद को आवंटित 4500 एकड़ जमीन का दस्तावेज और नक्शा भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
औसाफ और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति अजय भनोट की पीठ सुनवाई कर रही है। याचिका में पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड सेक्टर 24 ग्रेटर नोएडा को जरिए निदेशक/ प्रोपराइटर पक्षकार बनाया गया है। कंपनी को भूमि का आवंटन फूड पार्क बनाने के लिए किया गया है। आरोप है कि आवंटित जमीन का एक हिस्सा 200 बीघे पर याची को लीज पर हरे पेड़ लगाने के लिए 30 वर्षों के लिए पट्टा दिया गया है। इस पर करीब छह हजार हरे पेड़ थे, जिनको काट दिया गया। भूमि आवंटन से पूर्व वन विभाग की अनुमति भी नहीं ली गई है। कोर्ट ने जेसीबी लगाकर पेड़ों को जड़ से उखाड़ने की फोटो भी दाखिल की गई है।
इस पर कोर्ट ने जिला प्रशासन को जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा था। डीएम की रिपोर्ट में बताया गया कि फोटो में जो अधिकारी दिख रहे हैं वह अथॉरिटी के हैं। अथॉरिटी का कहना है कि उसने पेड़ नहीं कटवाए हैं। अथॉरिटी यह तो स्वीकार कर रही है कि पतंजलि आयुर्वेद को उसने जमीन आवंटित की है मगर यह स्वीकार नहीं कर रही है कि पेड़ों की कटाई उसने करवाई है। कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद को भी अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है। याचिका पर 14 नवंबर को सुनवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
0 नोएडा में फूडपार्क के लिए भूमि आवंटन का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद को फूडपार्क के लिए आवंटित भूमि पर हरे पेड़ों की कटाई के मामले में नोटिस जारी किया है। भूमि का आवंटन यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने किया है। कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद को आवंटित 4500 एकड़ जमीन का दस्तावेज और नक्शा भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
औसाफ और अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति अजय भनोट की पीठ सुनवाई कर रही है। याचिका में पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड सेक्टर 24 ग्रेटर नोएडा को जरिए निदेशक/ प्रोपराइटर पक्षकार बनाया गया है। कंपनी को भूमि का आवंटन फूड पार्क बनाने के लिए किया गया है। आरोप है कि आवंटित जमीन का एक हिस्सा 200 बीघे पर याची को लीज पर हरे पेड़ लगाने के लिए 30 वर्षों के लिए पट्टा दिया गया है। इस पर करीब छह हजार हरे पेड़ थे, जिनको काट दिया गया। भूमि आवंटन से पूर्व वन विभाग की अनुमति भी नहीं ली गई है। कोर्ट ने जेसीबी लगाकर पेड़ों को जड़ से उखाड़ने की फोटो भी दाखिल की गई है।
विज्ञापन
इस पर कोर्ट ने जिला प्रशासन को जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा था। डीएम की रिपोर्ट में बताया गया कि फोटो में जो अधिकारी दिख रहे हैं वह अथॉरिटी के हैं। अथॉरिटी का कहना है कि उसने पेड़ नहीं कटवाए हैं। अथॉरिटी यह तो स्वीकार कर रही है कि पतंजलि आयुर्वेद को उसने जमीन आवंटित की है मगर यह स्वीकार नहीं कर रही है कि पेड़ों की कटाई उसने करवाई है। कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद को भी अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है। याचिका पर 14 नवंबर को सुनवाई होगी।
विज्ञापन