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101 वर्ष की सावित्री देवी को नहीं मिला बढ़ी पेंशन का लाभ, पहुंची कोषागार तो मचा हड़कंप
Sat, 02 Jan 2021 08:47 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 02 Jan 2021 08:47 PM IST
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पेंशन
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101 वर्ष की सावित्री देवी उम्र के साथ बढने वाली पेंशन के लिए कोषागार पहुंची तो पूरा महकमा सकते में आ गया। इस दौरान कलक्ट्रेट स्थित कोषागार का नजारा उत्सुकता पैदा करने के साथ हैरत में डालने वाला भी रहा। तत्काल व्हीलचेयर मंगाकर उन्हें भीतर लाया गया। कोषाधिकारी आनंद दुबे उन्हें खुद अपने कमरे में ले गए और उनकी पूरी बात सुनी।
पति के निधन के बाद दारागंज की सावित्री देवी परिवारिक पेंशन ले रही हैं। वह जीवित होने का प्रमाण देने के साथ पेंशन में बढ़ोतरी का आवेदन लेकर भी पहुंची थीं। नियमानुसार 80 वर्ष की उम्र पार करने के बाद हर पांच वर्ष में पेंशन बढ़ती जाती है। इसके विपरीत सावित्री देवी का कहना था कि वे इस लाभ से अब तक वंचित हैं। जबकि, उन्हें 20 वर्ष पहले से ही इस प्रावधान का लाभ मिलना चाहिए थे।
उनका कहना था कि वह हर वर्ष जीवित होने का प्रमाणपत्र देने के साथ आधार कार्ड भी लाती रही हैं। इसके बावजूद उन्हें बढ़ी पेंशन नहीं मिल रही। अफसरों के अनुसार हालांकि बढ़ी पेंशन के लिए उन्होंने आवेदन पहली बार किया। इस तरह से 101 वर्ष की आयु में कोषागार पहुंचने पर अफसरों और कर्मचारियों ने आगे बढक़र उनका स्वागत किया। अफसरों का कहना है कि उनके आवेदन का निस्तारण जल्द कर दिया जाएगा।
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उधर, 100 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनर्स की बात करें तो इनकी संख्या 14 है। इनमें से ज्यादातर ने ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र जमा किया है। यह संख्या भी कलक्ट्रेट परिसर स्थित कोषागार में पंजीकृत पेंशनर्स की है। सिविल लाइंस स्थित कोषागार में पंजीकृत तथा केंद्रीय विभागों से रिटायर होने वाले 100 वर्ष या इससे अधिक उम्र के कर्मचारियों की संख्या इसमें शामिल नहीं है।
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पति के निधन के बाद दारागंज की सावित्री देवी परिवारिक पेंशन ले रही हैं। वह जीवित होने का प्रमाण देने के साथ पेंशन में बढ़ोतरी का आवेदन लेकर भी पहुंची थीं। नियमानुसार 80 वर्ष की उम्र पार करने के बाद हर पांच वर्ष में पेंशन बढ़ती जाती है। इसके विपरीत सावित्री देवी का कहना था कि वे इस लाभ से अब तक वंचित हैं। जबकि, उन्हें 20 वर्ष पहले से ही इस प्रावधान का लाभ मिलना चाहिए थे।
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उनका कहना था कि वह हर वर्ष जीवित होने का प्रमाणपत्र देने के साथ आधार कार्ड भी लाती रही हैं। इसके बावजूद उन्हें बढ़ी पेंशन नहीं मिल रही। अफसरों के अनुसार हालांकि बढ़ी पेंशन के लिए उन्होंने आवेदन पहली बार किया। इस तरह से 101 वर्ष की आयु में कोषागार पहुंचने पर अफसरों और कर्मचारियों ने आगे बढक़र उनका स्वागत किया। अफसरों का कहना है कि उनके आवेदन का निस्तारण जल्द कर दिया जाएगा।
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उधर, 100 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनर्स की बात करें तो इनकी संख्या 14 है। इनमें से ज्यादातर ने ऑनलाइन जीवन प्रमाण पत्र जमा किया है। यह संख्या भी कलक्ट्रेट परिसर स्थित कोषागार में पंजीकृत पेंशनर्स की है। सिविल लाइंस स्थित कोषागार में पंजीकृत तथा केंद्रीय विभागों से रिटायर होने वाले 100 वर्ष या इससे अधिक उम्र के कर्मचारियों की संख्या इसमें शामिल नहीं है।