1000 शहरियों को यमुना विहार में मिलेगा आशियाना, 192 फ्लैट तैयार
- पीडीए बोर्ड की 131 वीं बैठक में हाईकोर्ट कर्मियों के लिए लीडर रोड पर 600 स्टाफ क्वार्टर्स के लिए भूपरिवर्तन को मंजूरी, कमिश्नर का निर्देश प्राथमिकता से पूरे कराए जाएं स्मार्ट सिटी के काम
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शहरियों को नैनी कॉलोनी में निर्माणाधीन यमुना विहार बहुमंजिला आवासीय योजना में जल्द ही करीब एक हजार भवन उपलब्ध होंगे। दो टॉवरों के 192 भवनों का आवंटन की प्रक्रिया प्रचार-प्रसार के साथ की जाएगी। वहीं लीडर रोड पर हाईकोर्ट कर्मियों के लिए प्रस्तावित 600 भवनों के निर्माण की बाधा दूर हो गई है। शासन की मंजूरी पर यहां का भू उपयोग बस टर्मिनल से आवासीय में परिवर्तित कर दिया गया है।
यह निर्णय प्रयागराज विकास प्राधिकरण की 131 वीं बोर्ड की बैठक में लिए गए। अध्यक्षता करते हुए कमिश्नर संजय गोयल ने यमुना विहार बहुमंजिला आवासीय योजना को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। योजना के 11 टावरों में दो का निर्माण पूरा कर लिया गया है। यहां तैयार 192 फ्लैटों की बिक्री प्रचार-प्रसार के साथ की जाएगी।
योजना को जल्द पूरा कराने का प्रस्ताव पारित किया गया। वहीं रिवर फ्रंट वाली हाईटेक सिटी की तैयारियों की समीक्षा की गई। लीडर रोड पर बस टर्मिनल के लिए चिह्नित जमीन के भू परिवर्तन को शासन ने मंजूरी दी तो बोर्ड ने इसे स्वीकार किया। बोर्ड ने बस टर्मिनल की भूमि को आवासीय अनुमोदन दिया है। यहां हाईकोर्ट कर्मियों के लिए 600 भवन बनाए जाने की योजना है।
बोर्ड की बैठक में सदस्य राजेंद्र मिश्र ने कहा कि प्राधिकरण में जिन आवासीय योजनाओं में कई वर्ष पहले धनराशि जमा कराई है, वहां आवंटियों को पूर्व की दरों पर भवन आवंटित किए जाएं। इस प्रस्ताव को विचारार्थ स्वीकार किया गया। बैठक में जिलाधिकारी संजय खत्री, पीडीए सचिव दयानंद प्रसाद, एडीएम कौशाम्बी मनोज, अपर नगर आयुक्त रत्न प्रिया सदस्य राजेंद्र मिश्र, सदस्य रणजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
पहले बने हैं मकान या प्रतिष्ठान तो नहीं होगा ध्वस्तीकरण
पीडीए महायोजना 2031 के प्रस्ताव को तैयार कर रहा है। इससे पहले बने भवनों यानी मकान या प्रतिष्ठानों पर नई योजना के तहत शमन या ध्वस्तीकरण नहीं किया जाएगा। शासन ने सिके लिए नगर योजना एवं विकास अधिनियम -1973 की धारा 16 के तहत उपविधि बनाई है। उपविधि के प्रभावी होने से महायोजना लागू होने से पूर्व निर्मित भवनों के स्वामी पीडीए में निर्धारित प्रारूप में आवेदन कर पार्क, खुले स्थल आदि के उपयोग को जारी रखने की अनुमति प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए मानचित्र की पूर्व में स्वीकृति जरूरी होगी।
विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में कमिश्नर ने स्मार्ट सिटी योजना के तहत कराए जा रहे स्मार्ट सड़कों सहित 21 कार्यों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए। सभी कार्यों की वित्तीय और भौतिक प्रगति की बिंदुवार समीक्षा करते हुए कहा कि निगरानी बढ़ाई जाए। ध्यान रखा जाए कि कार्यों की गुणवत्ता मानक के मुताबिक हो। सड़क निर्माण में आ रही बाधाओं को समन्वय से दूर करने की बात तय की गई।
बिलो टेंडर में नहीं लेंगे अतिरिक्त गारंटी
कोरोना काल के दौरान उत्पन्न दुश्वारियों से काम में आ रही बाधा को दूर करने के लिए पीडीए टेंडर प्रक्रिया में पीडब्ल्यूडी के नियमों का पालन ही करेगा। निर्णय लिया गया कि बिलो टेंडर आए तो पहले की तरह ठेकेदारों से बैंक गारंटी या एफडी न ली जाए। बोर्ड के इस निर्णय से ठेकेदारों को बड़ी राहत मिलेगी।