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चेक बाउंस में डेढ़ साल की कैद, जुर्माना
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प्रयागराज। जिला न्यायालय ने चेक बाउंस का आरोप साबित होने पर अभियुक्त अब्दुल सलाम को डेढ़ साल के कारावास और सात लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम से छह लाख 90 हजार रुपये वादी को देने का निर्देश दिया है। सजा का आदेश अतिरिक्त न्यायाधीश एनआई एक्ट उमाशंकर ने दिया है।
वादी कमलेश कुमार चतुर्वेदी ने परिवाद दाखिल किया था कि उन्होंने अपने पुराने परिचित चौक निवासी अब्दुल सलाम को व्यापार करने के लिए आठ लाख रुपये उधार दिए थे। वादे के अनुसार दिसंबर 2008 तक उसे रकम वापस कर देनी थी। वादी ने जब अब्दुल से रकम वापस मांगी तो पहले उसने 25 हजार रुपये का चेक दिया जो खाते में लगाने पर बाउंस हो गया। फिर 35 हजार का चेक दिया, वह भी बाउंस हो गया। शिकायत पर एक लाख रुपये का चेक दिया, वह भी खाते में लगाने पर बाउंस हो गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अब्दुल को बिना खाते में रकम रखे चेक जारी करने का दोषी पाया और उसे डेढ़ वर्ष के कारावास और सात लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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वादी कमलेश कुमार चतुर्वेदी ने परिवाद दाखिल किया था कि उन्होंने अपने पुराने परिचित चौक निवासी अब्दुल सलाम को व्यापार करने के लिए आठ लाख रुपये उधार दिए थे। वादे के अनुसार दिसंबर 2008 तक उसे रकम वापस कर देनी थी। वादी ने जब अब्दुल से रकम वापस मांगी तो पहले उसने 25 हजार रुपये का चेक दिया जो खाते में लगाने पर बाउंस हो गया। फिर 35 हजार का चेक दिया, वह भी बाउंस हो गया। शिकायत पर एक लाख रुपये का चेक दिया, वह भी खाते में लगाने पर बाउंस हो गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अब्दुल को बिना खाते में रकम रखे चेक जारी करने का दोषी पाया और उसे डेढ़ वर्ष के कारावास और सात लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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